IIT-NIT में दाखिले का दौड़ शुरू, JoSAA ने जारी किया काउंसिलिंग शेड्यूल, 13 जून को आएगी पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट
जेईई एडवांस का रिजल्ट प्रकाशित हो चुका है. अब बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले की होड़ लगेगी. पढ़ें खबर

Published : June 1, 2026 at 7:35 PM IST
पटना : देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और अन्य सरकारी तकनीकी संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है. जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम आने के बाद संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण यानी JoSAA ने काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया है.
JoSAA ने जारी किया काउंसिलिंग शेड्यूल : 2 जून यानी मंगलवार से यह प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. इसके साथ ही देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब काउंसिलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया पर टिक गई हैं. JoSAA के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 2 जून से रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी. छात्र अपनी रैंक के आधार पर आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों में पसंदीदा कॉलेज और ब्रांच का चयन कर सकेंगे.
IIT-NIT में दाखिले का दौड़ शुरू : इस बार भी पूरी काउंसिलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे देशभर के अभ्यर्थी घर बैठे ही भाग ले सकेंगे. काउंसिलिंग के दौरान छात्रों को कॉलेज और ब्रांच चुनने का मौका मिलेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि केवल संस्थान के नाम को देखकर विकल्प भरना बड़ी गलती साबित हो सकती है.
''छात्रों को अपनी रुचि, भविष्य की संभावनाओं, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और ब्रांच की मांग को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए. कई बार बेहतर ब्रांच के साथ किसी अच्छे एनआईटी या ट्रिपल आईटी का विकल्प, कम पसंदीदा ब्रांच वाले आईआईटी से अधिक लाभदायक साबित होता है.''- पीयूष कुमार, शिक्षा विशेषज्ञ

अभ्यर्थी अपनी पसंद में बदलाव भी कर सकेंगे : JoSAA की ओर से 8 जून को पहली मॉक सीट अलॉटमेंट और 10 जून को दूसरी मॉक सीट अलॉटमेंट सूची जारी की जाएगी. इन मॉक अलॉटमेंट का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि उनके द्वारा भरे गए विकल्पों के आधार पर उन्हें कौन-सी सीट मिलने की संभावना है. इसके बाद अभ्यर्थी अपनी पसंद में बदलाव भी कर सकेंगे.
13 जून को आएगी पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट : सबसे अधिक प्रतीक्षित पहला वास्तविक सीट आवंटन परिणाम 13 जून को जारी किया जाएगा. पहली सीट अलॉटमेंट सूची आने के बाद चयनित उम्मीदवारों को सीट स्वीकार करने, आवश्यक शुल्क जमा करने और दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले छात्रों की एलॉटेड सीट रद्द हो जाती है.
62800 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया : JoSAA के माध्यम से इस वर्ष 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 26 ट्रिपल आईटी, आईआईएससी बेंगलुरु, आईआईईएसटी शिबपुर और 56 सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों में दाखिला होगा. कुल मिलाकर 62800 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी. इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह देश की सबसे बड़ी केंद्रीकृत काउंसिलिंग प्रक्रिया मानी जाती है.
दिए जाएंगे ये विकल्प : सीट आवंटन के बाद छात्रों को 'फ्रीज', 'फ्लोट' और 'स्लाइड' जैसे विकल्प भी दिए जाएंगे. यदि कोई छात्र अपनी सीट से संतुष्ट है तो वह 'फ्रीज' विकल्प चुन सकता है. वहीं बेहतर कॉलेज या ब्रांच की उम्मीद रखने वाले छात्र 'फ्लोट' और 'स्लाइड' विकल्प के जरिए अगले राउंड में अपग्रेडेशन का मौका प्राप्त कर सकते हैं.
''काउंसिलिंग के दौरान छात्रों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय पिछले वर्षों के ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक, ब्रांच की लोकप्रियता, कॉलेज की स्थिति और करियर संभावनाओं का विश्लेषण करना चाहिए. सही रणनीति अपनाने वाले छात्र अपनी रैंक के अनुसार बेहतर संस्थान और बेहतर ब्रांच हासिल कर सकते हैं. हर राउंड की सीट अलॉटमेंट सूची, कटऑफ और विकल्पों पर छात्रों की पैनी नजर बनाए रखना होगा, क्योंकि इन्हीं फैसलों से तय होगा कि उनका अगला पड़ाव देश का कौन-सा प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान होगा.''- पीयूष कुमार, शिक्षा विशेषज्ञ
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