संविधान को 'साक्षी' मानकर कलेक्ट्रेट में दो जजों ने की शादी, सादगी की हो रही तारीफ
दो जजों ने संविधान दिवस पर सादगी भरी शादी कर मिसाल पेश की है.

Published : November 27, 2025 at 1:15 PM IST
कोटपूतली-बहरोड : जिला कलेक्टर कार्यालय में संविधान दिवस के अवसर पर एक अनोखी और प्रेरणादायक शादी संपन्न हुई. बानसूर के गांव गूंता शाहपुर निवासी हेमंत मेहरा और हनुमानगढ़ निवासी करीना काला, दोनों न्यायिक अधिकारी ने बिना दहेज, बिना फिजूलखर्ची और संविधान को साक्षी मानकर विवाह कर समाज के लोगों को एक संदेश दिया है.
हेमंत मेहरा वर्तमान में चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) में सिविल न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं और करीना काला प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी हैं. जज हेमंत ने कहा कि वे न्यायिक सेवा में होने के कारण संविधान को सर्वोपरि मानते हैं. इसी सम्मान और आस्था को देखते हुए उन्होंने संविधान दिवस पर ही विवाह करने का निर्णय लिया. इस सादगीपूर्ण समारोह में दोनों परिवारों के साथ जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण मौजूद रहे. अधिकारियों ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर उनके वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं. इन दोनों युवा जजों ने दहेज-विरोध और सामाजिक सादगी का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो हजारों लोगों को प्रेरित करेगा.

पढ़ें. शादी बना सादगी की मिसाल! एक रुपए और नारियल में संपन्न हुआ विधायक की बहन का विवाह
हेमंत को कोरोना काल के बाद मिली पोस्टिंग : हेमंत का जन्म गुंता शाहपुर बानसूर में हुआ था. उन्हें कोरोना काल के बाद पोस्टिंग मिली. साल 2021 में कोरोना काल में गृह क्षेत्र बानसूर में उन्हें ट्रेनिंग पर लगाया गया. इसके बाद उन्हें जोधपुर पोस्टिंग दी गई. प्रोविजनल काल के बाद जयपुर जिला सेशन कोर्ट में पोस्टिंग मिली. हेमंत मेहरा के पिता रिटायर्ड टीचर हैं, जबकि माता गृहणी हैं. उनके बड़े भाई खेती करते हैं. सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट बनने से पहले बानसूर में भी उन्होंने वकालत की थी. वहीं, करीना काला हनुमानगढ़ के नोहर की रहने वाली हैं. उन्होंने आरजेएस की परीक्षा पास की. फिलहाल, उनका प्रशिक्षण काल चल रहा है. उनके पिता एमपी काला रिटायर्ड प्राचार्य हैं, जबकि माता गृहणी हैं.


