'शराबबंदी से बिहार को बहुत नुकसान हो रहा है, CM नीतीश को सोचना चाहिए', बोले जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में शराब की होम डिलीवरी हो रही है. जनता का पैसा दूसरे राज्य जा रहा है.

Published : February 18, 2026 at 7:38 PM IST
गया : शराबबंदी पर चर्चा हो और जीतन राम मांझी का बयान ना आए भला ऐसे कैसे हो सकता है. आरएलएम के विधायक माधव आनंद द्वारा शराबबंदी की समीक्षा किए जाने की बात उठाई गई, इसपर जीतन राम मांझी ने कहा कि हम तो शुरू से ही कहते रहे हैं कि शराबबंदी नीति गलत नहीं है. शराबबंदी होनी ही चाहिए, लेकिन क्रियान्वयन में गड़बड़ी हो रही है.
''हम नीतीश कुमार से बार-बार बोल रहे हैं. हम धन्यवाद भी उनका देते हैं कि उन्होंने हमारे ही कहने पर तीसरी बार समीक्षा की. तीसरी समीक्षा में प्रावधान है कि जो मामूली रूप से पीकर जा रहा हो तो उसे नहीं पकड़ना है. यहां तक कि पाव भर-आधा सेर घर लेकर जाने वाले को भी नहीं पकड़ना है. किंतु हमारे जो अधिकारी हैं, वह उसी को पकड़ते हैं.''- जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री
'हल्का-फुल्का पीने वाले को पकड़ रहे' : जीतन राम मांझी ने कहा कि हल्का-फुल्का शराब पीकर घर जाने वाले या फिर थोड़ी बहुत शराब लेकर घर जाने वाले को पुलिस वाले पकड़ रहे हैं. वहीं हजारों-लाखों लीटर शराब की जो तस्करी कर रहे हैं, उनको पैसा लेकर छोड़ा जा रहा है. इन बातों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समीक्षा करनी चाहिए.
''शराबबंदी से बिहार सरकार को बहुत आर्थिक क्षति हो रही है. इस पर भी सीएम को सोचना चाहिए. बिहार में शराबबंदी तो हो नहीं पा रही है, यहां होम डिलीवरी हो रही है. महंगी शराब बिहार में आ रही है और जनता का पैसा तो बाहर जा रहा है. इस पर विचार करना चाहिए.''- जीतन राम मांझी, केन्द्रीय मंत्री
'शराब के नाम पर जहर पी रहे हैं' : केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि शराबबंदी के कारण कई गरीब लोग बहकावे में आकर शराब बनाते हैं. शराब बनाने की प्रक्रिया 2 घंटे में ही पूरी कर लेते हैं, तो वह जहरीली शराब होती है. वह शराब गरीब लोग पीते हैं. इस तरह से वह जहर पी रहे हैं. इसके चलते भी हमारे सिविल कास्ट के लोगों की मौतें कम उम्र में हो रही है.
''हमारे विशु भैया भी इसी के कारण पांच साल पहले चले गए. यह हमारे साथ काम करने वाले थे. विशु मांझी 5 साल पहले दुनिया से चले गए, क्योंकि वह वैसी शराब पी रहे थे, जो जहर के समान होता है.''- जीतन राम मांझी, केन्द्रीय मंत्री
'गांव में नौजवान बीमार पड़ रहे हैं' : जीतन राम मांझी ने कहा कि गांव में जाने पर देखते हैं कि नौजवान बीमारियों से पीड़ित है. कहीं न कहीं जहरीली शराब का असर है. कहा कि 6 लाख लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनमें चार लाख शेड्यूल कास्ट के लोग ही हैं. कुछ लोग जमानत पर हैं, तो कोई जमानत लेने की प्रक्रिया में हैं, तो कोई भागे फिर रहे हैं. इस तरह शराबबंदी की समीक्षा होनी चाहिए.
''मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चाहिए कि अपना जो तंत्र है उसे ठोस करें. जिस तरह उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधि व्यवस्था के साम्राज्य को मजबूत कर रहे, एक ध्यान उनका इस ओर भी देना चाहिए कि गरीब लोगों को जो पकड़ते हैं इस पर रोक लगनी चाहिए और कम से कम गिरफ्तारी हो.''- जीतन राम मांझी, केन्द्रीय मंत्री
अभिनेता और राजद नेता खेसारी लाल यादव ने RLM विधायक माधव आनंद द्वारा बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग पर कहा, "बंद उन्होंने (NDA) ही करवाया और समीक्षा भी वे ही करवा रहे हैं? इसे क्या कहें? कि चोरी भी हमने की है और चोर भी हम ही ढ़ूंढ रहे हैं. वे किसकी समीक्षा करेंगे? लापरवाही भी उन्हीं की है." भाजपा सांसद मनोज तिवारी के बयान पर उन्होंने कहा कि मैं मनोज भईया का हमेशा से छोटा भाई रहा हूं और हमेशा रहूंगा. मुझे उनका प्यार पाने के लिए किसी पार्टी में शामिल होने की जरूरत नहीं है.
ये भी पढ़ें:-
बिहार में सत्ता पक्ष ने की शराबबंदी पर समीक्षा की मांग, विजय चौधरी बोले- इसकी जरूरत नहीं
शराबबंदी पर समीक्षा को लेकर बिहार के मंत्री का बड़ा बयान, विधायकों के ब्लड टेस्ट की मांग पर पलटवार

