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भूपेश कवासी के नार्को टेस्ट की मांग पर कांग्रेस ने प्रवक्ता को हटाया, झीरम हमले पर अपनों को कटघरे में खड़ा करना पड़ा भारी

झीरम घाटी पर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत एक बार फिर उजागर हुई है.

JHIRAM GHATI ATTACK
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 2, 2026 at 7:08 AM IST

3 Min Read
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रायपुर: झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर दिया गया एक बयान अब कांग्रेस के भीतर सियासी भूचाल बन गया है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने ही वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी को पद से हटा दिया है. विकास तिवारी ने झीरम घाटी न्यायिक जांच आयोग को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने बीजेपी नेताओं के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के नार्को टेस्ट की मांग की थी.

पार्टी के लेटर से खुली पूरी कहानी

कांग्रेस प्रदेश कमेटी की ओर से जारी आधिकारिक लेटर/नोटिस में साफ लिखा गया है कि विकास तिवारी द्वारा झीरम जांच आयोग को लिखा गया पत्र पार्टी की आधिकारिक लाइन के विपरीत है. लेटर में यह भी उल्लेख है कि यह घटना बीजेपी सरकार के कार्यकाल की है और इसकी जिम्मेदारी भाजपा पर है, ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जांच के दायरे में लाना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है.

Congress Removes Spokesperson
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी को पद से हटाया (ETV Bharat Chhattisgarh)

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर कार्रवाई

पार्टी लेटर में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार विकास तिवारी को तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ प्रवक्ता पद से पदमुक्त किया जा रहा है. संगठन का मानना है कि प्रवक्ता का बयान पार्टी की अधिकृत सोच का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ.

मलकीत सिंह गैंदू ने भेजा कारण बताओ नोटिस

कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने कारण बताओ नोटिस जारी किया. इस पत्र में कहा गया है "आपने मीडिया के माध्यम से कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं का नाम जोड़ते हुए नार्को टेस्ट की मांग की जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा. इसी आधार पर तिवारी से 3 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है.

जेपी नड्डा के बयान के बाद लिखा गया था पत्र

दरअसल, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान के बाद विकास तिवारी ने झीरम घाटी मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग को पत्र लिखकर बीजेपी नेताओं के साथ-साथ भूपेश बघेल और कवासी लखमा के नार्को टेस्ट की मांग की थी.

पार्टी के भीतर भड़का असंतोष

इस पत्र के सार्वजनिक होते ही कांग्रेस के भीतर नाराज़गी फैल गई. कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे पार्टी को कमजोर करने वाला कदम बताया और तिवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठी.

JHIRAM GHATI ATTACK
कांग्रेस प्रदेश कमेटी ने जारी किया नोटिस (ETV Bharat Chhattisgarh)

कांग्रेस का सख्त संदेश—अपनी पार्टी पर सवाल नहीं

विवाद बढ़ता देख कांग्रेस ने तुरंत एक्शन लिया. लेटर के जरिए पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि कांग्रेस मंच से कांग्रेस नेताओं को कटघरे में खड़ा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

झीरम घाटी पर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत फिर उजागर

इस पूरे घटनाक्रम ने झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर सामने ला दिया है. अब निगाहें विकास तिवारी के जवाब और पार्टी की अगली रणनीति पर टिकी हैं.

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