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MMDR संशोधन बिल पर कांग्रेस करेगी चरणबद्ध आंदोलन, प्रखंड स्तर तक उठेगा चंदा चोरी का मुद्दा

झारखंड कांग्रेस ने MMDR संशोधन बिल और चंंदा चोरी के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है.

Congress announces phased agitation
कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का किया ऐलान (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 21, 2026 at 6:57 PM IST

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रांची: केंद्र सरकार द्वारा खान एवं खनिज संशोधन विधेयक, 2026 को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. 27 अगस्त से झारखंड कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा. पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सांसद सुखदेव भगत, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड कांग्रेस, केंद्र की मोदी सरकार का मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं करेगी.

संवाददाता सम्मेलन में सुखदेव भगत और केशव महतो कमलेश ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस एमएमडीआर संशोधन बिल एवं चंदा चोरी के खिलाफ प्रखंड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक संघर्ष करेगी.

कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन का किया ऐलान (Etv Bharat)

27 अगस्त से कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन: केशव महतो कमलेश

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि एमएमडीआर संशोधन बिल के माध्यम से राज्य के खनिज पर सेस वसूलने का अधिकार खत्म करने के केंद्र सरकार के फरमान के विरोध में 27 अगस्त से कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करेगी.

27 अगस्त को जिला मुख्यालय में एकदिवसीय धरना दिया जाएगा और राष्ट्रपति के नाम मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा. 7 सितंबर को राज्य स्तरीय धरना, लोक भवन के समक्ष दिया जाएगा एवं 9 से 16 सितंबर के बीच सभी प्रखंड मुख्यालय में धरना दिया जाएगा. आगामी कार्यक्रमों की घोषणा 16 सितंबर के बाद प्रखंड स्तरीय धरना समाप्त होने के बाद की जाएगी.

प्रखंड स्तर तक कांग्रेस लेकर जाएगी चंदा चोरी का मुद्दा

केशव महतो कमलेश ने बताया कि MMDR संशोधन बिल से होने वाले झारखंड को नुकसान और राम मंदिर में चंदा चोरी प्रकरण को प्रखंड स्तर तक ले जाकर जनता को बीजेपी की सच्चाई बताई जाएगी. 2024-25 में खनिज से झारखंड को 1380 करोड़ तथा 25-26 में 7487.91 करोड़ मिला था, इससे कई योजनाओं की प्रगति में राज्य को वित्तीय सहायता मिली थी. खनिजों पर सेस हटाने से कई जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रभाव पड़ेगा.

स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पेंशन और मंईयां योजना जैसी योजनाएं प्रभावित होगी. हमारी सरकार भी इस मामले पर गंभीर है. उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.झारखंड के हितों के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश केंद्र सरकार कर रही है.

खान एवं खनिज से प्रदूषण और विस्थापन हम झेलें और निर्देश केंद्र दें, नहीं चलेगा: सुखदेव भगत

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि खनिज झारखंड का है, प्रदूषण और विस्थापन का दर्द झारखंड के लोग झेले और निर्देश केंद्र की सरकार के हो, ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं चलेगा. हमारा सवाल है कि सेस लगाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने दिया था, क्या मोदी सरकार सर्वोच्च न्यायालय से भी ऊपर है, जो सेस लगाने के अधिकार को रोक रही है.

दिल्ली में बैठे यहां के नेताओं को झारखंडी हितों से लगाव नहीं

राज्यों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है. केंद्र, राज्यों पर अपने 'तानाशाही' निर्णय थोप रही है, इससे हास्यास्पद स्थिति और क्या हो सकती है कि भाजपा के नेता यहां के लोगों का वोट लेकर सांसद बनते हैं लेकिन गुणगान अपने दिल्ली के 'आकाओं' का करते हैं. उन्हें झारखंडी हितों से कोई लगाव नहीं है. केंद्र सरकार, कल्याणकारी राज्य की अवधारणा की जगह लाभ हानि की सरकार चलाना चाहती है, क्या वह ग्रॉसरी दुकान की तरह 'मुनाफा' कमाना चाहती है.

अब सवाल यह है कि क्या यही फेडरल स्वरूप का चरित्र है. झारखंड में सेस यहां के करोड़ों लोगों के कल्याण के लिए लगाया गया था. मंईया सम्मान योजना, अबुआ आवास जैसी योजनाओं पर प्रहार है. राज्य का अधिकार है, जिस पर केंद्र सरकार नकेल कस रही है.

उन्होंने कहा कि पहले खनन की सीमा 10 KM थी लेकिन केंद्र ने इसे बढ़ाकर असीमित कर दी है, इससे विस्थापन की समस्या बढ़ेगी, जो इशारा करती है कि केंद्र सरकार विस्थापन को बढ़ावा देना चाहती है.

14656 करोड़ का सालाना नुकसान

कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस संशोधन के बाद झारखंड के लोग संघर्ष करना जानते हैं. संघर्ष करेंगे और इस पूरे मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी को बेनकाब करेंगे, कि किस तरह राज्य की जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले निर्णय के साथ भाजपा के सांसद, केंद्र के साथ खड़े हैं.

वहीं राम मंदिर 'चंदा चोरी' पर उन्होंने कहा कि जनता की आस्था और भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है. चंदा चोरी की जांच सीबीआई की जगह SIT से करा रहे हैं और गैर भाजपा शासित राज्यों में हर प्रकरण की जांच सीबीआई से कराना चाहते हैं. 'चंपत राय जैसे लोगों को क्लीन चिट देना यह साफ दिखता है कि 'भाजपा' चंदा चोरी में शामिल है. राम मंदिर बनाने का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लेते हैं लेकिन चंदा चोरी की जिम्मेदारी से वे भागते हैं.

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