Access Bars Therapy : तनाव मुक्ति के लिए एक्सेस बार्स थेरेपी, स्कूलों में बच्चों के लिए उपयोगी
स्कूलोंं में 10वीं व 12वीं के छात्रों का तनाव कम करने के लिए विशेषज्ञ जानकारी देते हैं. जानिए एक्सेस बार्स थेरेपी के बारे में...

Published : August 26, 2026 at 9:59 PM IST
जोधपुर: वर्तमान जीवन शैली के चलते बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी स्ट्रेस का शिकार हो रहे हैं. खास तौर से स्कूली छात्र इसकी चपेट में आते हैं. ऐसे छात्र जो अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ प्रवेश परीक्षा की भी तैयारी करते हैं, उनके लिए दोनों के बीच संतुलन बनाना कठीन होता है. ऐसे बच्चों के स्ट्रेस को कम करने व इससे मुक्त करने में एक्सेस बार्स थेरेपी काफी काम आती हैं.
जोधपुर के रोटरी क्लब मिडटाउन के मार्फत इसके विशेषज्ञ स्कूलोंं में 10वीं व 12वीं के छात्रों का तनाव कम करने के लिए इसके बारे में बताते हैं और उनको थेरेपी देकर तनाव मुक्त कर रहे हैं. साथ में इसका प्रशिक्षण भी दे रहे हैं. कार्यक्रम में एक्सेस बार्स विशेषज्ञ चित्रा सेठिया ने बताया कि इस थेरेपी के तहत 32 निर्धारित बिंदुओं पर हल्के स्पर्श के माध्यम से तनाव कम करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है.
हमने छात्रों को थेरेपी देने के साथ-साथ इसका प्रशिक्षण भी दिया है, जिससे वे इसका भविष्य में इसका लाभ उठा सकें. थेरेपी सत्र के बाद विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मानसिक शांति तथा शारीरिक आराम का अनुभव साझा किया. सेठिया ने बताया कि यह थेरेपी पूरी तरह से प्राकृतिक हैं. छात्रा ने बताया कि इस थेरेपी के बाद उसने काफी हलका महसूस किया.
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की संस्था प्रधान रेणु व्यास ने बताया कि वर्तमान समय में पढ़ाई, परीक्षाओं और विभिन्न अपेक्षाओं के कारण विद्यार्थियों में तनाव बढ़ रहा है. ऐसे में इस प्रकार के सकारात्मक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन के लिए उपयोगी हैं. हमारा प्रयास होगा कि हर माह ऐसे सेशन होंगे तो छात्रो के लिए लाभदायक होंगे. विशेषकर बोर्ड कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाई एवं परीक्षा के तनाव से राहत प्रदान करना तथा मानसिक शांति और सकारात्मकता को बढ़ावा मिलेगा.
क्या होती है एक्सेस बार्स थेरेपी ? : एक्सेस बार्स थेरेपी एक पूरक ऊर्जा-उपचार पद्धति है, जिसमें तनाव, सीमित मान्यताओं और संचित विचारों के विद्युत चुम्बकीय आवेशों को मुक्त करने के लिए सिर पर 32 विशिष्ट बिंदुओं को हल्के से स्पर्श किया जाता है. इस प्रक्रिया को अभ्यासकर्ता 'रनिंग द बार्स' भी कहते हैं. इसमें हल्के स्पर्श से मस्तिष्क की तरंग गतिविधि सक्रिय बीटा तरंगों से बदलकर शिथिल अल्फा या थीटा तरंगों में परिवर्तित हो जाती है, जिससे हल्का महसूस किया जाता है.
32 बिंदुओं के स्पर्श से उपचार : इस थेरेपी में सिर के, चेहरा, कान, सिर के पीछे सहित 32 बिंदुओं को विशेष प्रकार से स्पर्श किया जाता है. प्रत्येक सेशन 60 से 90 मिनट का हो सकता है. यह बिंदु क्रिएटिविटी, क्रिएटिंग कनेक्शंस, क्रिएटिंग लाइफ फॉर्म्स, जॉय , सैडनेस पीस, काम, ग्रेटिट्यूड, काइंडनेस, रीएक्टिवेशन को प्रभावित करते हैं.

