शिमला आएं तो कमियाना जाना न भूलें, यहां 2.5 km लंबी नेचर ट्रेल करेगी आपका स्वागत
पहाड़ों की रानी शिमला में पर्यटकों के लिए अब एक नया आकर्षण का केंद्र बन रहा- कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 5:19 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, देवदार के जंगल और मनमोहक पर्वतीय नजारों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. इन खूबसूरत पहाड़ों के कारण ही इसे 'पहाड़ों की रानी' भी कहा जाता है. शिमला के ये ही प्रकृति से भरपूर नजारे लोगों को अपनी ओर खींचते हैं, जिसके चलते हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक इस खूबसूरती का दीदार करने के लिए शिमला का रुख करते हैं. यहां आने वाले पर्यटकों के लिए अब एक और नया आकर्षण जुड़ा है- कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल. इस ट्रेल का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना, प्रकृति के प्रति रुचि विकसित करना, जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देना और सतत पर्यटन को बढ़ावा देना है.
2.5 किलोमीटर लंबा नेचर ट्रेल
शिमला की इस परियोजना में न सिर्फ पर्यटन को नया आयाम दिया गया है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, स्थानीय रोजगार और पर्यावरणीय पर्यटन को भी बढ़ावा दिया गया है. करीब 2.5 किलोमीटर लंबे इस कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल को इस तरह विकसित किया गया है कि बच्चे, युवा, बुजुर्ग और प्रकृति प्रेमी सभी इसका आनंद ले सकते हैं. सुरक्षित और प्रमाणित मार्ग के कारण यह ट्रेल पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन रहा है. शिमला की ऑकलैंड टनल से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोआ पंचायत में इस ट्रेल का निर्माण किया गया है. सड़क से सीधे जुड़े होने के कारण यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.

5 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा प्रोजेक्ट
हिमाचल प्रदेश को सालभर में आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में वन विभाग द्वारा 5 करोड़ रुपए की लागत से विकसित महत्वाकांक्षी इको-टूरिज्म एवं नेचर इंटरनेशनल प्रोजेक्ट 'कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल' के प्रथम चरण का मूल्यांकन किया. इस परियोजना में करीब 8 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया गया है, जिसमें 2.5 किलोमीटर का नेचर ट्रेल तैयार किया गया है. इस ट्रेल को खुली ढलान के साथ इस तरह डिजाइन किया गया है कि सभी आयु वर्ग के लोग यहां आसानी से यात्रा कर सकें.

हिमालयी सौंदर्य का अनोखा अनुभव
उप वन संरक्षक अनिकेत वानवे ने बताया कि कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल की सबसे बड़ी खासियत, यहां से दिखने वाले हिमालय के मनोरम दृश्य हैं. ट्रेल पर बने पर्यटक शाली शिखर, महलू शिखर, मशोबरा, नालदेहरा और आसपास की पर्वत श्रृंखलाओं को एक ही जगह से देख सकते हैं. शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर, प्रकृति के बीच का ये नजारा सार्वभौम और ताजगी का एहसास कराता है. इस ट्रेल में इको-टूरिज्म को नई दिशा देना एक महत्वपूर्ण पहल है. परियोजना का उद्देश्य पर्यटन को प्रकृति संरक्षण के साथ जोड़ना है, ताकि पर्यटन का सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके.

सतत पर्यटन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल का विकास सतत पर्यटन के सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित कर किया गया है. इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है. "रोम द हिल्स, रिस्पेक्ट द हिल्स" का संदेश लोगों को वन संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करता है. कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल में प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी दृश्य, बौने उद्यान, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार जैसे कई आयामों से पर्यटन की नई पहचान बनाना इसका उद्देश्य है. इसमें बोनसाई उद्यान भी निर्मित किया गया है.
"कमियाना हिल टॉप नेचर ट्रेल के निर्माण के लिए भारत सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत 5 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है. इसके तहत स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में ट्रेनिंग भी दी जा रही है." - अनिकेत वानवे, उप वन संरक्षक, शिमला

जानवरों के थ्री-डी पैटर्न
उप वन संरक्षक शिमला अनिकेत वानवे ने बताया कि 2.5 किलोमीटर लंबे इस नेचर ट्रेल के दोनों ओर चीड़, देवदार, बांज (ओके) सहित विभिन्न जनजाति के जंगल हैं, जो कि उष्णकटिबंधीय और प्राकृतिक वातावरण का अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं. इसके अलावा संसाधनों के लिए थ्री-डी पैटर्न के जरिए विभिन्न जानवर, हिमाचल के राज्य पक्षी मोनाल और जुजुराना सहित कई पक्षियों की जानकारी चित्रित की गई है. प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए विभिन्न स्थानों पर वॉच टावर स्थापित किए गए हैं और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योग बिंदु भी विकसित किया गया है.

इन उद्यानों को ट्रेल में किया जाएगा विकसित
अनिकेत वानवे ने बताया कि नेचर ट्रेल क्षेत्र में कैक्टस गार्डन, ऑर्किडेरियम और विभिन्न वन्यजीवों के लिए मशरूम उद्यान भी विकसित किए जा रहे हैं. इस नेचर ट्रेल में बच्चों को जानवरों और प्रकृति के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के बारे में भी जानकारी प्राप्त होगी. उप वन संरक्षक ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं और कचरे को सिर्फ डस्टबिन में ही डालें, ताकि नेचर ट्रेल की प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय तक सुरक्षित और अक्षुण्ण बनी रहे. वहीं, ट्रेल के संचालन और प्रबंधन में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के साथ रोजगार दिया जाएगा.

