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मां को कैंसर, पैर में चोट, 6 महीने बिस्तर पर रहीं, अब विनेश फोगाट को हराकर चर्चा में मीनाक्षी गोयत

एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल खेल स्टेडियम में मीनाक्षी ने विनेश फोगाट को हरा दिया.

Jind wrestler Meenakshi Goyat defeated Olympian Vinesh Phogat in Asian Games 2026 Selection Trails
विनेश फोगाट को हराकर चर्चा में मीनाक्षी गोयत (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : May 30, 2026 at 10:17 PM IST

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जींद : दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के चयन को लेकर आयोजित किए गए ट्रायल्स के 53 किलोग्राम भार वर्ग में जुलाना की विधायक एवं ओलंपियन विनेश फोगाट को जींद की ही पहलवान मीनाक्षी गोयत ने सेमीफाइनल मुकाबले में 6-4 से मात दी. मीनाक्षी गोयत जींद की बेटी हैं जबकि विनोश फोगाट की शादी जींद के गांव बख्ता खेड़ा में हुई है. एशियाई खेलों की ट्रायल को लेकर चाबरी गांव में उत्साह का माहौल था. ग्रामीणों को विश्वास था कि उनकी बेटी मीनाक्षी इसमें सफलता हासिल करेगी. मीनाक्षी गोयत ने विनेश फोगाट जैसी दिग्गज खिलाड़ी को हरा कर अपनी सफलता की शुरूआत कर दी है. ग्रामीणों का विश्वास है कि मीनाक्षी देश के लिए एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतेगी.

विनेश को सुप्रीम कोर्ट से ट्रायल में खेलने की अनुमति : सुप्रीम कोर्ट से ट्रायल में खेलने की अनुमति मिलने के बाद मैट पर उतरी विनेश को हार का सामना करना पड़ा और अब वो एशियन गेम्स के मुकाबलों में नही खेल पाएंगी. इस जीत के साथ ही मीनाक्षी गोयत अचानक सुर्खियों में आ गई हैं. मीनाक्षी जींद जिले के चाबरी गांव की रहने वाली हैं. गांव चाबरी के सरपंच राकेश ने बताया कि मीनाक्षी चाबरी की रहने वाली हैं और परिवार फिलहाल सोनीपत में रह रहा है. गांव में खुशी का माहौल है.

Jind wrestler Meenakshi Goyat defeated Olympian Vinesh Phogat in Asian Games 2026 Selection Trails
पिता के साथ मीनाक्षी गोयत (ETV Bharat)

तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी मीनाक्षी : मीनाक्षी तीन भाई, बहनों में सबसे बड़ी हैं. उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार जींद से सोनीपत शिफ्ट हो गया था. मीनाक्षी के पिता प्रेम सोनीपत में डेयरी चलाते हैं और परिवार का खर्च उठाने के साथ-साथ उनकी डाइट और ट्रेनिंग का भी पूरा ध्यान रखते हैं. खेल के साथ-साथ मीनाक्षी ने पढ़ाई भी जारी रखी और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री हासिल की.

जॉन सीना पसंदीदा खिलाड़ी : मीनाक्षी के पिता प्रेम गोयत ने कहा कि बेटी मीनाक्षी को बचपन से ही कुश्ती का शौक था. रेसलर जॉन सीना उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं. टीवी पर उन्हें देखकर ही मीनाक्षी ने कुश्ती सीखने का फैसला किया और महज 10 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरू कर दी. शुरुआत में मीनाक्षी को जींद के गांव निडानी स्पोर्ट्स हॉस्टल में दाखिला दिलाया गया था, जहां से उसके कुश्ती करियर की नींव पड़ी. मीनाक्षी की जिंदगी में बड़ा झटका तब लगा जब उनकी मां को कैंसर हो गया. परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा था लेकिन इसी दौरान मीनाक्षी ने अखाड़े में रहकर लगातार अभ्यास जारी रखा. मेहनत रंग लाई और उन्होंने 2016 में सब जूनियर नेशनल में गोल्ड मेडल जीता. साल 2019 में अंडर 23 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान एक मुकाबले में फिसलने से उनके पैर में गंभीर चोट लग गई. चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने कहा था कि उसके लिए सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो सकता है. मीनाक्षी छह महीने से अधिक समय तक बिस्तर पर रहीं. इस दौरान दूसरे खिलाड़ियों को मेडल जीतते देखकर मीनाक्षी हौसला नहीं हारी.

53 किलोग्राम भार वर्ग में पहचान बनाई : हालांकि मीनाक्षी ने हिम्मत नहीं हारी. चोट से उबरने के बाद उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की. वजन कम किया और वापसी की तैयारी में जुट गईं. मेहनत का नतीजा ये रहा कि एक साल के भीतर उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खिताब जीत लिया. इसके बाद उन्होंने 53 किलोग्राम वर्ग में अपनी पहचान बनाई और लगातार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया.

पिछले महीने सिल्वर मेडल जीता : मीनाक्षी ने पिछले महीने सीनियर एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था. नेशनल लेवल पर दो बार चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी मीनाक्षी बना चुकी हैं. मीनाक्षी ने ट्रायल्स में भारत की स्टार रेसलर और दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता, ओलंपियन अंतिम पंघाल को हराकर भारतीय टीम में जगह बनाई थी.

विनेश ने दो बाउट जीत कर सेमीफाइनल में बनाई जगह : पेरिस ओलिंपिक 2024 के बाद मैट पर उतरी ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट एशियन गेम्स के लिए ट्रायल के 53 किलो भार वर्ग में लगातार दो बाउट जीत कर सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही लेकिन वो मीनाक्षी से हार गई. विनेश का पहला मुकाबला हिसार की ज्योति सिहाग से हुआ, जिसमें उन्होंने ज्योति को 7-1 से हराया. ज्योति जूनियर वर्ल्ड कप की गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं. विनेश का दूसरा मुकाबला जींद की ही नीशू से हुआ जिसे उन्होंने 7-6 से जीता. दूसरा मुकाबला दो बार रुका. शुरुआत में नीशू ने विनेश को पटखनी देकर पांच पॉइंट हासिल किए. इसके बाद वापसी करते हुए विनेश ने नीशू को पटखनी देकर चार पॉइंट बटोरे. इस दौरान रेफरी से विनेश और उनके पति सोमबीर राठी की कहासुनी हो गई. आपत्ति के बाद मैच थोड़ी देर के लिए रोका गया. इसके बाद शुरू हुए मुकाबले में विनेश ने शानदार पटखनी देते हुए बढ़त बनाई. विनेश के छह और नीशू के पांच पॉइंट हो गए थे. अंतिम 59 सेकेंड में मुकाबला 6-6 की बराबरी पर आ गया जिसे लेकर हंगामा शुरू हो गया. रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजय सिंह मैट पर पहुंच गए. आखिरी अंक के लिए नीशू ने चुनौती दी लेकिन मैट चेयरमैन और जज ने नीशू की चुनौती को खारिज करते हुए लास्ट पॉइंट नही दिया. इसके बाद रेफरी ने विनेश को 7-6 से विजेता घोषित कर दिया.

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