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झारखंड बजट पर चैंबर के कई सुझावः निवेश, पर्यटन सहित कई विषयों पर सौंपा लिखित उपाय

झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सरकार को बजट को लेकर लिखित सुझाव सौंपा है.

Jharkhand Chamber of Commerce given several suggestions to government regarding state budget
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 17, 2026 at 3:59 PM IST

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रांचीः झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य सरकार को आगामी बजट 2026-27 के लिए उद्योग, व्यापार, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव लिखित रुप से सौंपा है. चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा वित्त विभाग के प्रधान सचिव को सौंपे गए लिखित प्रस्ताव में राज्य की आंतरिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर राज्य को निवेश का नया केन्द्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय बताया है जिससे राज्य में रोजगार बढ़ने के साथ साथ पलायन पर अंकुश लगाया जा सके.

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मलहोत्रा ने इस संबंध में ईटीवी भारत को जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड आज आर्थिक परिवर्तन के निर्णायक दौर से गुजर रहा है. राज्य को खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर विविध औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना समय की मांग है. उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके सशक्तिकरण से ही रोजगार सृजन एवं समावेशी विकास संभव है.

जानकारी देते झारखंड चैंबर अध्यक्ष (ETV Bharat)

एमएसएमई और औद्योगिक विकास के लिए उन्होंने प्रत्येक जिले में न्यूनतम 25 एकड़ का समर्पित एमएसएमई लैंड बैंक स्थापित करने, नए एमएसएमई उद्योगों को 5 वर्षों तक स्टाम्प ड्यूटी, बिजली शुल्क एवं एसजीएसटी में छूट देने, नए लोन पर 2 फीसदी ब्याज अनुदान तथा 5 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी योजना का विस्तार करने की बात कही. उन्होंने यह भी सुझाया कि बंद खदानों को पुनः चालू करने और माइका उद्योग के पुनरुद्धार के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाना चाहिए.

ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उन्होंने उद्योगों के लिए प्रिडेक्टिबल पावर प्राइजिंग फ्रेमवर्क लागू करने की बात कही जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक योजना बनाने में सुविधा मिले. एमएसएमई के लिए रूफटॉप सोलर पर सब्सिडी तथा ग्रीन एनर्जी अपनाने वाले उद्योगों के लिए ग्रीन टैरिफ शुरू करने का सुझाव दिया. उन्होंने निवेशकों के लिए डिजिटल यूटिलिटी मैप पोर्टल विकसित करने का सुझाव दिया है. यह कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम को वास्तविक अर्थों में वन-प्वाइंट क्लीयरेंस सिस्टम बनाया जाए और सभी क्लीयरेंस 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से दी जाएं.

Jharkhand Chamber of Commerce given several suggestions to government regarding state budget
चैंबर द्वारा सरकार को सौंपे गये लिखित सुझाव (ETV Bharat)

झारखंड इनोवेशन फंड की स्थापना का प्रस्ताव

चैंबर द्वारा झारखंड के स्टार्टअप्स को सरकारी टेंडर में प्राथमिकता, ईएमडी से छूट तथा 100 करोड़ रु० के झारखंड इनोवेशन फंड की स्थापना का प्रस्ताव भी दिया गया है. उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी ट्रेड एंड इंडस्ट्री कमीशन का गठन, सूक्ष्म उद्यमों को टैक्स ऑडिट से राहत, विभिन्न विभागों में लंबित भुगतानों के शीघ्र निपटारे के लिए समयबद्ध तंत्र लागू करने की बात कही गई.

चैंबर द्वारा दिए गए सुझाव में प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए अपराजिता महिला वेंडर मार्केट की स्थापना, स्थानीय निवासियों को लघु खनिज के संग्रह एवं परिवहन में सरलता देने के लिए नीति संशोधन, रामगढ़, धनबाद जैसे क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए जस्ट ट्रांजिशन फंड का गठन, उद्योगों और आईटीआई के बीच पीपीपी मॉडल पर स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाना भी शामिल है.

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स को राज्य का आधिकारिक स्टेट इंडस्ट्री पार्टनर घोषित किया जाए. जिससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन में उद्योग जगत की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित हो सके, साथ ही उन्होंने 5 से 10 वर्षों की दीर्घकालिक औद्योगिक नीति स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने विश्वास जताया कि अगर इन सुझावों को बजट 2026-27 में शामिल किया जाता है, तो झारखंड शीघ्र ही पूर्वी भारत का औद्योगिक पावरहाउस बन सकता है और विकसित झारखंड का सपना साकार होगा.

परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर से जुड़े सुझाव

झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने राज्य सरकार को परिवहन एवं लॉजिस्टिक सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा है कि बस, ट्रक और लॉजिस्टिक्स सेवाएं केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन हैं. इस क्षेत्र को मजबूत किए बिना रोजगार, व्यापार और राजस्व वृद्धि संभव नहीं है. चैंबर ने सरकार से परिवहन क्षेत्र को बजट में प्राथमिकता देने की मांग की है. चैंबर का मानना है कि अगर परिवहन क्षेत्र को बजट में प्राथमिकता दी जाती है, तो इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी और आम जनता को सस्ती व सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी.

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