हजारीबाग को नशा मुक्त बनाने के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की अनोखी पहल, कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को किया जा रहा है जागरूक
हजारीबाग को नशा मुक्त बनाने के लिए न्यायिक पदाधिकारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं.

Published : January 6, 2026 at 1:36 PM IST
हजारीबाग: जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान न्यायिक पदाधिकारी की ओर से शुरू किया गया है. 5 से 12 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान में आम जनता, स्कूल-कॉलेज के छात्रों को नशे के कारण होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाएगा. नाटक वार्तालाप एवं बिल जागरूकता रैली समिति कार्यक्रम का आयोजन न्यायिक पदाधिकारी करेंगे.
सिविल कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि 5 से 12 जनवरी तक नशामुक्ति जागरूकता अभियान पूरे हजारीबाग में चलाया जाएगा. यह अभियान जिले के सभी पंचायतों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलेगा. इस दौरान जिले के सभी प्रखंड की ज्यादातर पंचायत, स्कूल, काॅलेज, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. यहां लोगों को नुक्कड़ नाटक, बैनरों और सीधे संवाद करके इस अभियान के बारे में बताया जाएगा. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकारण के निर्देशानुसार पूरे देश में नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
हजारीबाग को नशामुक्त क्षेत्र बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तत्पर है और इसमें जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से हरसंभव सहयोग मिल रहा है. जागरूकता के माध्यम से जीवन को समझना है और नशे से दूर रहना है, ऐसी अपील लोगों से की जाएगी. नशा रोकने के लिए बहुत से कानून बनाए गए हैं: रंजीत कुमार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
डालसा अध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि पुलिस और कोर्ट आपस में सामंजस्य बनाकर आरोपियों को दंडित भी कर रहे हैं. इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है. ताकि आने वाले युवा पीढ़ी को बचाया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि अभियान को सफल बनाने में न्यायिक पदाधिकारी, मिडिएटर, पारा वालंटियर समेत अन्य न्यायालय कर्मी अपना योगदान दे रहे हैं.
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