'झारखंड पुलिस के ड्राइवर की बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर की हत्या..' बिहार पुलिस का खुलासा
झारखंड पुलिस के ड्राइवर की भोजपुर में निर्मम हत्या मामले में भोजपुर पुलिस ने बेटे समेत 2 को गिरफ्तार किया है.. पढ़ें-


Published : December 25, 2025 at 8:12 PM IST
भोजपुर : बिहार के भोजपुर जिले में झारखंड पुलिस के ड्राइवर की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर लिया है. चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में 20 दिसंबर 2025 को पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या की गईथी. उनका हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उनका ही बेटा था. बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पिता की गला रेतकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी. पशुपतिनाथ तिवारी जनवरी 2026 में रिटायर भी होने वाले थे.
बेटे ने की पिता की गला रेतकर हत्या : एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि पशुपतिनाथ तिवारी झारखंड के हजारीबाग पुलिस में ड्राइवर थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर जांच शुरू की. जांच में यह बात सामने आई कि मृतक की हत्या उनकी संपत्ति को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के कारण की गई है.
आरोपी बेटा और उसका दोस्त गिरफ्तार : पुलिस ने इस मामले में मृतक के आरोपी बेटे विशाल तिवारी और उसके दोस्त मो. जिशान अहमद जिलानी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस के अनुसार मृतक का पुत्र विशाल अपने पिता की संपत्ति बेचे जाने से नाराज रहता था और इसी रंजिश में उसने अपने मित्र मो. जिशान अहमद जिलानी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था.
''मृतक जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे. मृतक की नौकरी और रिटायरमेंट के पैसे की लालच में अपने दोस्त के साथ मिलकर उसने अपने ही पिता की चाकू से गला रेतकर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी. घटना के बाद पुलिस ने सबसे पहले मृतक के बेटे विशाल के दोस्त जिशान अहमद जिलानी को हजारीबाग से उठाया उसके बाद पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया. इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.''- रंजीत कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ-2
20 दिसंबर को हुई थी हत्या : शनिवार को भगवतपुर निवासी पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या हुई थी. वह झारखंड के हजारीबाग में अपने परिवार के साथ रहते थे और जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे. जानकारी के अनुसार बीते 13 दिसंबर को पशुपतिनाथ तिवारी के पैतृक घर में चोरी की घटना हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय लोगों ने उन्हें फोन पर दी थी.
हत्या के लिए रची थी साजिश : इसके बाद 14 दिसंबर को वह अपने परिवार के साथ गांव पहुंचे और चांदी थाना में चोरी को लेकर आवेदन भी दिया था. बताया जा रहा है कि उस रात उन्होंने अपने घर के परिसर में दोस्तों के साथ पार्टी की थी. पार्टी के बाद वो सोने चले गए जिसके बाद उनकी हत्या हो गई.
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