श्रावणी मेला 2026ः देवघर और दुमका में रहेगी अभेद सुरक्षा, 40 से ज्यादा अस्थाई पोस्ट तैयार
श्रावणी मेला 2026 को लेकर पुलिस अभी से देवघर में सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त करने में जुटी है.

Published : June 30, 2026 at 5:38 PM IST
|Updated : June 30, 2026 at 6:35 PM IST
रांची: सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही राजकीय श्रावणी मेला की शुरुआत हो जाती है. भगवान शिव की नगरी देवघर में सैकड़ों शिवभक्त जल अर्पण करने के लिए यहां पहुंचते हैं, ऐसे में देवघर और दुमका स्थित बासुकीनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं.
ट्रैफिक से लेकर सुरक्षा तक, फूलप्रूफ तैयारी
देवघर में होने वाले श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में है. 29 जुलाई से शुरू होने वाले मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों कांवरियों और श्रद्धालु शामिल होंगे. बढ़ती भीड़ और भक्तों के जन सैलाब को देखते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय की तरफ से सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि भक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रहे.
झारखंड पुलिस के आईजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ने बताया कि देवघर में कुल 21 अस्थाई पुलिस ऑब्जर्वेशन पॉइंट (ओपी) और 13 ट्रैफिक ओपी स्थापित किए जा रहे हैं. दुमका जिले में भी 7 अस्थाई ओपी और 6 ट्रैफिक ओपी लगाए जा रहे हैं ताकि प्रमुख मार्गों पर निगरानी सतत बनी रहे और कांवरियों एवं वाहन चालकों को आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके.
डीएसपी संभालेंगे सुरक्षा
आईजी ऑपरेशन नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी अस्थाई ओपी की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारियों को सौंपी जा रही है. हर ओपी पर अनुभवी सब-इंस्पेक्टर तथा स्थानीय थानों से समन्वय करके अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए स्पेशल कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं, जो 24x7 सक्रिय रहेंगे और वे सभी इमरजेंसी और अन्य सूचनाएं मॉनिटर करेंगे.
ट्रैफिक पर विशेष फोकस
आईजी अभियान के मुताबिक, देवघर और दुमका में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी व्यापक योजना बनाई गई है, प्रमुख प्रवेश मार्गों पर ट्रैफिक ओपी बनाकर उनमें जवानों को तैनात किया जाएगा. मेले के दौरान भारी वाहनों के लिए शिफ्टेड टाइमिंग और वैकल्पिक रूट भी घोषित किए जा रहे हैं ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने. संवेदनशील और भीड़ वालों जगहों पर रिफ्लेक्टर तथा साइनबोर्ड लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा.
दो महीनों के लिए होगी NDRF की तैनाती
बता दें कि देवघर और दुमका में सावन के बाद भादो मेला भी लगता है, ऐसे में पुलिस बल के अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम को पूरी तरह मुस्तैद रहेगी. एनडीआरएफ के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला आपदा प्रबंधन इकाइयां और स्वास्थ्य विभाग की आपात चिकित्सा टीम भी तैनात रहेंगी. मेले के प्रमुख स्थानों पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाए बनाए जा रहे है तथा आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं स्टैंडबाय रखी जाएंगी.
सेंसिटिव और हाई-रिस्क जोन
श्रावणी मेले को लेकर बाबा धाम मंदिर परिसर तथा प्रमुख गेटों को संवेदनशील जोन घोषित किया गया है. इन जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की कवरेज बढ़ाई जा रही है और राउंड-द-क्लॉक निगरानी के लिए कंट्रोल रूम से लाइव फीड जुड़ी रहेगी. संदिग्ध वस्तु या भीड़ की असामान्य हरकत का तुरंत पता चलने पर त्वरित विशेष कार्य बल भी तैनात रहेंगे.
29 जुलाई से श्रावणी मेले की शुरुआत
श्रावणी मेला 2024 की शुरुआत में 29 जुलाई से शुरू हो रहा है. हर बार की तरह इस बार भी पुलिस मुख्यालय के द्वारा श्रावणी मेले की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतेजाम किए गए है. मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 12 हजार जवान और दर्जनों पुलिस के अफसर मिलकर श्रावणी मेले की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे. आईजी अभियान ने बताया कि देवघर और दुमका एसपी की ओर से की गई की डिमांड के अनुसार, उन्हें फोर्स उपलब्ध कराई जा रही है.
श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैजनाथ धाम (देवघर), बासुकीनाथ धाम (दुमका) में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की जा रही है. श्रावणी मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसके लिए विशेष तौर पर एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के साथ साथ झारखंड जगुआर एसाल्ट ग्रुपों की तैनाती की जा रही है.
35 से 45 डीएसपी की तैनाती, संभालेंगे अस्थाई ओपी
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, श्रावणी मेले के लिए डीएसपी स्तर के 45 से ज्यादा अफसरों की तैनाती की जा रही है. मेले के लिए देवघर और दुमका में दर्जन भर ओपी और अस्थाई यातायात ओपी गृह विभाग के द्वारा अधिसूचित किए गए हैं. इन सभी ओपी का प्रभार डीएसपी स्तर के अधिकारियों के जिम्मे होगा. डीएसपी स्तर के अधिकारियों के प्रभार वाले सभी ओपी क्लस्टर की तरह काम करेंगे, जहां पुलिसकर्मियों के साथ साथ बिजली, सड़क, परिवहन, चिकित्सा समेत अन्य विभागों के पदाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति होगी.
जसीडीह रेलवे स्टेशन पर भी पुख्ता इंतजाम
श्रावणी मेले में अधिकांश श्रद्धालू रेलमार्ग से आते हैं. इसमें जसीडीह रेलवे स्टेशन पर डीएसपी स्तर के अधिकारी की विशेष प्रतिनियुक्ति की जा रही है. महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए अधिक संख्या में महिला पुलिस पदाधिकारी और महिला आरक्षियों की प्रतिनियुक्ति के भी निर्देश दिए गए है.
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