बिहार में सरकारी नौकरी, 300 पदों पर बहाली के लिए नोटिफिकेशन जारी, एक क्लिक में जानें पूरी जानकारी
गृह विभाग में अभियोजन पदाधिकारी के लिए बीपीएससी ने 300 पदों पर वैकेंसी निकाली है. आगे जानें आवेदन के लिए अर्हता क्या है?


Published : February 25, 2026 at 2:39 PM IST
पटना : बिहार लोक सेवा आयोग ने गृह विभाग के अंतर्गत अभियोजन सेवा में अभियोजन पदाधिकारी के कुल 300 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है. यह भर्ती विज्ञापन संख्या 13/2026 के तहत निकाली गई है. आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार योग्य भारतीय अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस भर्ती के जरिए राज्य में अभियोजन सेवा के रिक्त पदों को भरा जाएगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसके लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.bpsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है.
27 फरवरी से शुरू होगा आवेदन : आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 से शुरू होगी. अभ्यर्थी 20 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसलिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा. आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को विस्तृत विज्ञापन और दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके.
300 पदों पर वैकेंसी : रिक्त पदों की श्रेणीवार संख्या की बात करें तो कुल 300 पद निर्धारित किए गए हैं. अनारक्षित वर्ग के लिए 129 पद रखे गए हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 29 पद निर्धारित किए गए हैं. अनुसूचित जाति के लिए 42 पद और अनुसूचित जनजाति के लिए 7 पद आरक्षित किए गए हैं. अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 64 पद तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 25 पद रखे गए हैं. वहीं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 4 पद निर्धारित किए गए हैं.

महिलाओं के लिए 99 पद : इसके अलावा 35 प्रतिशत महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण के अंतर्गत अनारक्षित श्रेणी के 41 पद, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 10 पद, अनुसूचित जाति के 15 पद, अनुसूचित जनजाति के 2 पद, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 22 पद और पिछड़ा वर्ग के 9 पद शामिल हैं.
कुल मिलाकर क्षैतिज आरक्षण के अंतर्गत 99 पद महिलाओं के लिए चिह्नित किए गए हैं. दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की गई है. आयोग के अनुसार दृष्टिबाधित श्रेणी के लिए 3 पद, श्रवण बाधित श्रेणी के लिए 3 पद, अस्थि दिव्यांग श्रेणी के लिए 3 पद और मानसिक अथवा बहु दिव्यांग श्रेणी के लिए 3 पद आरक्षित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के नियमों के अनुसार भूतपूर्व सैनिकों और अन्य आरक्षित श्रेणियों को भी नियमानुसार लाभ दिया जाएगा.

लॉ ग्रेजुएट होना अनिवार्य : शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि स्नातक होना अनिवार्य है. इसके साथ ही नियुक्ति के लिए यह भी जरूरी है कि उम्मीदवार के पास अधिवक्ता के रूप में न्यायालय में प्रैक्टिस करने के लिए पंजीयन होना चाहिए. यानी केवल एलएलबी डिग्री होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बार काउंसिल में निबंधन भी आवश्यक योग्यता के रूप में शामिल किया गया है. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी की शैक्षणिक योग्यता आवेदन की अंतिम तिथि तक पूर्ण होनी चाहिए.
न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष : आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है. आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी. अनारक्षित वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष तय की गई है.
पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष रखी गई है. अनारक्षित वर्ग की महिलाओं के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है. वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष तय की गई है. राज्य सरकार के नियमों के अनुसार दिव्यांग और अन्य विशेष श्रेणियों को आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी.
ऐसे होगा उम्मीदवारों का चयन : आयोग ने यह भी बताया है कि योग्य उम्मीदवारों का चयन तीन चयन प्रक्रिया के तहत होगा जिसमें पहली प्रक्रिया प्रीलिम्स परीक्षा की होगी. प्रीलिम्स परीक्षा में दो पेपर होंगे जिनमें से पहला पेपर सामान्य अध्ययन का 100 अंक का होगा. इसके बाद दूसरा पेपर लॉ के पाठ्यक्रम पर आधारित होगा जो 150 अंकों का होगा. प्रीलिम्स में सफल होने वाले उम्मीदवार मेंस परीक्षा के लिए क्वालीफाई करेंगे, जिसमें आठ विषय की लिखित परीक्षा होगी. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा और साक्षात्कार के बाद चयनित उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी.
लेवल 9 का मिलेगा वेतनमान : लॉ ग्रैजुएट्स में इस वैकेंसी को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि अभियोजन पदाधिकारी का पद राज्य की महत्वपूर्ण सेवाओं में गिना जाता है. इसमें चयनित अभ्यर्थियों को वेतन स्तर 9 के अंतर्गत वेतन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलेंगी. आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही सूचना प्राप्त करें और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचें.
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