40 साल पुरानी सड़क पर व्यक्ति ने किया दावा, रोड बंद होने पर पुलिस के पास पहुंचा मामला
मामले की सूचना मिलने के बाद रानीताल पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 8:03 PM IST
देहरा: सोचिए, जिस सड़क से लोग करीब 40 साल से आते-जाते रहे हों, एक दिन उसी रास्ते पर बड़े-बड़े लकड़ी के लट्ठे रख दिए जाएं और कहा जाए कि अब यहां से कोई नहीं जाएगा. कांगड़ा जिले के देहरा की डोहग प्लोटी पंचायत से कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां करीब 40 साल पुरानी सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने 112 नंबर पर ऑनलाइन शिकायत की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनी. ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से करीब 50 घरों की आवाजाही प्रभावित होगी, जबकि जमीन मालिक इसे अपनी निजी जमीन बता रहे हैं.
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क करीब 40 साल पुरानी है और इसकी लंबाई करीब डेढ़ किलोमीटर है. यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है और लंबे समय से ग्रामीण इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 40 साल पहले रास्ते के लिए जमीन दान की गई थी. इसके बाद यहां सड़क बनाई गई. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने सड़क पर बड़े-बड़े लकड़ी के लट्ठे रखकर रास्ता बंद कर दिया. इसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई.
रास्ता बंद हुआ तो मरीजों को होगी परेशानी
500 से 600 के आसपास की आबादी वाली इस पंचायत के ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर है. ग्रामीणों के अनुसार, इसी सड़क से होकर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र 'बन्ने दी हट्टी' तक पहु्ंचा जाता है. पटवार सर्कल ऑफिस भी इसी रास्ते पर पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सड़क पूरी तरह बंद हो गई, तो मरीजों, बुजुर्गों और आपात स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने में भारी परेशानी होगी, क्योंकि इस रास्ते का कोई दूसरा विकल्प नहीं है.

ग्रामीणों के अनुसार, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के समय इसके लिए प्रकाशो देवी (पत्नी हरि चंद) द्वारा जमीन दान की गई थी. इसके साथ ही, स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए रास्ते की जमीन भी उस समय संबंधित जमीन मालिक के पिता द्वारा दान की गई थी. हालांकि, इसका कोई कागजी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया रास्ता
मामले की सूचना मिलने के बाद रानीताल पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई. इसके बाद जमीन मालिक की ओर से फिलहाल आपात स्थिति में सड़क के इस्तेमाल के लिए छह महीने का समय देने पर सहमति जताई गई. जमीन मालिक ने ग्रामीणों से ये भी कहा कि इस अवधि में वे अपने लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कर लें. छह महीने बाद निजी जमीन से होकर गुजरने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.

पंचायत प्रधान ने मांगा स्थायी समाधान
डोहग प्लोटी पंचायत की प्रधान रीना देवी ने सरकार और प्रशासन से मामले का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह गाड़ी योग्य सड़क करीब 40 साल पुरानी है और इसे खुला रखा जाना चाहिए. इस सड़क से कई गांव जुड़े हैं और लंबे समय से ग्रामीण इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. पंचायत प्रधान ने कहा कि भविष्य में ग्रामीणों और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है.
क्या बोले जमीन मालिक?
जमीन मालिक संजीव कुमार ने कहा कि जिस जमीन से होकर यह रास्ता गुजरता है, वह उनकी निजी भूमि है. उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति के बिना लोग इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना उनकी निजी भूमि पर सड़क का निर्माण और मरम्मत का काम किया गया. इस संबंध में उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई. संजीव कुमार ने कहा कि उन्होंने ग्रामीणों को छह महीने का समय दिया है, ताकि वे अपने लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कर सकें. छह महीने बाद वह अपनी निजी भूमि से होकर गुजरने वाले रास्ते को बंद कर देंगे. उन्होंने कहा कि फिलहाल सिर्फ आपात स्थिति को देखते हुए सड़क के इस्तेमाल की सहमति दी गई है. वहीं, ग्रामीणों के भूमि दान किए जाने के दावे पर संजीव कुमार ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं है. उन्होंने भूमि दान किए जाने के दावे को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि उनकी काफी भूमि पहले ही फोरलेन परियोजना में जा चुकी है और अब वह अपनी और भूमि सड़क के लिए नहीं दे सकते.

क्या कहता है प्रशासन?
एएसपी देहरा नवदीप सिंह ने कहा कि पुलिस मौके पर गई थी. मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है और रास्ता खुलवा दिया गया है. उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई विवाद होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. वहीं, एसडीएम कुलवंत पोटल ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है. कानून के तहत मामले का अध्ययन कर कार्रवाई की जाएगी.
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