ETV Bharat / state

'नेपाल जलप्रलय के पीछे चीन का हाथ', केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का दावा

गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नेपाल त्रासदी के लिए चीन को 100% दोषी ठहराते हुए बड़ा बयान दिया है. रिपोर्ट-रत्नेश कुमार

JITAN RAM MANJHI
गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 27, 2026 at 8:05 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

गया: बिहार के गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नेपाल त्रासदी के संबंध में एक बड़ा बयान दिया. जीतन राम मांझी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पड़ोसी देश चीन ही नेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है.

त्रासदी के पीछे चीन: गया में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बारे में विस्तार से सुना और पढ़ा भी है. मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इसमें चीन का बड़ा हाथ है. अगर चीन चाहता तो आज नेपाल में ऐसी भीषण त्रासदी कभी नहीं होती.

जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री (ETV Bharat)

तिब्बत के मुद्दे पर सवाल: चीन के विस्तार पर सवाल उठाते हुए मांझी ने आगे कहा कि एक तरफ चीन दुनिया को बताता है कि तिब्बत उसका हिस्सा है, तो उसने तिब्बत में आई भीषण बाढ़ को क्यों नहीं रोका? अगर चीन ने समय रहते तिब्बत में बाढ़ को रोक दिया होता तो नेपाल को बाढ़ का सामना नहीं करना पड़ता.

बिहार पर प्रभाव: इस आपदा को बिहार से जोड़ते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि चीन का दावा है कि तिब्बत उसका अपना है, तो उसने वहां बाढ़ को क्यों नहीं रोका? अगर चीन चाहता तो नेपाल को बाढ़ का सामना नहीं करना पड़ता और नतीजतन, हमारे बिहार को भी इस त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ता.

"चीन का दावा है कि तिब्बत उसका अपना है, तो उसने वहां बाढ़ को क्यों नहीं रोका? अगर चीन चाहता तो नेपाल को बाढ़ का सामना नहीं करना पड़ता और नतीजतन, हमारे बिहार को भी इस त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ता."- जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री

नेपाल में बड़े बदलाव: नेपाल की लाचारी और वहां हुई तबाही पर टिप्पणी करते हुए जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि नेपाल से छोड़ा गया पानी उनकी अत्यधिक लाचारी के कारण छोड़ा गया. नेपाल में बाढ़ की इस भयानक त्रासदी के कारण हजारों निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवा दी है.

चीन 100% जिम्मेदार: बिहार की स्थिति पर चर्चा करते हुए मांझी ने आखिर में कहा कि नेपाल में सैकड़ों घर और मकान ढह गए हैं. बिहार में भी ऐसी ही स्थिति पैदा होने वाली थी, लेकिन फिलहाल यहां सब सुरक्षित है. नेपाल त्रासदी के लिए चीन जिम्मेदार है और वहां आई बाढ़ के लिए चीन ही 100% जिम्मेदार है.

नेपाल की त्रासदी: गौरतलब है कि नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण कम से कम 362 लोगों की मौत हो गई और 300 भारतीय नागरिक समेत 750 लापता हैं. 'द काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार लापता लोगों में विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. सुबह के समय आई इस अचानक बाढ़ ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई और लोगों, घरों, वाहनों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बहा ले गई.

सबसे घातक आपदाओं में से एक: बताया जा रहा है कि यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे घातक आपदाओं में से एक है. मध्य नेपाल में कई कस्बे और गांव तबाह हो गए. जरूरी पुल बह गए और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गई. बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ इलाकों में आवाजाही बाधित है. जानकारों का कहना है कि इसकी वजह ग्लेशियर से हुआ हिमस्खलन (avalanche) हो सकता है. राहत बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. भारत की ओर से भी मानवीय सहायता और 37.5 टन आपदा राहत सामग्री भेजी गई है.

इसे भी पढ़ें-

नेपाल में आई भीषण तबाही के बाद भारत को क्या करना चाहिए, 'अगले दो दिन यूपी, बिहार और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए काफी अहम'

'कुछ नहीं बचा', नेपाल बाढ़ के प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाया खौफनाक मंजर, दिल दहला देंगी तस्वीरें