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नक्सलियों से लेकर साइबर अपराध तक शिकंजा, झारखंड पुलिस की कार्रवाई में 150 करोड़ फ्रीज, 41 करोड़ का ड्रग्स जब्त

झारखंड पुलिस ने 2026 में जनवरी से जुलाई तक विभिन्न मामलों में की गई कार्रवाई की विस्तृत डिटेल्स जारी की है. प्रशांत कुमार की रिपोर्ट.

Jharkhand Police Headquarters
झारखंड पुलिस मुख्यालय (1)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 24, 2026 at 7:43 PM IST

11 Min Read
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रांची: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने 2026 में जनवरी से जुलाई तक अपराध नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियान, साइबर अपराध, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और दूसरे गंभीर मामलों में की गई कार्रवाई की विस्तृत डिटेल्स जारी की है.

पुलिस की उपलब्धियों के आंकड़े बताते हैं कि इस अवधि में एक ओर जहां नक्सल संगठनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर बड़ी संख्या में नक्सलियों को गिरफ्तार और आत्मसमर्पण कराया गया. वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में 150 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम फ्रीज कराई गई. मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में करीब 41 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स जब्त किए गए.

क्या हैं आंकड़े

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार, नक्सल अभियान से जुड़े आंकड़े 15 अगस्त 2026 तक के हैं जबकि साइबर अपराध, संगठित अपराध, मादक पदार्थ और अन्य कई कार्रवाई के आंकड़े जनवरी से जुलाई 2026 तक के हैं.

113 नक्सली गिरफ्तार

जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक झारखंड में कुल 113 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 49 माओवादी, 30 PLFI, 23 TSPC, 10 JJMP और 1 SJMM से जुड़े नक्सली शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए प्रमुख इनामी नक्सलियों में मिसिर बेसरा, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था, शामिल है. इसके अलावा अजय महतो पर 25 लाख, रविंद्र गंझू, मेहतन उर्फ मोछू और मदन महतो उर्फ शंकर महतो पर 15-15 लाख, मृत्युंजय भुइयां पर 10 लाख तथा रवि सरदार पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था.

50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

इसी अवधि में 50 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया. इनमें 46 माओवादी, 1 PLFI और 3 JJMP से जुड़े नक्सली शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख के इनामी संतोष उर्फ बासुदेव, 10 लाख के इनामी चंदन लोहरा, 5 लाख के इनामी सुरेंद्र लोहरा, सागेन अंगरिया और गुलशन जैसे प्रमुख नक्सली शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार, 43 नक्सलियों ने 28 हथियार और 4,549 गोलियों के साथ झारखंड पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया. इसके अलावा झारखंड पुलिस के अभियानों के प्रभाव से पड़ोसी राज्यों में भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की स्थिति सामने आई. छत्तीसगढ़ में 8, पश्चिम बंगाल में 2 और तेलंगाना में 2 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया.

मुठभेड़ में मारे गए 22 नक्सली

जनवरी से 15 अगस्त तक पुलिस और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 22 माओवादी नक्सली मारे गए. इनमें 1 करोड़ के इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख के इनामी अनमोल उर्फ सुशांत, 15 लाख के इनामी अमित मुंडा और सहजदेव महतो उर्फ अनुज जैसे नक्सली शामिल थे.

नक्सलियों से 111 हथियार और 9,904 कारतूस बरामद

नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी मिले. जनवरी से 15 अगस्त तक नक्सलियों से कुल 111 हथियार बरामद किए गए. इनमें 81 प्रतिबंधित पुलिस हथियार, 2 रेगुलर हथियार और 28 देसी हथियार शामिल हैं.

इसके अलावा 9,904 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक और 6 लाख रुपये लेवी की राशि भी बरामद की गई. नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को भी बरामद कर निष्क्रिय किया गया. पुलिस का दावा है कि लगातार अभियान के परिणामस्वरूप राज्य के कई प्रमुख नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब नक्सल गतिविधियों से मुक्त हो चुके हैं. इनमें सारंडा, टोंटो, गोइलकेरा, पोड़ाहाट, कोलेश्वरी, पारसनाथ, लुगु पहाड़, झुमरा पहाड़, चैनपुर-बिशुनपुर और कई सीमावर्ती पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्र शामिल हैं.

साइबर अपराध पर वार, 150 करोड़ रुपये फ्रीज

साइबर अपराध के खिलाफ झारखंड पुलिस की कार्रवाई भी आंकड़ों में खासतौर पर सामने आई है. जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध से जुड़े 658 मामलों में 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इन मामलों में पुलिस ने 17.78 लाख रुपये नकद, 679 सिम कार्ड, 651 मोबाइल फोन, 74 एटीएम कार्ड, 21 दोपहिया वाहन, 5 चारपहिया वाहन, 8 लैपटॉप, 57 बैंक पासबुक, 19 बैंक चेकबुक और 2 स्वाइप मशीन बरामद की. प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से भी जनवरी से जुलाई तक कार्रवाई की गई. इस दौरान 121 मामलों में 336 गिरफ्तारियां हुई और 545 मोबाइल फोन तथा 655 सिम कार्ड बरामद किए गए.

1930 पर आई 77,503 शिकायत

साइबर ठगी की शिकायतों के लिए इस्तेमाल होने वाले NCRP के हेल्पलाइन नंबर 1930 के जरिए जनवरी से जुलाई तक 77,503 शिकायतें दर्ज हुई. इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने बैंक खातों में ठगी की रकम के रूप में 150 करोड़ रुपये फ्रीज कराए. वही 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए.

इसके साथ ही साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 IMEI नंबर ब्लॉक किए गए. साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए राज्य के रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, दुमका, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां में 8 नए साइबर थानों का गठन किया गया है.

करीब 41 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त

मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में पुलिस ने जनवरी से जून 2026 तक 435 मामले दर्ज किए और 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इस दौरान बड़ी मात्रा में गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर और डोडा बरामद किया गया.

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक

  • 3,461 किलोग्राम गांजा, अनुमानित कीमत 17.30 करोड़ रुपये
  • 151 किलोग्राम अफीम, अनुमानित कीमत 7.50 करोड़ रुपये
  • 3.6 किलोग्राम ब्राउन शुगर, अनुमानित कीमत 36 लाख रुपये
  • 10,218 किलोग्राम डोडा, अनुमानित कीमत 15.30 करोड़ रुपये

इन सभी मादक पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ रुपये बताई गई है. इसके अलावा 2025-26 में लगभग 4,620 एकड़ जमीन पर लगी अफीम की फसल को नष्ट किया गया.

संगठित अपराध के 193 आरोपी गिरफ्तार

संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ जनवरी से जुलाई तक की कार्रवाई में 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही इनके कब्जे से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद की गई. इसके अलावा संगठित आपराधिक गिरोहों के 50 अपराधियों के खिलाफ CCA के तहत कार्रवाई की गई.

47 अपराधियों को किया गया जिलाबदर, लुक आउट भी जारी

अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई है. क्राइम कंट्रोल एक्ट के तहत 47 लोगों को जिलाबदर किया गया जबकि 9 लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया. इनमें राहुल दुबे, प्रिंस खान, राहुल सिंह, जियाउर हक उर्फ गोपी खान, मोहम्मद अरशद उर्फ रितिक, शेख उस्तार, नीरज सिंह और तेजिंदर पाल सिंह समेत अन्य नाम शामिल हैं.

POCSO मामलों में 542 आरोपी गिरफ्तार

बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों और POCSO एक्ट से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने विशेष अभियान चलाया. जनवरी से जून तक राज्य में 653 मामले दर्ज हुए. इनमें से 298 मामलों का निष्पादन किया गया और 542 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई, 140 से ज्यादा पीड़ित मुक्त

मानव तस्करी के मामलों में जनवरी से जुलाई तक 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान मानव तस्करी के शिकार 140 से अधिक लोगों को बरामद कर मुक्त कराया गया. चाईबासा के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 36 महिला-पुरुषों को मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त कराया.

4,053 चोरी के मोबाइल बरामद

पुलिस ने मोबाइल चोरी और गुम हुए मोबाइल को उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाने के लिए CEIR पोर्टल के माध्यम से भी कार्रवाई की. जनवरी से जुलाई तक 4,053 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गए.

14 हजार से ज्यादा विशेष मामले दर्ज, 482 हथियार बरामद

जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान पुलिस के स्तर पर 14,083 विशेष प्रतिवेदित (SR) मामले दर्ज किए गए जबकि 15,286 मामलों का निष्पादन किया गया. इस दौरान 482 हथियार और 8,663 गोलियां भी बरामद की गई.

पुलिस आधुनिकीकरण पर भी जोर

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों में पुलिस बल के आधुनिकीकरण और संसाधनों को मजबूत करने की जानकारी भी दी गई है. 13 मार्च 2026 को आधुनिक पुलिस वाहनों की उपलब्धता के तहत झारखंड पुलिस को 636 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए. वही वित्तीय 2026-27 में 627 चारपहिया और 848 दोपहिया वाहनों की खरीद के लिए आदेश जारी किए गए है.

पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी करोड़ों खर्च

पुलिस कल्याण के क्षेत्र में भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई. पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 1,007 लाभार्थियों को करीब 3.69 करोड़ रुपये, पुलिस शिक्षा कोष से 9,443 लाभार्थियों को 11.46 करोड़ रुपये तथा पुलिस परोपकारी कोष से 737 आश्रितों की सहायता के लिए करीब 3.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए. इसके अलावा 237 पुलिसकर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई.

प्रशिक्षण पर भी फोकस

पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए जनवरी से जुलाई तक राज्य के भीतर 28 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 4,794 पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हुए. वही राज्य के बाहर ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 68 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 222 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए.

बड़ी आपराधिक घटनाओं का भी हुआ उद्भेदन

पुलिस ने 2026 में कई चर्चित आपराधिक मामलों का भी खुलासा किया. रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से अपहृत दो नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. जमशेदपुर में अपहृत कैरव गांधी को बरामद कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. वही रामगढ़ के राजरप्पा में ज्वेलर्स डकैती मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए आभूषणों के साथ हथियार और गोलियां बरामद की गई. हजारीबाग में बैंक लूट और साहिबगंज में अवैध गन फैक्ट्री का भी पुलिस ने खुलासा किया. गुमला में ज्वेलरी लूटकांड के खुलासे के दौरान आरोपियों के पास से सोने-चांदी के आभूषणों के साथ 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए.

अपराध नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय

झारखंड पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ अंतरराज्यीय समन्वय भी बढ़ाया है. 21 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय रांची में ERPCC की अंतरराज्यीय बैठक हुई, जिसमें अंतरराज्यीय अपराध, नक्सल उन्मूलन, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, रेलवे सुरक्षा और जीरो एफआईआर व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई. सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने के लिए इंटरस्टेट चेकपोस्ट और मिरर चेकपोस्ट भी स्थापित किए गए हैं ताकि मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और अन्य अंतरराज्यीय आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.

आंकड़ों में झारखंड पुलिस की प्रमुख कार्रवाई

नक्सल विरोधी अभियान

  • 113 नक्सली गिरफ्तार
  • 50 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
  • 22 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए
  • 111 हथियार बरामद
  • 9,904 कारतूस बरामद
  • 11 किलो विस्फोटक बरामद
  • 6 लाख रुपये लेवी बरामद

साइबर अपराध

  • 77,503 शिकायतें
  • 150 करोड़ रुपये फ्रीज
  • 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस
  • 22,165 मोबाइल नंबर ब्लॉक
  • 10,054 IMEI नंबर ब्लॉक
  • 8 नए साइबर थाने

मादक पदार्थ

  • 710 गिरफ्तार
  • 3,461 किलो गांजा
  • 151 किलो अफीम
  • 3.6 किलो ब्राउन शुगर
  • 10,218 किलो डोडा
  • कुल अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ रुपये
  • 4,620 एकड़ अफीम की फसल नष्ट

संगठित अपराध

  • 193 अपराधी गिरफ्तार
  • 63 हथियार बरामद
  • 274 गोलियां बरामद
  • 50 अपराधियों पर CCA की कार्रवाई

अन्य कार्रवाई

  • POCSO मामलों में 542 आरोपी गिरफ्तार
  • मानव तस्करी में 140 से अधिक पीड़ित मुक्त
  • CEIR के जरिए 4,053 मोबाइल बरामद
  • 482 हथियार और 8,663 गोलियां विशेष मामलों में बरामद

झारखंड पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, इन अभियानों का उद्देश्य राज्य को अपराध और उग्रवाद से मुक्त करने के साथ-साथ साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध और मानव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाना है. पुलिस ने आधुनिक तकनीक, समर्पित पुलिस बल और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए कार्रवाई को और तेज करने की बात कही है.

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