'एक महीने में जय श्रीराम बोलना भूल जाइयेगा..' RJD सांसद सुरेंद्र यादव का अजीबो-गरीब बयान
RJD सांसद सुरेंद्र यादव का अजीबो-गरीब बयान सामने आया है. गया में एक कार्यक्रम में कहा कि-'एक महीने में जय श्रीराम बोलना भूल जाइयेगा.

Published : May 19, 2026 at 5:50 PM IST
गयाजी: बिहार के गया में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने अजीबोगरीब बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर भारत-अमेरिका की लड़ाई हो गई तो ज्यादा दिन नहीं, बल्कि एक महीने में आप लोग 'जय श्रीराम भूल जाइएगा'. जिनके पिताजी स्वर्गवास हो गए हैं, उन्हें उनका भी नाम याद आ जाएगा. सुरेंद्र यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
पुण्यतिथि कार्यक्रम में पहुंचे थे सांसद: दरअसल, सुरेंद्र प्रसाद यादव गयाजी शहर स्थित केदारनाथ मार्केट के निकट द मगध को-ऑपरेटिव बैंक परिसर में पूर्व विधायक विनय यादव के पिता व द को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष स्व. उमेश कुमार वर्मा की तीसरी पुण्यतिथि में शामिल होने के लिए पहुंचे थे.
केंद्र सरकार पर साधा निशाना: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जहानाबाद से राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश की आर्थिक स्थिति और सहकारिता व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज देश में महंगाई और आर्थिक संकट की स्थिति गंभीर होती जा रही है. को-ऑपरेटिव व्यवस्था को पर्याप्त सहायता नहीं मिलने से हालात और खराब हो सकते हैं.
बढ़ते आर्थिक संकट पर बोले सांसद: अपने संबोधन के दौरान सांसद ने कहा कि अगर अमेरिका में लड़ाई हो गई तो ज्यादा दिन नहीं, एक महीने में ही लोग 'जय श्रीराम' बोलना भूल जाएंगे. तब लोगों को उन लोगों की भी याद आएगी, जिनका स्वर्गवास हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि संसद में बैठकर वे देश की वास्तविक स्थिति देख रहे हैं
"आज हालात ऐसे हैं कि बड़े नेता भी पैदल, टेंपो और साइकिल से चलने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं. आर्थिक संकट एक कैंसर जैसी गंभीर समस्या है. देश को संभालने के लिए मजबूत आर्थिक नीति की जरूरत है." - सुरेंद्र प्रसाद यादव, राजद सांसद, जहानाबाद

लालू यादव के करीबी हैं सुरेंद्र यादव: सुरेंद्र प्रसाद यादव लोकसभा चुनाव 2024 में जहानाबाद से राजद के टिकट पर चुनाव जीते हैं लालू यादव के खास माने जाते हैं. पहली बार 1981 में लालू यादव के संपर्क में आए थे. उस वक्त लालू लोक दल पार्टी के सदस्य थे. 1985 में लोक दल पार्टी से जहानाबाद से सांसद का टिकट मिला था, लेकिन चुनाव हार गए थे.
आठ बार विधायक और रह चुके हैं मंत्री: बाद में 1990 में बेलागंज से विधायक बने थे और आठ बार चुनाव जीते. नीतीश कुमार की सरकार में सहकारिता मंत्री रह चुके हैं. इससे पहले राबड़ी देवी की सरकार में आबकारी मंत्री थे. सुरेंद्र प्रसाद राजद के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं.
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