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'विधायकों की समस्याओं का समाधान करें अधिकारी', विधायक प्राथमिकता बैठक में CM सुक्खू ने दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को भरोसा दिलाया कि सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर समस्या का समाधान किया जाएगा.

MLA PRIORITY MEETING SHIMLA
विधायक प्राथमिकता बैठक में CM सुक्खू ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश (DIPR)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 7, 2026 at 8:25 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला और कांगड़ा जिला के विधायकों के साथ अहम बैठक की. बैठक के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और विकास संबंधी मांगें रखीं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और अधिकारी इसमें कोई लापरवाही न बरतें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डेटा स्टोरेज जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां दूध और प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, जौ, मक्की और हल्दी पर सबसे अधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है.

शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में हुए एक राष्ट्रीय सर्वे में हिमाचल प्रदेश ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 16 राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पांचवां स्थान हासिल किया है. वर्ष 2021 में राज्य इस सूची में 21वें स्थान पर था. स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल संस्थानों में आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाई जा रही है और जल्द ही सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी.

बजट में शामिल होंगी विधायकों की प्राथमिकताएं

सीएम सुक्खू ने विधायकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की विकास प्राथमिकताएं निर्धारित प्रारूप में जल्द योजना विभाग को सौंपें, ताकि उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सके. उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए.

चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान पर जोर

मुख्यमंत्री ने विधायकों से सरकार द्वारा चलाए जा रहे "चिट्टा मुक्त हिमाचल" अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है.

विधायकों ने रखी अपनी-अपने क्षेत्र के मांगें

रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सीमा कॉलेज में बीएड की कक्षाएं शुरू करने और पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग रखी. शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा ने संपर्क सड़कों की मरम्मत के लिए अलग बजट, पेयजल योजनाओं में तेजी और अंडरग्राउंड डक्ट निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया. नूरपुर विधायक रणबीर निक्का ने मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण पूरा करने और डॉक्टरों के खाली पद भरने की मांग की. इंदौरा विधायक मलेंद्र राजन ने बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा, तटीयकरण कार्य और गन्ना किसानों के लिए शुगर पॉलिसी बनाने का मुद्दा उठाया.

जसवां परागपुर विधायक बिक्रम सिंह ने रक्कड़-शांतला सड़क को सीआरआईएफ में डालने और औद्योगिक क्षेत्र में बिजली व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. ज्वालामुखी विधायक संजय रतन ने हेलीपोर्ट, पॉलिटेक्निक या आईटीआई खोलने और अस्पताल सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया. सुलह विधायक विपिन सिंह परमार, कांगड़ा विधायक पवन काजल, पालमपुर विधायक आशीष बुटेल और बैजनाथ विधायक किशोरी लाल ने स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों, पानी, बस सुविधा और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी विभिन्न मांगें बैठक में रखीं.

सरकार ने दिया भरोसा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी विधायकों को भरोसा दिलाया कि सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनहित से जुड़ी हर समस्या का समाधान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य संतुलित विकास, बेहतर सुविधाएं और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है.

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