कांगड़ा वैली कार्निवल 2025: कुलदीप शर्मा की नाटी प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक, ड्रोन शो रहा मुख्य आकर्षण
कांगड़ा वैली कार्निवल 2025 की पांचवी संध्या हिमाचली एवं स्थानीय कलाकारों के नाम रही. जिसमें हिमाचल की संस्कृति दर्शाई गई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 29, 2025 at 10:41 AM IST
|Updated : December 29, 2025 at 12:10 PM IST
धर्मशाला: कांगड़ा वैली कार्निवल 2025 की पांचवी सांस्कृतिक संध्या में 'पहाड़ी स्टार नाइट' के रूप में भव्य, रंगारंग और पारंपरिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया. 28 दिसंबर, रविवार को कांगड़ा वैली कार्निवल के संध्या कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति, संगीत और नृत्य की अनुपम छटा देखने को मिली. जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक मंत्रमुग्ध नजर आए. इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
'नाटी किंग' ने मचाया धमाल
पांचवी स्टार नाइट कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुतियों में हिमाचली लोक-संगीत एवं लोकनृत्य का शानदार संगम देखने को मिला. 'नाटी किंग' कुलदीप शर्मा ने अपनी नाटी की प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. इसके अलावा राज जैरी, पूनम भारद्वाज, रमेश्वर शर्मा और सुनील मस्ती ने अपनी शानदार और मनमोहक प्रस्तुतियों से लोक-संगीत की मिठास को मंच पर जीवंत किया. वहीं अनिता ठाकुर (चंबा डांस ग्रुप) द्वारा प्रस्तुत चंबा की पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाया. इस दौरान पंकज डोगरा की हास्य प्रस्तुति ने भी दर्शकों को खूब गुदगुदाया.
ड्रोन शो रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र
वहीं, इस कार्यक्रम विशेष आकर्षण ड्रो शो रहा. अत्याधुनिक ड्रोन शो दर्शकों को बेहद पसंद आया. आधुनिक तकनीक और रोशनी के अद्भुत समन्वय से आकाश में विभिन्न संदेशात्मक एवं आकर्षक आकृतियों का प्रदर्शन किया गया. ड्रोन शो के जरिए हिमाचल की संस्कृति, एकता और विकास से जुड़े संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया. जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे. वहीं, इस अवसर पर पहाड़ी परिधानों में फैशन परेड प्रस्तुत की गई. जो कि दर्शकों को खूब पसंद आई. पहाड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा कार्निवाल की इस विशेष पांचवी संध्या पर एडीएम शिल्पी बेक्टा भी पारंपरिक परिधान में नजर आईं.
"कांगड़ा वैली कार्निवल जिला कांगड़ा की लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने का जरिए है. ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है. पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ती है. प्रदेश सरकार भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं नवाचार से जुड़े आयोजनों को निरंतर सहयोग प्रदान करती रहेगी." - केवल सिंह पठानिया, उप मुख्य सचेतक, हिमाचल प्रदेश सरकार

