झारखंड राज्यसभा चुनाव: भाजपा से कौन होगा प्रत्याशी, कई नामों की चर्चा के बीच जल्द होगी आधिकारिक घोषणा
झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा अपना कैंडिडेट उतारेगी. हालांकि अभी तक ये फाइनल नहीं हो पाया है कि उम्मीदवार कौन होगा.

Published : June 3, 2026 at 4:26 PM IST
रांची: भाजपा ने झारखंड की एक राज्यसभा सीट पर प्रत्याशी उतारने का फैसला तो कर लिया है, लेकिन अभी तक नाम की घोषणा नहीं हो पाई है. पार्टी के अंदर प्रत्याशी चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है.
प्रत्याशी चयन में अनिश्चितता
पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रविन्द्र राय, आशा लकड़ा और पूर्व सांसद दीपक प्रकाश के नामों पर चर्चा हो रही है. इनमें दीपक प्रकाश को एक बार फिर मौका मिलने की संभावना भी जताई जा रही है.
केंद्रीय नेतृत्व की नजर
भाजपा ने जीत के जादुई आंकड़े को हासिल करने के लिए बिहार समेत अन्य राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है. वे झारखंड में विधायकों की निष्ठा और स्थिति पर नजर रख रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि प्रत्याशी का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (संभवतः जेपी नड्डा या संबंधित पदाधिकारी) के झारखंड दौरे के दौरान घोषित किए जाने की संभावना है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू का कहना है कि पार्टी एक सीट पर प्रत्याशी खड़ा करेगी. अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा.
गठबंधन में दरार की उम्मीद
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को बार-बार अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार, असम और बंगाल के उदाहरणों के बाद जेएमएम कांग्रेस के किसी भी उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने के पक्ष में नहीं होगा.
भाजपा सांसद का भरोसा
भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि आंकड़े कम हो सकते हैं, लेकिन देश के अन्य राज्यों की तरह झारखंड के विधायक भी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करेंगे और भाजपा प्रत्याशी जीतेगा.
18 जून को दो सीटों पर चुनाव
झारखंड में 18 जून को राज्यसभा की दो खाली सीटों पर चुनाव होना है. एक सीट शिबू सोरेन के निधन के कारण 4 अगस्त 2025 से खाली है, जबकि दूसरी सीट पर दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है.
विधायकों की ताकत
- सत्तारूढ़ गठबंधन (JMM-Congress-RJD): कुल 56 विधायक (JMM-34, कांग्रेस-16, RJD-4, भाकपा माले-2).
- विपक्षी NDA: 24 विधायक (भाजपा-21, आजसू-1, लोजपा-1, जदयू-1).
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार जेएमएम गठबंधन एक सीट आराम से जीत सकता है, जबकि दूसरी सीट पर रोचक मुकाबला संभव है. भाजपा को जीत के लिए कम से कम 4 अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी. पार्टी अब केंद्रीय स्तर पर रणनीति और गठबंधन के भीतर संभावित असंतोष पर नजर बनाए हुए है.
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