झारखंड कांग्रेस का आदित्य साहू पर बड़ा हमला, कहा- हार सामने देख अनर्गल मांग और राज्य निर्वाचन आयोग की दौड़ लगा रहे बीजेपी नेता
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर झारखंड कांग्रेस ने पलटवार किया है.

Published : February 13, 2026 at 6:48 PM IST
रांची: झारखंड कांग्रेस ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने बताया कि निकाय चुनाव से पहले ही हार की हताशा बीजेपी नेताओं के चेहरे पर साफ-साफ दिख रही है. कांग्रेस प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह से जिम्मेदारी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए सजग है.
केंद्रीय सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग हास्यास्पद: सोनाल शांति
सोनाल शांति ने आगे कहा शहरी निकाय चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग पूरी तरह से हास्यास्पद और विवेकहीन है. एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री, झारखंड को नक्सल मुक्त बताकर केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या झारखंड में कम कर रहे हैं और झारखंड के शहरी निकाय चुनाव में भाग लेने वाले निवासियों के लिए बीजेपी अध्यक्ष केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग कर रहे हैं, यह विवेक शून्यता का परिचायक है.
उजागर हुआ है बीजेपी का दोहरा चरित्र
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीसीटीवी के मसले पर कहते हैं कि सीसीटीवी लगाकर बहू-बेटियों का चेहरा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, जिसका बीजेपी के केंद्रीय नेता समर्थन करते हैं और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू अपने नेताओं के उलट सीसीटीवी लगाने की मांग कर रहे हैं, यह बीजेपी नेताओं के दोहरे चरित्र को दर्शाता है.
झारखंड में होने वाले निकाय चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर प्रदेश अध्यक्ष श्री @AdityaPdSahu जी ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) February 13, 2026
ज्ञापन में मतदान से मतगणना तक सभी संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने का आग्रह… pic.twitter.com/nUjAPUd97j
झारखंड में बीजेपी सरकार के दौरान नहीं हुआ विकास: कांग्रेस
उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा बीजेपी नेताओं ने जितने दौरे करके चुनाव आयोग के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है, उतने दौरे जनता के बीच करते और उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास करते तो आज बीजेपी को यह दिन नहीं देखना पड़ता. 2014 से 2019 तक झारखंड के नगर निकायों में अधिकांश पार्षद, मेयर, डिप्टी मेयर, नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री बीजेपी के ही रहे हैं. केंद्र में भी बीजेपी की सरकार थी लेकिन झारखंड के शहरों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया. जनता से दूरी बनाने का परिणाम बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों को नगर निकाय चुनाव में भुगतना पड़ेगा.
बीजेपी पर आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए कहा बीजेपी चुनाव आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं. सोनाल शांति ने कहा कि बीजेपी विधायक बाबूलाल मरांडी की उपस्थिति में पाकुड़ नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रत्याशी सम्पा साहा के समर्थन में बीजेपी के चुनाव चिन्ह का पट्टा पहनकर बीजेपी नेता शामिल हुए थे. लोकतंत्र का मखौल उड़ाने वाले बीजेपी नेताओं से आचार संहिता के सुचिता के पालन की उम्मीद नहीं की जा सकती है.
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