कांगेर वैली में सड़क चौड़ीकरण के लिए सशर्त मंजूरी, इस रोड में हो चुके हैं कई हादसे
जगदलपुर से सुकमा को जोड़ने वाली सड़क के 6 किलोमीटर के हिस्से को चौड़ीकरण करने की मंजूरी वन विभाग ने दी

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 27, 2026 at 7:59 PM IST
जगदलपुर: बस्तर जिले के कांगेर वैली नेशनल पार्क में मौजदू एक सड़क के चौड़ीकरण को मंजूरी मिल गई है. जगदलपुर से सुकमा को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क करीब 6 किलोमीटर हिस्से की बदहाली अब खत्म होने की उम्मीद है. लंबे समय से जर्जर हो चुके इस सड़क को लेकर कई प्रदर्शन भी हुए.
वन विभाग से सशर्त अनुमति
खराब सड़क के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. अब वन विभाग से सशर्त अनुमति मिलने पर चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है. वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांगेर वैल्ली नेशनल पार्क में मौजूद नेशनल हाईवे चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से हो रही थी. 6 किलोमीटर की सड़क सिंगल लेन होने के कारण काफी दिक्कतें होती थी.

दूसरे राज्यों को भी जोड़ती है सड़क
यह सड़क नेशलन हाईवे-30 सुकमा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना को जोड़ती है. अब वन विभाग ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर सशर्त अनुमति प्रदान की है. जिससे अब किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं होगी. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया था कि इस चौड़ीकरण की मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाए.

पेड़ों की कटाई को लेकर थी मुश्किल
नेशनल हाईवे 30 राहगीरों के लिए काफी महत्वपूर्ण सड़क मानी जाती है. प्रतिदिन इस रास्ते से हजारों की संख्या में गाड़ियां आवागमन करती है. कांगेर वैली नेशनल पार्क होने की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग को सड़क चौड़ीकरण करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. क्योंकि कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान संचालक पेड़ों की कटाई और पहाड़ों की खुदाई के लिए अनुमति प्रदान नहीं कर रहा था. राष्ट्रीय उद्यान में पेड़ों की कटाई तो दूर की बात जमीन से एक पत्थर भी उखाड़ने की अनुमति किसी को नहीं है.

मशहूर पर्यटन स्थल पहुंचने का रास्ता भी इसी सड़क से
कई बार बड़ी गाड़ियां घाट में फंस जाने की वजह आवागमन बाधित होता था. बारिश के दिनों में यह समस्या काफी गंभीर हो जाती है. जिसके कारण कई सड़क दुर्घनाएं इस 6 किलोमीटर के दायरे में हुई है. इस मार्ग पर न केवल आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा और सुकमा से आने वाली गाड़ियां ही चलती है, बल्कि एशिया के बड़े गुफाओं में गिने जाने वाले कुटुमसर गुफा और करीब 100 फीट की ऊंचाई से गिरते तीरथगढ़ जलप्रपात का दीदार करने पहुंचने वाले पर्यटकों की गाड़ियां भी इस मार्ग से ही होकर गुजरती है. चौड़ीकरण कार्य को मंजूरी मिलने के बाद इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी.

