ETV Bharat / state

एयर एंबुलेंस क्रैश में डॉ. विकास गुप्ता की मौत से झारखंड के चिकित्सकों में शोक, कहा- अच्छा डॉक्टर और सहयोगी खो दिया

एयर एंबुलेंस क्रैश में रांची के डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता की मौत के बाद चिकित्सा जगत में शोक की लहर है.

Doctor Death in Air ambulance crash
फाइल फोटो. (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 24, 2026 at 8:51 PM IST

|

Updated : February 24, 2026 at 9:00 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

रांची: सोमवार की रात रांची से मरीज संजय कुमार को दिल्ली ले जाने के क्रम में चतरा में एयर एंबुलेंस के क्रैश हो जाने की घटना ने राज्यवासियों को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना में मरीज, उनकी पत्नी, पायलट, को-पायलट के साथ-साथ युवा डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता की भी मौत हो गई.

बिहार के औरंगाबाद बाद जिले के एक साधारण परिवार में जन्मे डॉ. विकास ने ओडिशा के कटक से 2003 बैच में MBBS किया था और 2015 से झारखंड राज्य चिकित्सा सेवा में मेडिकल अफसर के पद पर कार्यरत थे. वर्तमान में उनकी पोस्टिंग रांची सदर अस्पताल में थी. इससे पहले मेडिकल अफसर के रूप में लातेहार के महुआटांड़, चंदवा और फिर रांची के नामकुम के सीएचसी में अपनी सेवा दे चुके थे.

सदर अस्पताल के लेबर और ओटी इंचार्ज, एनेस्थेटिक डॉ स्टीफन खेस ने डॉ विकास के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि विभाग ने एक अच्छा डॉक्टर और उन्होंने एक अच्छा सहयोगी को इस घटना में खो दिया है. ईटीवी भारत से बातचीत में डॉ. स्टीफेन खेस ने कहा कि सदर अस्पताल में रविवार की रात 09 बजे से सोमवार की सुबह 09 बजे तक उनकी ड्यूटी लगी थी. फिर मंगलवार की रात 09 बजे उनका शिफ्ट था.

मरीज के साथ दिल्ली नहीं जाना चाहते थे

जो जानकारी मिली है उसके अनुसार वह एयर एंबुलेंस से मरीज के साथ दिल्ली नहीं जाना चाहते थे, लेकिन पूर्व में लातेहार के चंदवा में पोस्टिंग के दौरान बर्न मरीज और उनके परिजनों से बने मानवीय रिश्तों की वजह से वह दिल्ली जाने को तैयार हो गए. डॉ. स्टीफेन खेस ने बताया कि पूर्व से जिस चिकित्सक को एयर एंबुलेंस के साथ जाना था उसकी असमर्थता के बाद मरीज के परिजनों के आग्रह पर वह दिल्ली जा रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था.

रिम्स में लिया था विशेष प्रशिक्षण

डॉ. स्टीफन खेस ने बताया कि दिवंगत डॉ. विकास कुमार गुप्ता ने MBBS की डिग्री ओडिशा से ली थी. उसके बाद रिम्स ने एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केअर में विशेष प्रशिक्षण लिया था. क्रिटिकल केयर में मरीजों के जीवन रक्षा के लिए उनका समर्पण और व्यवहार उन्हें डाउन टू अर्थ के डॉक्टर के रूप में ख्याति दिलाई थी. डॉ. विकास की पत्नी रांची एसबीआई के एक ब्रांच में अधिकारी हैं और उनका एक 07 वर्ष का बेटा भी है.

रांची सदर अस्पताल में होगी शोक सभा

डॉ. स्टीफन खेस ने बताया कि दिवंगत डॉ. विकास के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम चतरा में ही किया गया. रांची सिविल सर्जन वहां गए थे. डॉ. विकास के परिजनों की इच्छा के अनुरूप शव को चतरा से बिहार के औरंगाबाद के उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है. डॉ. खेस ने बताया कि सबके प्रिय रहे दिवंगत डॉ. राजेश की आत्मा को शांति मिले, इसके लिए रांची सदर अस्पताल में शोकसभा आयोजित की जाएगी.

आईएमए और झासा ने भी जताया शोक

दिवंगत डॉ. राजेश कुमार गुप्ता न सिर्फ एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि चिकित्सकों के हक और अधिकार के लिए भी हमेशा मुखर रहते थे.राज्य के सरकारी डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन झारखंड हेल्थ सर्विसेस एसोसिएशन (झासा) की रांची यूनिट के सचिव भी थे. उनके असामयिक निधन पर झासा के अध्यक्ष डॉ. बिमलेश कुमार सिंह, सचिव डॉ. ठाकुर मृत्युंजय, आईएमए झारखंड के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह, आईएमए सचिव डॉ. प्रदीप सिंह और रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने गहरा शोक जताते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है.

ये भी पढ़ें-

चतरा एयर एंबुलेंस क्रैश मामले की जांच में जुटी DGCA, रांची पहुंची टीम

रांची से उड़ान भरी, 23 मिनट बाद संपर्क टूटा... चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश

झारखंड प्लेन क्रैश: लातेहार के पायलट विवेक भगत ने भी गंवाई जान, पिता धूमधाम से करना चाहते थे शादी, पूरे गांव में पसरा मातम

Last Updated : February 24, 2026 at 9:00 PM IST