ETV Bharat / state

झारखंड में मानसून ने बदली चाल, बारिश की कमी 54% से घटकर 10% पर आई, फिर भी 12 जिलों में संकट

झारखंड में मॉनसून ने किसानों को राहत जरूर दी है, लेकिन कई जिलों में बारिश की कमी ने खेती पर असर डाला है. राजेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

jharkhand-monsoon-rainfall-deficit-reduced-to-10-percent
धान बुआई करती महिला किसान (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 20, 2026 at 12:01 PM IST

|

Updated : August 21, 2026 at 1:08 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

रांची: झारखंड में इस मानसून सीजन की शुरुआत भले ही किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली रही हो, लेकिन अगस्त आते-आते बारिश की तस्वीर काफी हद तक बदल गई है. 1 जून से 19 अगस्त तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अब बारिश की कमी घटकर सिर्फ 10 फीसदी रह गई है. यानी मानसून ने पिछले कुछ हफ्तों में कमी को काफी हद तक पाट दिया है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 19 अगस्त के बीच झारखंड में 633.6 मिलीमीटर बारिश हुई है. जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 700.5 मिलीमीटर मानी जाती है.

कहां सामान्य से ज्यादा बारिश?

राज्य के कुछ जिले ऐसे हैं जहां बारिश सामान्य से ऊपर पहुंच चुकी है. सबसे बेहतर स्थिति पश्चिमी सिंहभूम की है, जहां सामान्य से 48 फीसदी अधिक बारिश हुई है. इसके अलावा खूंटी में 10 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, रांची में 7 फीसदी, लातेहार में 4 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है. लोहरदगा में बारिश सामान्य के लगभग बराबर रही है.

Jharkhand monsoon rainfall deficit reduced to 10%
धान बुआई करते किसान (ETV BHARAT)

यहां बारिश कम लेकिन सूखे जैसी स्थिति नहीं

कुछ जिलों में बारिश सामान्य से कम जरूर है, लेकिन कमी 20 फीसदी से नीचे है. ऐसे जिले मौसम विभाग की दी गई श्रेणी के मुताबिक अभी सामान्य से थोड़ी कम बारिश वाले क्षेत्र हैं. धनबाद में 7 फीसदी, दुमका में 14 फीसदी, जामताड़ा में 18 फीसदी, रामगढ़ में 14 फीसदी और साहिबगंज में 19 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. इन जिलों को फिलहाल गंभीर वर्षा-कमी वाले जिलों में नहीं रखा जा सकता.

Jharkhand monsoon rainfall deficit reduced to 10%
खेत में काम करते लोग (ETV BHARAT)

इन 11 जिलों में सबसे ज्यादा कमी

दूसरी तरफ राज्य के 11 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य के मुकाबले बारिश की कमी 20 फीसदी या उससे ज्यादा है. बोकारो में 24 फीसदी, चतरा में 47 फीसदी, देवघर में 46 फीसदी, गढ़वा में 46 फीसदी, गिरिडीह में 36 फीसदी, गोड्डा में 28 फीसदी, गुमला में 21 फीसदी, हजारीबाग में 30 फीसदी, कोडरमा में 44 फीसदी, पाकुड़ में 53 फीसदी और पलामू में 29 फीसदी बारिश कम हुई है. इनमें पाकुड़ की स्थिति सबसे कमजोर है, जहां सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश हुई है. चतरा और देवघर में भी करीब 46-47 फीसदी की कमी है. इन इलाकों में बारिश की कमी का असर खेती पर पड़ा है और आने वाले दिनों की बारिश किसानों के लिए काफी अहम होगी.

जून में कमजोर रहा मानसून

अगर मानसून की पूरी कहानी देखें तो जून में झारखंड में बारिश का प्रदर्शन कमजोर रहा. मानसून राज्य में आगे बढ़ा, लेकिन बारिश की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. 30 जून को मौसम विभाग ने झारखंड के बाकी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की जानकारी दी थी.

Jharkhand monsoon rainfall deficit reduced to 10%
धान बुआई करते किसान (ETV BHARAT)

जुलाई में हालात में हुआ थोड़ा सुधार

जुलाई में भी बारिश की कमी बनी रही. हालांकि बीच-बीच में अच्छी बारिश हुई और जुलाई के शुरुआती दिनों में दक्षिण झारखंड के ऊपर डिप्रेशन की स्थिति भी बनी. 6 जुलाई को मौसम विभाग ने दक्षिण झारखंड और आसपास के उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर डिप्रेशन दर्ज किया था.

अगस्त में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

इसके बाद अगस्त में बारिश ने रफ्तार पकड़ी. यही वजह है कि 19 अगस्त तक आते-आते राज्य का कुल डेफिसिट 10 फीसदी रह गया. यानी मानसून सीजन के दौरान बारिश के आंकड़ों में साफ सुधार दिखाई दे रहा है.

ये भी पढ़ें: जमशेदपुर में डेंजर जोन से ऊपर बह रही खरकई और स्वर्णरेखा नदी, रिहायशी इलाकों में भरा पानी

पतरातू डैम के खोले गए चार फाटक, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर

मूसलाधार बारिश से रामगढ़ बेहाल! पतरातू डैम के जलस्तर में हुआ इजाफा, रजरप्पा में उफान पर दामोदर और भैरवी नदी

Last Updated : August 21, 2026 at 1:08 PM IST