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अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ जांच पर रोक, PFI लिंक की जांच का आदेश

रांची के डोरंडा में कार-बाइक एक्सीडेंट मामले में अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ जांच पर झारखंड हाई कोर्ट ने रोक लगा दी.

advocate Manoj Tandon
झारखंड हाई कोर्ट (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 19, 2026 at 8:14 PM IST

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Updated : February 19, 2026 at 9:05 PM IST

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रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने डोरंडा थाना क्षेत्र में कार-मोटरसाइकिल दुर्घटना के मामले में हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी तरह की जांच पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने बाइक सवार युवक द्वारा की गई आपत्तिजनक पोस्ट की भी जांच का आदेश दिया है.

वरीय अधिवक्ता को बड़ी राहत

गुरुवार को जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने इस मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए. खुद को पीड़ित बताने वाले युवक मोबाज खान के सोशल मीडिया पर उन्मादी पोस्ट को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने मोबाज खान के प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के साथ कथित संपर्क और क्रियाकलापों की जांच करने और शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया.

जानकारी देते हाई कोर्ट के अधिवक्ता (Etv Bharat)

24 मार्च को मामले में विस्तृत सुनवाई तय की गई है. इस फैसले से अधिवक्ता मनोज टंडन को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने अपनी याचिका में एफआईआर निरस्त करने, अपनी गाड़ी रिहा करने और घटनास्थल पर वीडियो बनाकर उनकी जान लेने पर उतारू उन्मादी भीड़ की जांच की मांग की थी. झारखंड हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी जांच पर रोक लगा दी है.

क्या है पूरा मामला?

डोरंडा थाना क्षेत्र में हुई दुर्घटना के बाद वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. मनोज टंडन ने इस घटना को लेकर कोर्ट में एक याचिता दायर की थी. टंडन ने याचिका में कहा कि वह दुर्घटना में शामिल नहीं थे और घटना के बाद उन्मादी भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे उनकी जान को खतरा भी बना रहा. दूसरी ओर, खुद को पीड़ित बताने वाले मोबाज खान ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाली, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया. कोर्ट ने मामले की गहराई से पड़ताल के लिए तीनों पक्षों को निर्देश दिया है.

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Last Updated : February 19, 2026 at 9:05 PM IST