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महिला किसान खुशहाली योजना से स्वावलंबी बनेंगी राज्य की महिला किसान, योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी में हेमंत सरकार

झारखंड सरकार महिला किसान खुशहाली योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी में है. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट.

Mahila Kisan Khushhali Yojana
धान की रोपाई में जुटीं महिला किसान. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 2, 2026 at 8:26 PM IST

7 Min Read
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रांची: झारखंड की खेती-बाड़ी में महिला किसानों की भूमिका बेहद अहम है. ऐसे में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के दौरान "महिला किसान खुशहाल योजना"की घोषणा की थी, जिसे अब जल्द धरातल पर उतारने की पहल तेज कर दी है. राज्य की "महिला किसानों" को समर्पित इस योजना का क्या स्वरूप हो, कैसे यह योजना ज्यादा से ज्यादा लाभकारी हो सकता है इसके लिए राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की गुरुवार को स्टेकहोल्डर्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही हैं.

झारखंड में कृषि क्षेत्र में लगी आधी आबादी को और अधिक सशक्त बनाने और उनकी आय और आजीविका में सुधार के लिए राज्य सरकार एक विशेष योजना तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसी उद्देश्य से ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ को लेकर 3 सितंबर 2026 को रांची में विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी.

कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

क्या है योजना का उद्देश्य

सरकार की मंशा है कि महिला किसानों के लिए राज्य सरकार के संसाधन से शुरू होने वाली इस योजना को केवल सरकार द्वारा तैयार की गई योजना बन कर न रहे, बल्कि महिला किसानों की जरूरत और अनुभव के आधार पर यह बनें. राज्य में करीब 19 लाख ऐसी महिलाएं हैं जो खेती-बाड़ी, पशुपालन, मत्स्य पालन से जुड़ी हैं.

सरकार का मानना है कि झारखंड की खेती-बाड़ी से जुड़ी ये महिला किसान राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. बावजूद इसके कई महिला किसान कृषि विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं का अपेक्षित लाभ नहीं उठा पातीं. ऐसे में महिला किसानों के लिए विशेष रूप से केंद्रित एक खास योजना जरूरी है जो उनके जीवन में खुशहाली लाए.

महिला किसानों की सलाह से तैयार होगी योजना

03 सितंबर को आयोजित होनेवाली कार्यशाला की सबसे विशेष बात यह होगी कि राज्य की अलग-अलग क्षेत्र से आईं महिला किसान इसमें शामिल होंगी और खुद बताएंगी कि राज्य में महिला किसानों के सम्मान के लिए शुरू होनेवाली योजना में किन-किन बिंदुओं को समावेशित किया जाए. सरकार, योजना तैयार करने की प्रक्रिया में संभावित लाभुकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है.

कृषि निदेशक ने दी जानकारी

राज्य के कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा 'पंकज' ने इसकी जानकारी ईटीवी भारत को देते हुए कहा कि योजना को अंतिम रूप देने से पहले महिला किसानों से सीधे यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उन्हें वास्तव में किस प्रकार की सहायता की आवश्यकता है. इसके लिए उनसे उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों को साझा करने का आग्रह किया गया है. जिसका उद्देश्य यह समझना है कि खेतों में महिला किसानों के सामने क्या-क्या वास्तविक कठिनाइयां आती हैं और सरकार किस तरह का सहयोग उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने के साथ कृषि को बेहतर आजीविका का माध्यम बना सकती है.

कृषि विकास में भागीदार बनेंगी महिलाएं

प्रस्तावित " महिला किसान खुशहाली योजना" को लेकर राज्य के कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा 'पंकज' ने कहा कि नई शुरू होनेवाली योजना के पीछे की सोच केवल महिला किसानों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है. सरकार चाहती है कि महिलाएं कृषि विकास की सक्रिय भागीदार, लाभार्थी और निर्णयकर्ता बनें. योजना ऐसी होनी चाहिए जिसमें महिला किसान केवल लाभुक की भूमिका में न रहें, बल्कि कृषि विकास की प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत कर सकें.

योजना के स्वरूप को लेकर कार्यशाला में कई अहम सवालों पर चर्चा होगी. इनमें महिला किसानों को किस प्रकार का लाभ दिया जाए, किन कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों को योजना में शामिल किया जाए और योजना किस तरह वास्तव में महिलाओं की आय एवं आजीविका को बेहतर बना सकती है जैसे विषय प्रमुख होंगे.

महिला किसान खुशहाली योजना’ का व्यापक और व्यावहारिक ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार करने की पहल की जा रही है. इसके लिए कल की कार्यशाला में कृषि विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, जिला स्तर के पदाधिकारी, तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि और विभिन्न जिलों से आई महिला किसान एक मंच पर होंगी. साथ ही राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी उपस्थित रहेंगी. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विशेषज्ञों की जानकारी और महिला किसानों के जमीनी अनुभव को मिलाकर ऐसी योजना तैयार की जाए, जिसे बाद में प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके.

सरकार की नहीं, महिला किसानों की बनाई योजना होगी

झारखंड की महिला किसानों के लिए प्रस्तावित योजना को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण सामने रखा है. कृषि निदेशक कहते हैं कि योजना केवल “Government-designed scheme” नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे “Women Farmers-designed and Government-supported scheme” बनाया जाना चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि योजना की प्राथमिकताएं ऊपर से तय करने के बजाय खेतों में काम करने वाली महिलाओं की वास्तविक जरूरतों को आधार बनाया जाएगा और सरकार उसके अनुरूप आर्थिक, तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराएगी.

इस वर्ष योजना शुरू होने का भी है खास महत्व

कृषि निदेशक ने बताया कि इस वर्ष 2026 में "महिला किसान सम्मान योजना" शुरू करने के पीछे एक खास वजह यह है कि 2026 को International Year of the Woman Farmer के रूप में मनाया जा रहा है. ऐसे में झारखंड में महिला किसानों के लिए समर्पित योजना की पहल को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि कार्यशाला में खुलकर होने वाली चर्चा से महिला किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप एक सार्थक, व्यावहारिक और प्रभावी योजना तैयार करने में मदद मिलेगी.

Mahila Kisan Khushhali Yojana
झारखंड में खेती. (फोटो-ईटीवी भारत)

महिला किसान सिर्फ लाभुक नहीं, बदलाव की नेतृत्वकर्ता बनें

सरकार की प्रस्तावित पहल का व्यापक उद्देश्य महिला किसानों को कृषि आधारित आजीविका में अधिक सक्षम बनाना है. खेती से लेकर उससे जुड़ी गतिविधियों तक महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के साथ उनकी आय बढ़ाने और उन्हें निर्णय लेने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

ऐसे में 03 सितंबर की कार्यशाला को महिला किसानों की बात सुनकर उनके लिए नीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है. अगर कार्यशाला में सामने आने वाले सुझावों को अंतिम योजना में प्रभावी ढंग से शामिल किया जाता है, तो ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ झारखंड में महिला-केंद्रित कृषि विकास का एक नया मॉडल के रूप में जल्द ही महिला किसानों के बीच होगा.

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