90 वर्षीय बुजुर्ग सहित महिलाओं-युवाओं ने खून से किए हस्ताक्षर, जानें क्या है पूरा मामला
जुखाला कॉलेज में साइंस और कॉमर्स संकाय बंद करने के खिलाफ जनआंदोलन उग्र. लोगों ने खून से किए हस्ताक्षर.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 28, 2026 at 5:00 PM IST
बिलासपुर: राजकीय महाविद्यालय जुखाला में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा जनआंदोलन अब और उग्र चरण में प्रवेश कर गया है. आंदोलन के पांचवें दिन आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने न केवल दो घंटे तक चक्का जाम रखा, बल्कि प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए 'खून से हस्ताक्षर अभियान' भी शुरू कर दिया.
इस अनोखे और उग्र प्रदर्शन में क्षेत्र के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग, भारी संख्या में महिलाओं, युवाओं और स्थानीय लोगों ने अपने खून से हस्ताक्षर कर सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया. आंदोलनकारियों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से दानवी घाटी के लोग इस भीषण गर्मी में शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बावजूद, अब तक प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सुध लेने या बातचीत करने मौके पर नहीं पहुंचा है. प्रशासन के इस अड़ियल और उपेक्षित रवैये के कारण स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्हें चक्का जाम जैसे कड़े कदम उठाने पड़े.
बच्चों के भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़
धरना स्थल पर पहुंचीं नम्होल से जिला परिषद सदस्य सुरभि ठाकुर ने भी इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया और खुद भी खून से हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 'क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए अपना यह छात्र-विरोधी निर्णय तुरंत वापस लेना चाहिए.'
मंत्रियों के घेराव की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल रमेश ठाकुर ने कहा कि आंदोलन को अब तक पूरी तरह से मर्यादित और शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा था. हमने किसी के खिलाफ नारेबाजी भी नहीं की थी, लेकिन सरकार और प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण अब जनता के सब्र का बांध टूट चुका है. अब यह आंदोलन और उग्र होगा. आगामी रणनीति के तहत मंत्रियों का घेराव किया जाएगा, शिमला कूच होगा और सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा.
राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक भेजा जाएगा ज्ञापन
आंदोलनकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान खून से किए गए हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन को ई-मेल के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है. क्षेत्रवासियों ने एक सुर में मांग की है कि राजकीय महाविद्यालय जुखाला में विज्ञान और वाणिज्य संकायों की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से फिर शुरू की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकार में न लटके.
बता दें कि 2 जून को सरकार ने बिलासपुर के जुखाला कॉलेज में कॉर्मस और साइंस की क्लासेज बंद करने की अधिसूचना जारी की थी, जिसके विरोध में लोग पिछले दिनों से धरना प्रदर्शन और चक्का जाम कर रहे हैं.

