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झामुमो का चुनाव आयोग से सवाल, 12 राज्यों में होना है एसआईआर तो कैसे छूट गया असम

झामुमो ने चुनाव आयोग से सवाल किया है कि, 12 राज्यों में होना है मतदाता सूची का एसआईआर तो इससे कैसे छूट गया असम.

JMM raises questions
जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : November 13, 2025 at 8:14 PM IST

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Updated : November 13, 2025 at 8:34 PM IST

3 Min Read
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रांची: झारखंड की सबसे बड़ी और सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने कहा कि चुनाव आयोग वही करता है जो भाजपा को पसंद है.

कई राज्यों में जारी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण और कई राज्यों में आने वाले दिनों में होने वाले एसआईआर कराने की चुनाव आयोग की घोषणा का हवाला देते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने कहा कि 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने SIR के दूसरे चरण के शेड्यूल की घोषणा की थी, जिसमें पांच राज्य ऐसे थे जहां आगामी वर्ष के मध्य तक चुनाव होना है. इसमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल के अलावा बाकी आठ राज्य जिसमें गोआ, अंडमान निकोबार, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश भी हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब कई राज्यों में SIR हो रहा है या होने वाला है तो फिर असम को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है जहां भाजपा की सरकार है.

पत्रकारों से बात करते सुप्रियो भट्टाचार्य (ईटीवी भारत)
असम को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से चुनाव आयोग द्वारा अलग रखने को भाजपा के इशारे पर लिया गया निर्णय करार देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यह फैसला लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है. जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जब चुनाव आयोग ने बंगाल, केरल, पुडुचेरी, गोआ और राजस्थान जैसे राज्यों में SIR की घोषणा की तो असम को इससे क्यों छूट दी गई. जबकि असम ही वह राज्य है जहां भाजपा और केंद्र सरकार घुसपैठियों के मुद्दे को सबसे अधिक उठाती रही है.

सुप्रियो भट्टाचार्य ने सवाल किया कि बिहार में SIR होने के बाद एक भी बांग्लादेशी चिन्हित नहीं हुआ तो असम में प्रक्रिया से बचने की क्या वजह है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा SIR को एक राजनीतिक औजार बनाकर धर्म विशेष के लोगों को मताधिकार से वंचित करना चाहती है.

उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग वही करता है जो भाजपा को पसंद है और जो भाजपा को पसंद नहीं वो आयोग नहीं करता है. यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है. उन्होंने कहा कि असम में SIR नहीं होने के लिए एनआरसी चलने का बहाना बनाया जा रहा है.

JMM ने चेतावनी दी है कि यदि SIR के नाम पर नागरिकों की पहचान कर उन्हें वोट से वंचित किया गया तो यह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा. झामुमो ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने और असम को लेकर अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है. बिहार विधानसभा चुनाव, घाटशिला उपचुनाव में इंडिया ब्लॉक की जीत का दावा करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि कल दो-दो मिठाई खाने का दिन है.

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Last Updated : November 13, 2025 at 8:34 PM IST