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जीवाजी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में माली ने की खुदकुशी, मरने से पहले बोला-मुझे बचाना नहीं

ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में माली ने की खुदकुशी, बुजुर्ग कर्मचारी ने खुद को बचाने से रोका.

GWALIOR GARDENER KILLED HIMSELF
जीवाजी यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में माली ने की खुदकुशी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 2:26 PM IST

3 Min Read
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ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय में एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली. गौर करने वाली बात यह है कि कर्मचारी ने यह आत्मघाती कदम ग्वालियर की सेंट्रल लाइब्रेरी की छत पर उठाया. बताया जा रहा है कि बुजुर्ग कर्मचारी अपना तबादला होने से परेशान था. जब कर्मचारी को घायल हालत में देखा तो छात्रों और कुछ लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

3 हफ्ते पहले एक विभाग से दूसरे में हुआ था ट्रांसफर

असल में ग्वालियर के थाटीपुर का रहने वाला बुजुर्ग अंगद जाटव जीवाजी विश्वविद्यालय में माली के पद पर पदस्थ था. ऐसा आरोप है कि करीब 19 दिन पहले उसका ट्रांसफर जीवाजी विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर से भाषा अध्ययन विभाग में कर दिया गया था, लेकिन तबादले के बावजूद नए विभाग द्वारा उसे जॉइनिंग नहीं दी जा रही थी. जिसके चलते आर्थिक संकट से जूझ रहा माली अंगद तनाव में आ गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया.

मामले की चल रही जांच (ETV Bharat)

यूनिवर्सिटी पहुचंकर दर्ज कराई उपस्थिति, फिर शाम को खुदकुशी

बताया जा रहा है कि, मंगलवार को वह जीवाजी यूनिवर्सिटी में हर दिन की तरह पहुंचा. रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. जिसके बारे में उसने अपनी पत्नी को भी फोन पर जानकारी दी. शाम करीब 7 बजे वह सेंट्रल लाइब्रेरी की छत पर पहुंचा और वहां आत्महत्या कर ली.

अस्पताल ले जुड़े लोगों से बोला-मत बचाओ

जब बुजुर्ग माली आत्मघाती कदम उठाया तो उस वक्त मौजूद कुछ छात्रों और कुछ लोगों ने उसे देख लिया. तो तुरंत उसे घायल अवस्था में अस्पताल लेकर भागे. यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के भाई लक्ष्य ने बताया कि, "जब माली को अस्पताल ले जा रहे थे, तो वह कहता रहा कि, उसे मरना है, इलाज मत कराओ, तबादले को महीना भर होने को है फिर भी जॉइनिंग नहीं दी, मर जाने दो."

इलाज के दौरान तोड़ा दम

घायल माली को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. जहां रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल पहुंची यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने माली की मौत के बाद शव पोस्टमार्टम के किए भिजवाया. साथ ही मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि अब तक मृतक के परिवार से कोई आरोप सामने नहीं आए हैं.

यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना नहीं मिला कोई नोट

वहीं मामले को लेकर जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस खुदकुशी के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं है. जीवाजी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी वे विमलेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि "विश्वविद्यालय को अब तक माली अंगद जाटव के संबंध में किसी तरह का कोई नोट नहीं मिला है और न ही ऐसी कोई बात सामने आयी है कि तबादले में ज्वाइनिंग न मिलने की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया. पुलिस मामले की जांच कर रही है, यदि ऐसा कुछ सामने आएगा तो उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी."