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झालावाड़ नगर परिषद चुनाव में घमासान तेज, भाजपा जिला अध्यक्ष पर निर्दलीय प्रत्याशी को धमकाने का आरोप

शर्मा ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबको चुनाव लड़ने का अधिकार है.

JHALAWAR NAGAR PARISHAD
भाजपा नेता की थाने में की गई शिकायत (ETV Bharat Jhalawar)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : September 2, 2026 at 9:06 PM IST

2 Min Read
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झालावाड़: नगर परिषद चुनाव में नामांकन समाप्त होने के बाद रूठों को मनाने और उम्मीदवारों को बैठाने के हथकंडे तेज हो गए हैं. वार्ड 36 से निर्दलीय प्रत्याशी रीता चौहान के पति भूपेंद्र सिंह चौहान ने भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा पर धमकाने और अमर्यादित भाषा का आरोप लगाते हुए कोतवाली में लिखित शिकायत दी है. इसके चलते सियासी सरगर्मी तेज हो गई.

कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश मीणा ने बताया कि भूपेंद्र सिंह चौहान ने भाजपा जिला अध्यक्ष शर्मा के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर चुनाव में दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस शिकायत की जांच में जुटी है. शिकायतकर्ता ने बताया कि चुनाव संबंधी बातचीत और सुझाव के लिए वह वार्ड में संपर्क कर रहे थे, तभी भाजपा जिला अध्यक्ष शर्मा आए और बदतमीजी की तथा चुनाव संबंधी दबाव बनाया, अभद्रता करते हुए नामांकन वापस लेने को कहा.

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इधर, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि किसी पार्षद प्रत्याशी से अभद्रता नहीं की, किसी निर्दलीय को नाम वापस लेने का दबाव नहीं बनाया. लोकतंत्र में हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है. ऐसे में बदतमीजी और धमकाने के आरोप निराधार हैं.

चला मान मनोव्वल का दौर: इस बीच दोनों दलों में देर रात तक बैठकों और मान-मनौव्वल का दौर चला. दोनों दलों के सामने नाराज नेताओं को मनाने की अग्निपरीक्षा है. बागी डटे रहे तो सबसे बड़ा नुकसान अपने ही वोट बैंक को होगा.

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वार्ड 36 बना हॉट सीट: झालावाड़ नगर परिषद के वार्ड 36 का मुकाबला इस बार सबसे दिलचस्प माना जा रहा है. भाजपा-कांग्रेस दोनों के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनौती बढ़ा दी है. वार्ड में राजकुमार सोनी और लोकेश सोनी दोनों सोनी समाज से आते हैं, ऐसे में रीता चौहान और राहुल गोयल के निर्दलीय मैदान में रहने से वोटों का बिखराव तय है. यही वजह है कि नाम वापसी के आखिरी दिन तक मान-मनौव्वल और दबाव की राजनीति तेज है. यदि बागी नहीं बैठे तो वार्ड 36 का परिणाम पूरे परिषद चुनाव के समीकरणों पर असर डाल सकता है.