झारखंड को नक्सल मुक्त की राह पर लाने वाले आईपीएस अब सीआरपीएफ में संभालेंगे अहम जिम्मेदारी! जानें, कौन हैं वे
आईपीएस अमोल वेणुकांत होमकर को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को लेकर झारखंड सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है.

Published : January 6, 2026 at 7:52 PM IST
रांचीः आईजी अभियान के पद पर रहते हुए झारखंड पुलिस को सबसे ज्यादा नक्सलियों के खिलाफ सफलता दिलवाने वाले जांबाज आईपीएस अफसर अमोल वेणुकांत होमकर अब नई भूमिका में नक्सलियों को चुनौती देंगे. आईपीएस अमोल वेणुकांत होमकर के केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर जाने पर राज्य सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है.
सीआरपीएफ में आईजी बनाए गए ए.वी. होमकर
झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमोल वेणुकांत होमकर को सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने के लिए राज्य सरकार ने उन्हें विरमित कर दिया है. आदेश के तहत वे झारखंड पुलिस में अपने मौजूदा पद से मुक्त होकर अब दिल्ली में सीआरपीएफ आईजी के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगे.
झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अमोल होमकर के विरमित करने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई. अधिसूचना में उल्लेख है कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय के पत्र के आलोक में अमोल वेणुकांत होमकर (आईपीएस, झारखंड कैडर, 2004 बैच) की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति स्वीकृत की जाती है.

आदेश में कहा गया है कि होमकर को झारखंड में जिस पद पर अभी तक पदस्थापित माना जा रहा था, उससे कार्यमुक्त किया जाता है, ताकि वे केंद्र में नई पोस्टिंग जॉइन कर सकें. राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी सेवाएँ अब भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन मानी जाएँगी और वे वहीं से अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे.
आईजी अभियान के रूप में सबसे सफलतम पारी
अमोल वेणुकांत होमकर 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वैसे तो अमोल वी. होमकर रामगढ़, हजारीबाग जैसे जिलो में एसपी रहे, वहीं उन्होंने जमशेदपुर के एसएसपी के रूप में भी अपना योगदान दिया. रांची डीआईजी के पद पर भी उन्होंने रहते हुए सबका दिल जीता था.
आईजी अभियान के पद पर लगभग साढ़े तीन साल तक उन्होंने योगदान दिया. इस दौरान नक्सलियों के खिलाफ उनके कार्य योजना ने झारखंड से नक्सलियों का लगभग सफाया कर दिया. नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ पारसनाथ, बूढ़ापहाड़ और लुगु पहाड़ इलाके से नक्सलियों की सफाए की सबसे बड़ी वजह होमकर की मजबूत रणनीति ही थी. अमोल वी. होमकर के नेतृव में झारखंड पुलिस ने सबसे ज्यादा सफलताएं नक्सलियों के खिलाफ हासिल की. उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा नक्सलियों में मात्र समर्पण किया और एनकाउंटर में सबसे ज्यादा मारे भी गए.
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