आज की पत्रकारिता मिशन नहीं सिर्फ कमीशन,मोबाइल लेकर कोई भी बन जाता है पत्रकार :अनिल पुसदकर
हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव का आयोजन हुआ.जिसमें सीएम साय समेत वरिष्ठ पत्रकार ने अपने विचार रखे

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 30, 2026 at 6:10 PM IST
रायपुर : राजधानी रायपुर के VIP रोड पर स्थित राम मंदिर के सुंदर सदन में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर रायपुर प्रेस क्लब ने पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव का आयोजन किया है. इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए.उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब के पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ पत्रकारिता जगत में एक नया आयाम स्थापित करेगा. इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी, रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा के साथ ही देश के कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता शानदार के 200 साल पूरे हुए हैं. इस अवसर पर प्रेस क्लब रायपुर ने यहां की पावन धरती पर मार्तंड उत्सव का आयोजन किया है. जिसमें देश भर के वरिष्ठ पत्रकारगण भी उपस्थित हुए हैं. छत्तीसगढ़ की इस धरती में अभिनंदन करते हैं. स्वागत करते हैं. श्री राम के ननिहाल में माता कौशल्या की जन्मभूमि में यह उत्सव दिन भर चलने वाला है. कई सत्रों में चलने वाला है. जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकारों का व्याख्यान होगा.
वैसे भी रायपुर प्रेस क्लब का एक अच्छा इतिहास रहा है. छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता जगत में एक नया आयाम स्थापित करेगा. इस उत्सव से हमारे पत्रकारों का अनुभव और बढ़ेगा. इसके लिए हम पत्रकारों को भी धन्यवाद देना चाहेंगे. इससे हम लोगों को मार्गदर्शन मिलते रहता है. इसके साथ ही हम लोगों को ऊर्जा भी मिलती है- विष्णुदेव साय,सीएम
'आज के पत्रकारों को नहीं है पूरा ज्ञान'
रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार अनिल पुसदकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के आज 200 साल पूरे हो रहे हैं. इसके उपलक्ष्य में यह आयोजन है. बहुत से ऐसे नए पत्रकार साथी हैं, जिनको यही नहीं मालूम है कि हिंदी पत्रकारिता कब शुरू हुई. एक बड़ी चुनौती सोशल मीडिया के रूप में सामने आ रही है. उसके बारे में भी आज चर्चा हो रही है. हम अपने इतिहास को नहीं जानते ऐसे में हम अपना भविष्य कैसे संवारेंगे. उस विषय पर भी चिंतन हुआ है. अभी व्याख्यान माला का आयोजन भी होना है. जिसमें देश के जाने-माने और वरिष्ठ पत्रकार पहुंचे हैं. ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए. जो नई पीढ़ी के छात्र या पत्रकार हैं. उनको यही नहीं मालूम कि उदंड मार्तंड क्या है. पत्रकारिता कैसे शुरू हुई और कब शुरू हुई. किन परिस्थितियों में शुरू हुई.
अनिल पुसदकर के मुताबिक स्वतंत्रता संग्राम के समय जो हमारी पत्रकारिता शुरू हुई वह आजादी था. लेकिन आज मायने बदल गए हैं. आजाद होने के साथ ही पहले जो मिशन होता था. वह आज कमीशन में बदल गया है. पत्रकारिता के सामने चुनौती है. डिजिटल मीडिया है. सोशल मीडिया है. उन सारी बातों पर पहले और आज की पत्रकारिता में काफी फर्क आया है.
पहले की जो पत्रकारिता थी वह मिशन हुआ करती थी. लोग अपना घर पैसा लुटाकर आजादी के लिए लड़ते थे. अंग्रेजों से दुश्मनी लेकर लड़ते थे. लेकिन आज की स्थिति में जो अखबार निकल रहा है. वह कमिशन और विज्ञापन का खेल हो गया है. इसके साथ ही पत्रकारों के लिए भी बहुत चुनौती है. पत्रकारों के लिए जो वेज बोर्ड बने हैं उसका पालन कोई भी संस्था नहीं करती है. पत्रकारिता पत्रकारों के लिए चुनौती बनी हुई है. पत्रकार गिरफ्तार हो जाता है. कानून बने हैं, लेकिन जब सुरक्षा की बात आती है और सरकार के खिलाफ लिखना है या बात करता है तो गिरफ्तार हो जाता है. यदि पत्रकार सरकार के फेवर में बात करता है या लिखना है तो उसे अवार्ड मिलता है- अनिल पुसदकर, वरिष्ठ पत्रकार
मोबाइल लेकर कोई भी पत्रकार बन जाता है
अनिल पुसदकर के मुताबिक ऐसे पत्रकारों के 2 धड़े एक साथ दिखते हैं. एक सरकार के साथ खड़ा है. एक सरकार के खिलाफ खड़ा है. इस तरह की चुनौतियां तो पत्रकारों के सामने है. एक पत्रकार साधारण सा कैमरा या साधारण सा मोबाइल लेकर भी आप पत्रकार बन सकते हैं. उसकी कोई वैधानिक मान्यता नहीं है. उसके लिए ऐसी कोई संस्था भी नहीं बनी है जो उसे नियमित कर सके. पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव के अवसर पर के जी सुरेश निदेशक इंडिया हैबिटेट सेंटर एवं वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद ने इस विषय पर अपना व्याख्यान दिया.
प्रथम सत्र में पत्रकारिता स्याही से स्क्रीन तक इस विषय पर वरिष्ठ पत्रकार एवं समालोचक और चिंतक हर्षवर्धन त्रिपाठी के साथ ही माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार गिरीश पंकज, जगदलपुर के वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक मोहम्मद करीमुद्दीन, आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा अपने विचार व्यक्त करेंगे.
इस कार्यक्रम में दूसरे सत्र में पत्रकारिता न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक इस कार्यक्रम में राष्ट्रवाणी के प्रधान संपादक अमिताभ अग्निहोत्री, बंसल न्यूज़ के प्रधान संपादक शरद द्विवेदी, IBC24 के मैनेजिंग एडिटर विश्वेश ठाकरे, वरिष्ठ पत्रकार रुद्र अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार अनिल पुसदकर इस विषय पर अपना विचार व्यक्त करेंगे.
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