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पुलिस सम्मान पर आर-पार की तैयारी: 8 सितंबर से काला बिल्ला, मांग नहीं मानने पर अवकाश पर जाएंगे वर्दी वाले

विधायक और थाना प्रभारी विवाद को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन की रणनीति तैयार की है. प्रशांत कुमार की रिपोर्ट.

Jharkhand Police Association will register protest by wearing black badges over dispute involving MLA and police station incharge
झारखंड पुलिस एसोसिएशन की प्रेस वार्ता (रांची) (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 1, 2026 at 7:59 PM IST

6 Min Read
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रांचीः पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान और लंबित मांगों को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन अब सरकार पर सीधा दबाव बनाने की तैयारी में है. धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रकरण को लेकर बढ़ी नाराजगी के बीच एसोसिएशन ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है.

प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने मंगलवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में साफ कर दिया कि मांगों पर सरकार ने पहल नहीं की तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से तेज होता जाएगा और आखिर में पुलिसकर्मी छह दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे. एसोसिएशन ने आंदोलन को चार चरणों में बांटा है.

  • पहला चरण : 8 से 11 सितंबर - पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे.
  • दूसरा चरण : 19 सितंबर - पुलिस केंद्रों, थानों और ओपी में सामूहिक उपवास किया जाएगा। संगठन ने इस दिन मेस बंद रखने का भी निर्णय लिया है.
  • तीसरा चरण : 24 सितंबर - जिला और इकाई स्तर पर एसपी अथवा समादेष्टा कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना होगा. वहीं एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारी डीजीपी कार्यालय के सामने धरना देकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे.
  • चौथा चरण : 5 से 10 अक्टूबर - यदि तब तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पुलिसकर्मी छह दिनों के सामूहिक अवकाश पर जाएंगे.

8 सितंबर से आंदोलन की शुरुआत

पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन की शुरुआत 8 सितंबर से करने का एलान किया है. इसके तहत चार दिनों तक पुलिसकर्मी वर्दी पर काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे. इसके बाद 19 सितंबर को सामूहिक उपवास और 24 सितंबर को धरना दिया जाएगा. इसके बावजूद सरकार ने मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो 5 से 10 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश लिया जाएगा, यानी पूरे राज्य के कनीय पुलिसकर्मी ड्यूटी से हट जाएंगे.

बरवाअड्डा कांड बना आंदोलन की चिंगारी

पुलिस एसोसिएशन के निशाने पर फिलहाल धनबाद का बरवाअड्डा थाना प्रकरण है. संगठन का आरोप है कि थाना और पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार, धक्का-मुक्की, सरकारी कार्य में बाधा और हाजत से आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया गया. मामले में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हुई.

संगठन का कहना है कि कार्रवाई की मांग को लेकर धनबाद एसएसपी को पांच दिनों का समय दिया गया था लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. यही वजह है कि पुलिस एसोसिएशन ने अब इस मुद्दे को अपने सदस्यों के सम्मान से जोड़ते हुए आंदोलन का रास्ता चुना है.

संगठन को बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं

प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से संगठन को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कथित तौर पर अभद्र और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस एसोसिएशन करीब एक सदी पुराना संगठन है और इसके सदस्यों के सम्मान के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा. मुर्मू ने कहा कि संगठन को कमजोर समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए. पुलिसकर्मियों के सम्मान के लिए एसोसिएशन हर लोकतांत्रिक मंच पर अपनी आवाज बुलंद करेगा.

नौ मांगों पर सरकार को घेरा

एसोसिएशन ने सिर्फ बरवाअड्डा प्रकरण ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को भी आंदोलन के केंद्र में रखा है. संगठन ने नौ सूत्री मांगों के साथ सरकार से तत्काल वार्ता की मांग की है।इनमें वर्दी और राशन भत्ते में बढ़ोतरी, सातवें वेतनमान के अनुरूप भत्तों का पुनरीक्षण, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य भत्ता, लंबे समय से एक ही जिले या इकाई में पदस्थापित पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण तथा समय पर पदोन्नति प्रमुख हैं. इसके अलावा पुलिस के कामकाज में जनप्रतिनिधियों के कथित अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान की मांग भी की गई है.

24 सितंबर को डीजीपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन

आंदोलन के तीसरे चरण में 24 सितंबर को मामला और गरमाने की तैयारी है. जिला और इकाई स्तर पर पुलिसकर्मी एसपी या समादेष्टा कार्यालय के सामने धरना देंगे. वहीं एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारी डीजीपी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे. अगर इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का सबसे बड़ा चरण शुरू होगा. 5 से 10 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश का ऐलान किया गया है.

दोषी थाना प्रभारी भी नहीं बचेंगे

राहुल कुमार मुर्मू ने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन किसी भी पुलिस अधिकारी के गलत आचरण का समर्थन नहीं करता. उन्होंने कहा कि यदि बरवाअड्डा मामले में थाना प्रभारी या कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई नहीं होना भी स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने विधानसभा में विधायक जयराम महतो के विरोध के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और सदन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.

सरकार के सामने अब दो विकल्प

एसोसिएशन के इस ऐलान के बाद सरकार के सामने अब दो रास्ते हैं, बातचीत के जरिए पुलिस एसोसिएशन की मांगों का समाधान किया जाए या फिर आंदोलन को अगले चरण में जाने दिया जाए. संगठन ने फिलहाल शांतिपूर्ण और चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता चुना है लेकिन सामूहिक अवकाश का ऐलान साफ संकेत है कि मांगें नहीं मानी गईं तो मामला सिर्फ काला बिल्ला लगाने तक सीमित नहीं रहेगा.

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