खुशखबरी: अब साइबर फ्रॉड की जांच में कारोबार नहीं होगा ठप, खुले रहेंगे खाते
पीएमएलए के तहत अब ज्वेलर्स को “रिपोर्टिंग एंटिटी” की श्रेणी में रखा गया,मनी ट्रेल खंगालते हुए पुलिस ज्वेलर्स के पूरे खाते को नहीं करेगी ब्लॉक

Published : March 1, 2026 at 3:37 PM IST
नई दिल्ली: देश के जेम्स व ज्वेलरी सेक्टर में इन दिनों दो बड़े मुद्दों की वजह से ज्वेलर्स की चिंता बढ़ी हुई है. पीएमएलए के प्रावधान और साइबर अपराध की जांच के दौरान बैंक खातों के फ्रीज होने को लेकर ज्वेलर्स चिंतित है. उद्योग संगठनों का कहना है कि जांच प्रक्रिया में अक्सर वैध कारोबार भी प्रभावित हो जाता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ जाती हैं. इन समस्याओं के समाधान को लेकर ज्वेलर्स संगठनों की सरकार व नियामक संस्थाओं के साथ लगातार बातचीत चल रही है.
500 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले ज्वेलर्स को सीधे रिपोर्टिंग
आल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक कौंसिल के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता ने बताया कि पीएमएलए के तहत अब ज्वेलर्स को “रिपोर्टिंग एंटिटी” की श्रेणी में रखा गया है. इसका मतलब ये है कि 10 लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन व संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी उन्हें रिपोर्ट करनी होती है. उन्होंने कहा कि 500 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले ज्वेलर्स को सीधे रिपोर्टिंग करनी होती है, जबकि छोटे कारोबारियों को अपने एसोसिएशन के नोडल अधिकारी के माध्यम से जानकारी देनी पड़ती है.
मनी ट्रेल खंगालते हुए बैंक खाता फ्रीज करने से ज्वेलर्स थे परेशान
अविनाश गुप्ता ने बताया कि समस्या केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराध की जांच में जब मनी ट्रेल खंगालते हुए पुलिस ज्वेलर्स तक पहुंचती है तो उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया जाता है. पहले पूरे खाते को ब्लॉक कर दिया जाता था. इससे कारोबार पूरी तरह ठप हो जाता था. हालांकि हाल ही में अदालत के आदेश के बाद अब केवल उतनी ही राशि फ्रीज की जाती है, जितनी संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी होती है.

वैध लेनदेन वाले हिस्से को किसी भी स्थिति में ब्लॉक ना करने की अपील
अविनाश गुप्ता ने कहा कि उद्योग सरकार से यह मांग कर रहा है कि वैध लेनदेन वाले हिस्से को किसी भी स्थिति में ब्लॉक न किया जाए, जिससे व्यापार प्रभावित न हो. उन्होंने बताया कि इस दिशा में सकारात्मक बातचीत चल रही है. जल्द समाधान की उम्मीद है.उन्होंने निवेश के संदर्भ में भी सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ सुरक्षित विकल्प हैं, जबकि डिजिटल गोल्ड अभी पूरी तरह रेगुलेटेड नहीं हुआ है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है. दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ज्वेलरी प्रदर्शनी डीजेजीएफ सिग्नेचर 2026 में ज्वैलरी सेक्टर से जुड़े कई मुद्दों पर बात हुई.

9 कैरेट सोने के ज्वैलरी की डिमांड बढ़ी:
ज्वेलरी प्रदर्शनी के आयोजक व इंफॉर्मामार्केट के एमडी योगेश मुद्रास ने बताया कि तीन दिवसीय इस बी2बी प्रदर्शनी में हजारों कारोबारी शामिल हुए. आगामी अक्षय तृतीया और शादी सीजन से पहले बाजार की दिशा और दशा पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि 85 से 90 अरब डॉलर का घरेलू बाजार 2030 तक 130 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंच सकता है. यह क्षेत्र करीब 50 लाख लोगों को रोजगार देता है.
9 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी की बढ़ी डिमांड :
योगेश मुद्रास ने आगे बताया कि जिस तरीके से सोने के रेट बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं इसे देखते हुए अब कारोबारी 9 कैरेट गोल्ड की हैवी दिखने वाली ज्वेलरी बना रहे हैं जिनकी डिमांड बहुत ज्यादा है. आने वाले समय में इस तरीके की ज्वेलरी की मांग और बढ़ाने वाली है.
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