JMM का कोचिंग माफिया और BJP पर आरोप, कहा- इनके इशारों पर छात्र आंदोलन को नई दिशा देने की हो रही है राजनीति
झामुमो ने कोचिंग माफिया और बीजेपी पर फिर से आंदोलन खड़ा करने का आरोप लगाया है. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट.

Published : August 21, 2026 at 8:41 PM IST
रांची: झामुमो ने शुक्रवार को केंद्रीय कैंप कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर JPSC-JSSC-CGL गड़बड़ी मामले को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद फिर से राज्य भर में छात्र आंदोलन शुरू करने के पीछे बीजेपी और कोचिंग माफिया के हाथ होने का आरोप लगाया.
पार्टी के हरमू स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय में पार्टी के विधायक हेमलाल मुर्मू और अनंत प्रताप देव ने संवाददाता सम्मेलन कर छात्रों के फिर से शुरू हुए आंदोलन को बीजेपी और कोचिंग माफिया के इशारे पर शुरू हुआ आंदोलन करार दिया है.
कोचिंग माफिया और बीजेपी के इशारे पर आंदोलन को शुरू करने की कोशिश
विधायक हेमलाल मुर्मू ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब JPSC-JSSC सीजीएल की गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने आंदोलन शुरू किया तो उनकी सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ पहले चार कैबिनेट मंत्रियों की कमेटी बनाई, छात्रों से बात की, जब बात नहीं बनी तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाकर आंदोलित छात्रों की सभी मांगें मान ली लेकिन जिनकी नौकरी गई, उनकी याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले के बाद फिर से कोचिंग माफिया और बीजेपी के इशारे पर इस आंदोलन को नई दिशा देकर शुरू करने की कोशिश हो रही है, जिसके तहत राज्यभर में उनके और सहयोगी दलों के नेताओं का पुतला फूंका गया है.
आंदोलन का हुआ राजनीतिकरण!
विधायक हेमलाल मुर्मू और अनंत प्रताप देव ने कहा कि अदालती फैसलों के खिलाफ राज्यभर में उनके नेता के पुतले दहन किए गए, उससे साफ हो गया है कि इस आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया गया है. झामुमो विधायक ने कहा कि राजनीति करने वाली बीजेपी के नेताओं के इशारे पर यह सारा कुछ हो रहा है.
कोर्ट ने किया सरकार के फैसले को स्थगित
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को झारखंड उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में सेवा दे रहे सफल अभ्यर्थियों के द्वारा दाखिल की गई याचिका के आधार पर कोर्ट ने सरकार के फैसले को स्थगित कर दिया और सरकार को 15 दिन में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया है, यह न्यायालय की कार्यवाही है, इस पर टीका टिप्पणी नहीं की जा सकती लेकिन पता नहीं कौन सा शिगूफा छोड़ा जा रहा है और अदालत के फैसले के लिए भी सरकार को जिम्मेवार और दोषी ठहरा कर आंदोलन किया जा रहा है.
छात्रों के कंधे पर बंदूक रख रही है 'भाजपा'
हेमलाल मुर्मू ने कहा कि यह सब कुछ जानकारी होने के बावजूद किया जा रहा है, जो इस ओर इशारा करता है कि 'भाजपा' छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना राजनीतिक हित साधना चाहती है. न्यायपालिका के निर्णय के बाद भी सरकार को दोषी ठहरना, यह किसी भी दृष्टिकोण से सही ठीक हो सकता है.
सरकार ने कहां धोखा दिया है?
हेमलाल मुर्मू ने बताया कि शुक्रवार को आंदोलनकारी और भाजपा के लोग बोल रहे हैं कि सरकार ने छात्रों को धोखा दिया, यह सही नहीं है. सरकार ने कहां धोखा दिया है? यह कोर्ट का निर्णय है और कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, आगे भविष्य में क्या फैसला आता हैं, वह तो बात की बात है लेकिन जिस तरीके से लोग रिएक्ट कर रहे हैं, उसे साफ है कि झारखंड में छात्र आंदोलन राजनीति का खेल बन चुका है. छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का काम किया जा रहा है, ऐसे लोगों को झारखंड की जनता सबक सिखाएगी.
सर्वोपरि है न्यायालय: हेमलाल मुर्मू
एक सवाल के जवाब में झामुमो नेता हेमलाल मुर्मू ने कहा कि न्यायालय सर्वोपरि है और भविष्य में न्यायालय क्या आदेश देती है, उस पर किसी तरह की टीका टिप्पणी करना उचित नहीं होगी. सरकार अपना काउंटर एफिडेविट फाइल करेगी. उसके बाद अदालत का क्या फैसला आता है, वह अदालत के अधिकार क्षेत्र में है.
विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि CID जांच पूरी करने के लिए 4 महीने का समय दिया गया है और सीआईडी, जो कार्रवाई कर रही है, वह पूरे राज्य की जनता देख रही है. अभी तक 12 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, वह जेल की सलाखों के पीछे हैं और अभी भी CID की कार्रवाई जारी है, यह कार्रवाई किस-किस आदमी तक पहुंचेगी, यह तो सीआईडी ही जान रही है, यह हम लोग नहीं बता सकते हैं.
खुद को बचाने के लिए भाजपा में हैं भानु प्रताप शाही: अनंत प्रताप देव
भवनाथपुर से झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने अपने कार्यकाल में क्या-क्या किया है, यह इस राज्य की जनता और भवनाथपुर की जनता अच्छी तरह से जानती है. 130 करोड़ का 'दवा घोटाला' किसने किया, सीबीआई की जांच किसकी चल रही है, यह भी आप लोग अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन यहां पर स्थित है कि 'चोर मचाए शोर' चोर इसलिए शोर मचा रहा है क्योंकि हमने भी सुन रखा है कि उनके द्वारा न्यायालय को भी चैलेंज किया जा रहा है, वह व्यक्ति जो सीबीआई के घेरे में है जिसका ईडी जांच कर रही है, वह आदमी न्यायालय को चैलेंज कर रहा है.
'न्यायालय' को चैलेंज कर रहे हैं भानु प्रताप शाही
अनंत प्रताप देव ने कहा कि भानु प्रताप शाही ही न्यायालय को चैलेंज कर रहे हैं, उन्हें मालूम नहीं है कि उनकी उल्टी गिनती कभी शुरू हो जाएगी. इसी सीबीआई जांच से बचने के लिए भानु प्रताप शाही ने बीजेपी का 'चोला' पहन रखा है ताकि वह अपने घोटाले की जांच और सजा से बच सके.
भानु प्रताप शाही की होगी उल्टी गिनती शुरू: अनंत प्रताप देव
विधायक अनंत प्रताप देव ने बताया कि भानु प्रताप शाही के दामन पर जो दाग लगा है, उसे वह मिटाना चाहते हैं, इसलिए बीजेपी में गए हैं, जो आदमी खुद सीबीआई और ईडी की जांच के घेरे में हो, वह सरकार को क्या सलाह देगा. हेमंत सरकार ने अपना काम बखूबी किया है, जो छात्रों की मांगे थी, उसे माना गया और रही बात न्यायालय की, तो न्यायालय अपना काम करेगी. भानु प्रताप शाही की निश्चित ही आने वाले दिनों में उल्टी गिनती शुरू होगी और जेल के सलाखों के पीछे जाएंगे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों के साथ समझौता करके उन्हें न्याय दिलाने का काम किया है और निश्चित रूप से सरकार उनके साथ है लेकिन जहां तक न्यायालय की बात है, तो न्यायालय अपना काम कर रही हैस उसमें सरकार कहीं नहीं है.
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