जूली ने सरकार पर लगाया विधानसभा को गुमराह करने का आरोप, कहा, 'स्कूलों की धरातल पर स्थिति अलग'
जूली ने कहा कि बगावत कर नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों से पार्टी के समर्थन में नाम वापस ले लिया जाएगा.

Published : September 2, 2026 at 7:58 PM IST
अलवर: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति और विधानसभा में दिए गए जवाबों को लेकर राज्य सरकार पर गुमराह करने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान के स्कूलों की स्थिति को लेकर उनकी ओर से विधानसभा में लगाए गए सवाल के जवाब में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें अलवर और अलवर ग्रामीण के आंकड़ों में बदलाव नजर आ रहा है. राजस्थान के आंकड़ों की जांच की जाए, तो इससे भी बड़ी गड़बड़ियां सामने आएंगी. इस मामले में विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी. उन्होंने निकाय चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने खड़े बागियों को मना कर नामांकन वापस कराने की बात कही.
'सरकार के दावे से विपरीत शिक्षा व्यवस्था': प्रतिपक्ष नेता जूली ने बुधवार को अपने कार्यालय पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी ओर से विधानसभा में लगाए गए सवाल के माध्यम से राजस्थान के सरकारी स्कूलों की हकीकत उजागर हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में करीब 4 हजार स्कूल जर्जर घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन कई जगह विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा डबल इंजन सरकार का दावा करती है, लेकिन धरातल पर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के सवा लाख से अधिक पद खाली हैं. इस कारण प्रदेश में 9 लाख से अधिक बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं.
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सरकार पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप: जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसान, कानून व्यवस्था और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करती है, जिससे जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती. उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही.
निर्वाचन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए: जूली ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों से पार्टी के समर्थन में नाम वापस ले लिया जाएगा. वहीं, उन्होंने कहा कि एक मामले में पार्टी के प्रत्याशी को दोषमुक्त किया जा चुका है और पुलिस सत्यापन भी हो चुका है. इसके बावजूद नामांकन खारिज कर दिया गया. इसके लिए पार्टी प्रत्याशी को न तो नोटिस दिया गया और न ही उसका पक्ष सुना गया. उन्होंने कहा कि इस तरह नामांकन खारिज करना नियमों के विरुद्ध है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर कांग्रेस प्रत्याशियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश कर रही है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस बार भी भिवाड़ी नगर निकाय चुनाव में अपना बोर्ड बनाएगी.
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सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप: प्रतिपक्ष नेता जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय में भाजपा के झंडे लगाने के लिए नगर निगम की सरकारी क्रेन का इस्तेमाल किया गया. यह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है. जूली ने कहा कि धौलपुर में रात 9 बजे तक नामांकन जमा किए गए, जबकि भीलवाड़ा और जोधपुर में निर्धारित समय से पहले परिसर में पहुंच चुके लोगों के भी नामांकन जमा नहीं किए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि भिवाड़ी में स्थानीय विधायक करीब दो घंटे तक निर्वाचन अधिकारी के पास बैठे रहे.
'भाजपा चुनाव प्रक्रिया को चाहती है प्रभावित करना': प्रतिपक्ष नेता जूली ने कहा कि प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करने के बाद कार्यालय से लौटना होता है, लेकिन स्थानीय विधायक का निर्वाचन अधिकारियों के पास ही बैठे रहना भाजपा की ओर से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि पार्टी भाजपा के ऐसे प्रयास का विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में कांग्रेस सरकारी तंत्र के दुरुपयोग, आचार संहिता की अवहेलना और दबाव की राजनीति के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी.

