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होली के दिन बंद रहेंगे कॉर्बेट के सभी पर्यटन जोन, दो दिन नहीं मिलेगी एंट्री

3, 4 मार्च को जिम कॉर्बेट में सफारी व नाइट स्टे पर पूरी तरह से रोक रहेगी.

CORBETT PARK HOLI PREPARATIONS
होली पर कॉर्बेट टूरिस्ट जोन बंद (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 24, 2026 at 2:00 PM IST

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रामनगर: होली के मौके पर पर्यावरण संरक्षण, जंगल की शांति व्यवस्था बनाए रखने और हुड़दंग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क सहित उससे जुड़े बाहरी पर्यटन जोन 3 और 4 मार्च को पर्यटकों के लिए पूर्ण रूप से बंद रहेंगे. वन विभाग और कॉर्बेट प्रशासन यह निर्णय हर वर्ष वन्यजीवों की सुरक्षा को को ध्यान में रखते हुए लेता है.

3 मार्च को सुबह की जंगल सफारी निर्धारित समयानुसार संचालित होगी, लेकिन दोपहर की सफारी और नाइट स्टे पूरी तरह बंद रहेगा. 4 मार्च को होली के दिन सुबह और शाम दोनों पालियों की जंगल सफारी के साथ-साथ नाइट स्टे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. पार्क प्रशासन ने बताया 5 मार्च से सभी पर्यटन गतिविधियां पुनः सामान्य रूप से संचालित की जाएंगी. पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा.

होली पर कॉर्बेट टूरिस्ट जोन बंद (ETV Bharat)

कॉर्बेट पार्क प्रशासन के अनुसार, ढिकाला, बिजरानी, ढेला, दुर्गादेवी और गिरिजा पर्यटन जोन में इस अवधि के दौरान सफारी और रात्रि विश्राम की सुविधा बंद रहेगी. इसके अतिरिक्त रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले सीतावनी, कोटा और कालाढूंगी पर्यटन जोन भी पर्यटकों के लिए बंद रखे जाएंगे. तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो और हाथी डगर पर्यटन जोन में भी होली के अवसर पर पर्यटक प्रवेश पर रोक रहेगी.

कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने बताया होली के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं. कुछ पर्यटक उत्सव के दौरान जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक शोर-शराबा और अनुशासनहीन गतिविधियां करते हैं. जिससे वन्यजीवों की दिनचर्या प्रभावित होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइट पर पहले ही 3 और 4 मार्च को अवकाश की सूचना साझा कर दी थी. जिससे पर्यटक अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बना सकें.

वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें. जंगल की संवेदनशीलता को समझते हुए सहयोग करें. अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है. जिससे होली के दौरान जंगल का प्राकृतिक संतुलन और शांति बनी रह सके.

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