झारखंड कांग्रेस की एक्सटेंडेड पीएसी की बैठक में अगले एक साल के कार्यक्रम तय! रामेश्वर उरांव ने पेसा नियमावली पर उठाए सवाल
रांची में झारखंड कांग्रेस पीएसी की बैठक में अगले एक वर्ष के कार्यक्रम तय किए गए.

Published : January 7, 2026 at 8:57 PM IST
रांची: 2025 को संगठन सृजन वर्ष के रूप में मनाने वाली कांग्रेस ने अगले 12 महीने के लिए अपना कार्यक्रम तय किया है. बुधवार को रांची के बीएनआर में कांग्रेस की एक्सटेंडेड पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी की बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी के राजू की उपस्थिति और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता, उपनेता, सांसद, विधायक, जिला पर्यवेक्षक, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कोटे से बोर्ड निगम में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य एवं कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की बैठक संपन्न हुई.
इस बैठक में पहली बार बतौर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में गुंजन सिंह भी शामिल हुईं. बैठक में प्रदेश प्रभारी ने अगले बारह महीने के लिए पार्टी के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए साफ कहा कि ग्राम पंचायत और वार्ड लेवल को केंद्र में रखकर अब कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम आयोजित होंगे. उन्होंने कहा कि एसआईआर, पेसा नियमावली, नगर निकाय चुनाव को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सुझाव भी लिए गए हैं
हर महीने होने वाली बैठक में विभिन्न एजेंडों पर चर्चा
के राजू ने उपस्थित नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि सभी ग्राम पंचायत समिति के 12 सदस्यों को सम्मानित करने का काम जल्द शुरू होगा. संगठन के कार्यक्रमों को धरातल पर पंचायत स्तरीय समिति ही उतार सकती है, तभी संगठन मजबूत होगा. उन्होंने कहा कि निश्चित तिथि पर हर प्रत्येक पंचायत एवं वार्ड समिति की बैठक हर महीने विभिन्न एजेंडों पर होना चाहिए. अगले दो सप्ताह में बचे हुए बीएलए की नियुक्ति हो जानी चाहिए.
बीजेपी के लिए काम कर रहा है चुनाव आयोग!
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2.79 करोड़ वोटरों का नाम हटाया गया है. एक करोड़ मतदाताओं से दादा और पिता का जन्म प्रमाण पत्र मांगा गया है, यह संभव नहीं है. जहां-जहां विधानसभा, लोकसभा में हमारे उम्मीदवार हैं, उन्हें बिना देर किए बीएलए की नियुक्ति करनी होगी ताकि एसआईआर में मतदाताओं का नाम ना कट सके.
इसके साथ ही के राजू ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि 'मनरेगा बचाओ संग्राम' का मूल उद्देश्य मनरेगा कानून को पूणः वापस लाना है. इस संग्राम में मुख्य भूमिका पंचायत समिति की होगी. नए कानून से मनरेगा कार्यकर्ताओं को क्या नुकसान है उनका अधिकार कैसे छीना गया? यह मनरेगा कार्यकर्ताओं को हमें बताना है. इसके साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता के राजू ने आगे कहा कि जल्द ही पार्टी प्रदेश स्तर पर 75 मास्टर ट्रेनर बीएलए तैयार करेगी, जो आगे के दूसरे बीएलए को ट्रेंड करेगी.
SIR से पहले सभी सभी बीएलए की नियुक्ति जरूरी: केशव महतो कमलेश
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि अगले एक माह के अंदर एसआइआर होने वाला है, सभी बीएलए की नियुक्ति करके उसकी पावती रसीद प्रदेश कांग्रेस के कनेक्ट सेंटर में जमा करना है. झारखंड में लागू पेसा नियमावली के खिलाफ, जो बातें फैलाई जा रही हैं, उसके प्रति लोगों को जागरूक करना है. वही उन्होंने कहा कि मनरेगा के संदर्भ में लोगों के समक्ष बात रखनी है. इसके साथ ही गांधी जी का नाम मिटाने की कोशिश ग्रामीण अर्थव्यवस्था लोगों के आर्थिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से लोगों को अवगत कराना है.
मनरेगा बचाओ संघर्ष कार्यक्रम की तैयारी को लेकर @INCJharkhand_ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुआ। पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, पदाधिकारियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों व अग्रणी संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।#मनरेगा पर @narendramodi सरकार के… pic.twitter.com/gXVZqWls7N
— K Raju (@KRajuINC) January 7, 2026
मनरेगा के खिलाफ बीजेपी ने उठाया कदम: विधायक प्रदीप यादव
10 जनवरी से 29 जनवरी तक राष्ट्रव्यापी होने वाले 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के प्रत्येक चरण के आंदोलन को पूरी गंभीरता से चलाना है. कांग्रेस विधायक दल नेता प्रदीप यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा के खिलाफ बीजेपी द्वारा उठाया गया दुस्साहस भरा कदम भाजपा के कई वर्षों के प्रयासों का प्रतिफल है. किसानों के लिए हितकारी कृषि कानून को भी बदलने का प्रयास किया गया था. कृषि कानून में बदलाव की कोशिश उनकी विकृत सोच का परिणाम था, सूचना के अधिकार में भी परिवर्तन करके सूचना के अधिकार को कमजोर किया है.
मनरेगा को कमजोर करने की साजिश
मनरेगा योजना को सोच समझकर 10 वर्षों से कदम दर कदम कमजोर करते हुए उसे खत्म किया जा रहा है. पहले मनरेगा बजट को कम किया, मनरेगा में राज्यों को पैसे नहीं दिया गया ताकि मजदूरों का मनरेगा से मोहभंग हो जाए और उसे समाप्त करने में कोई अवरोध न हो. इस नए कानून के खिलाफ हमें मजबूती से लड़ना होगा.
वहीं वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अंग्रेजों ने जिस तरह से जुल्म ढाया, उससे ज्यादा आज बीजेपी लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर जुल्म ढहाने का प्रयास कर रही है. हम लोगों को अपने हक का पैसा नहीं मिलता तो क्या हम लोगों को वित्तीय सहायता केंद्र सरकार से मिलेगी?
पेसा नियमावली के विरोध में कोई कोर्ट जाता है तो मैं उसके साथ: रामेश्वर उरांव
पूर्व मंत्री एवं विधायक रामेश्वर उरांव ने बैठक के दौरान पेसा नियमावली में गड़बड़ी को लेकर कहा कि छतीसगढ़ की तरह यहां पेसा नियमावली बनाया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बैठक के बाद भी उन्होंने लंबे अंतराल के बाद राज्य में पेसा नियमावली अधिनियमित होने पर सरकार को बधाई देते हुए कहा कि यदि वर्तमान पेसा नियमावली के कई प्रावधानों के पेसा एक्ट 1996 के उलट होने को लेकर कोई अदालत जाता है, तो वह उसके साथ होंगे.
झारखंड में संगठन सृजन वर्ष के संगठन को मजबूत करने के लिए ढेरों काम हुए हैं और जो भी काम बाकी रह गए हैं, उन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा: गुंजन सिंह, राष्ट्रीय महासचिव, महिला कांग्रेस
बैठक में सांसद कालीचरण मुंडा, डॉ. रामेश्वर उरांव, फुरकान अंसारी, प्रदीप कुमार बालमुचू, सुबोध कांत सहाय, राजेश ठाकुर, अनूप सिंह, नमन विक्सल कोंगाडी, ममता देवी, भूषण बाड़ा, सुरेश बैठा, निशत आलम, शहजादा अनवर प्रदीप तुलस्यान ने भी अपनी राय रखी.
कार्यक्रम में हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक, कृषि विपणन पर्षद के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान, अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम, ज्योति सिंह माथारू, प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा, मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल, मुजनी अमूल्य, नीरज खलको, सोनाल शांति, महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रमा खलको, कमल ठाकुर, अभिलाष साहू समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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