झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर के हत्यारे का कबूलनामा, बोला- अनीता के व्यवहार में बदलाव आ गया था
पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है. पैर में गोली लगी है. बीते सोमवार को रेलवे स्टेशन रोड पर शव मिला था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 10:41 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 10:01 PM IST
झांसी : झांसी की पहली महिला ऑटो चालक अनीता के हत्यारोपी को पुलिस ने शुक्रवार देर रात मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया. हत्यारोपी न्यायालय में सरेंडर करने की जुगत में था, लेकिन इसे पहले पुलिस से मुठभेड़ हो गई. हत्यारोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. मुठभेड़ में हत्यारोपी मुकेश झा के पैर में गोली लगी है. इलाज के लिए उसे मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया है.
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा निवासी महिला ऑटो चालक अनीता चौधरी की 5 जनवरी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में अनीता के पति दिलदार चौधरी ने मुकेश झा, उसके पुत्र शिवम झा और बहनोई मनोज झा पर हत्या का आरोप लगाया था. इसके बाद केस दर्ज कर दो आरोपियों शिवम और मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया था. मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार चल रहा था. उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
एसपी सिटी प्रीति सिंह के अनुसार शुक्रवार रात भगवंतपुरा वाले रस्ते पर कारगुवां में मुकेश झा की मौजूद होने की सूचना मिली. इसके बाद नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव और बरुआसागर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की. पुलिस की घेराबंदी देख मुकेश ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली हत्यारोपी मुकेश झा के पैर में लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा.
सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया, पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा, मैं ओरछा में एक ग्लास फैक्ट्री में बतौर अकाउंटेंट काम करता था. अनीता चौधरी भी उसी फैक्ट्री में काम करती थी. 2018 में दोनों का आपस में परिचय हुआ था. 2018 से लेकर अक्टूबर 2025 तक हम एक-दूसरे से बातचीत करते रहे व मिलते रहे. अक्टूबर 2025 से अनीता के व्यवहार में बदलाव आ गया. वह मुझे नजरअंदाज करने लगी थी. मेरा फोन उठाना भी बंद कर दिया था. इससे मुझे अनीता पर शक हुआ.
अनीता के फोन का कंट्रोल भी अपने फोन में एक्सेस किया था. अनीता फोन पर किससे बात कर रही है, फोन में क्या देख रही है इसकी सारी जानकारी मुझे मिलती रहती थी. इस बात को लेकर हम दोनों में कई बार झगड़ा भी हुआ था, जिससे मन-मुटाव हो गया था. नवंबर में चोरी से अनीता के ऑटो में GPS ट्रैकर लगा दिया था, जिससे अनीता की सारी गतिविधि पता चलती थी. माइक्रोफोन के जरिए ऑटो में होने वाली सारी बातें सुनता रहता था.
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