झारखंड के कोयला व्यवसायी खाट पर बैठकर बिहार में 14 दिनों से दे रहे धरना, 4.61 करोड़ का है मामला
झारखंड का कोयला व्यवसायी बिहार में 14 दिनों से खाट लगाकर धरना पर बैठै हैं. 4.61 करोड़ का बकाया वसूलने की कर रहा कोशिश.

Published : June 29, 2026 at 4:00 PM IST
गया: बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीगंज गडेरिया गांव में झारखंड के कोयला व्यवसाई धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह पिछले 14 दिनों से बकाया राशि वसूलने के लिए धरना दे रहे हैं. उन्होंने बकाएदार संतोष कुमार अग्रवाल के घर के बाहर खाट लगाकर बैठना शुरू किया था. अब घर से सटे मंदिर के बाहर खाट डालकर तगादा कर रहे हैं. उनका कहना है कि 4 करोड़ 61 लाख रुपये लेकर ही यहां से वापस जाएंगे.
2020 से 2024 तक का बकाया: धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि संतोष कुमार अग्रवाल के साथ 2020 से 2024 तक कोयला व्यापार चला. इस दौरान 4 करोड़ 61 लाख रुपये बकाया रह गया. कई बार तगादा करने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ. शेरघाटी कोर्ट में स्टांप पेपर पर इकरारनामा किया गया, लेकिन उसे भी नहीं निभाया गया. इसके बाद गांव के गणमान्य लोगों के सामने भी समझौता हुआ, फिर भी राशि नहीं चुकाई गई.
कोयला कारोबारी हुए हार्ट अटैक का शिकार: कोयला कारोबारी का कहना है कि संतोष अग्रवाल ने उनके पैसे से आलीशान स्विमिंग पूल वाला घर बनवाया है, कई जगह जमीन-मकान खरीदे और महंगी गाड़ियां से चल रहे हैं. इस बीच खुद का पैसा फंसने से उन्हें हार्ट अटैक भी आया. उन्होंने बाजार से खाट खरीदकर यहां तकादे के लिए बैठने का फैसला लिया. उनके ऊपर भी बैंक का लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बकाया है.
"बकाया की राशि भुगतान के लिए संतोष कुमार अग्रवाल से कई बार तकादा किया. किंतु उन्होंने रुपए नहीं दिए. इसके बाद बकाए राशि के भुगतान के लिए संतोष कुमार अग्रवाल ने पूर्व में शेरघाटी कोर्ट में स्टांप पेपर पर अपने हिसाब से इकरारनामा किया लेकिन कारनामा के बावजूद भी रुपया नहीं दिया."-धर्मेंद्र सिंह, कोयला कारोबारी, झारखंड
मंदिर में भक्ति, शाम को बाहर तगादा: धर्मेंद्र सिंह दिन में मंदिर में भक्ति भाव से भी बैठते हैं, लेकिन शाम को मंदिर बंद होने के बाद घर के बाहर खाट पर आ जाते हैं. उनका स्पष्ट संदेश है कि यह धरना नहीं बल्कि बकाया वसूली का तगादा है. जब तक पूरा भुगतान नहीं होता, वे यहां डटे रहेंगे.
संतोष अग्रवाल की पत्नी आईजी ऑफिस पहुंची: संतोष कुमार अग्रवाल की पत्नी सरिता अग्रवाल ने मगध आईजी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि पति का कोयला भट्ठा फेल हो गया, जिससे पैसा मार्केट में फंस गया. फिर भी तीन-तीन लाख रुपये हर महीने चुकाए गए. उन्होंने दावा किया कि कुल बकाया करीब 3 करोड़ रुपये है और समय देने पर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। परिवार को मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया.
"न्याय की गुहार लगाने मगध आईजी ऑफिस आए हैं. आईजी से आश्वासन मिला है कि इस मामले को देखा जाएगा. पैसों के लेन-देन से संबंधित मामला है. हमारे पति संतोष कुमार अग्रवाल और मुन्ना सिंह के बीच कोयला का व्यवसाय पिछले कई सालों से चल रहा था. हमारे पति का कोयला भट्टा फेल हो गया, जिससे पैसा मार्केट में फंस गया. मेरे पति ने तीन-तीन लाख रुपए हर महीने दिए भी हैं. लेकिन धर्मेंद्र सिंह कहते हैं, कि एक बार पैसा लेकर जाएंगे."- सरिता अग्रवाल, संतोष अग्रवाल की पत्नी
गया एसएसपी ने एसडीपीओ को दिए निर्देश: गया एसएसपी सुशील कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि एसडीपीओ इमामगंज को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति धरना उचित नहीं है, लेकिन पूरी स्थिति का परीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी. यदि कोई लिखित शिकायत आती है तो कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
"यह मामला संज्ञान में आया है. इस संबंध में एसडीपीओ को निर्देशित किया गया है. यदि कोई मामला है, तो कंप्लेन दर्ज कराएं. हम लोग कार्रवाई करेंगे. जांच में जो भी बात सामने आएगी, अनुसंधान कर कार्रवाई होगी."-सुशील कुमार, एसएसपी, गया
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