JDU का गिरा बड़ा विकेट, इस्तीफे के बाद बोले चंदन यादव- 'अभी और नेता छोड़ेंगे नीतीश का साथ'
JDU को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. चंदन यादव ने 22 साल बाद नीतीश कुमार के साथ छोड़ दिया है.

Published : January 8, 2026 at 12:31 PM IST
गया: जदयू के प्रदेश सचिव चंदन यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा दे दिया है. बिहार के गया में प्रेस वार्ता कर चंदन यादव ने इस्तीफा का कारण भी बताया. उन्होंने कहा कि नीतीशवादी कार्यकर्ताओं को पार्टी में दरकिनार किया जा रहा है.
JDU के प्रदेश सचिव का इस्तीफा: जदयू के प्रदेश सचिव चंदन यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे की जानकारी जदयू के शीर्ष नेताओं को मेल के द्वारा दी है. प्रेस वार्ता कर चंदन यादव ने इसकी जानकारी दी. चंदन यादव वर्तमान में जदयू में प्रदेश सचिव हैं. उन्होंने प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा देने के बाद कहा है, कि मुट्ठी भर लोग जदयू को बर्बाद कर रहे हैं.
"जदयू में नीतीशवादी कार्यकर्ताओं-नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है. इसे लेकर कई दफा शिकायत की थी, लेकिन स्थिति यथावत बनी रही, जिसके बाद मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया और इसकी जानकारी पीसी कर दे रहा हूं."- चंदन यादव, प्रदेश सचिव, जदयू
'22 वर्षों तक पार्टी में रहा': चंदन यादव ने कहा है, कि वह 22 वर्षों तक पार्टी में रहे. युवा के दिनों से वह पार्टी में जुड़े थे और विभिन्न पदों पर रहते हुए वर्तमान में प्रदेश सचिव हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारण फिर से हमारी पार्टी सत्ता में आई, लेकिन संगठन की संरचना को लेकर जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर के कई नेताओं में असंतोष है.
नीतीश से शिकायत के बाद भी नहीं बदली स्थिति: उन्होंने कहा कि हमने इसकी शिकायत अपने नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से दिल्ली में व्यक्तिगत तौर पर मिलकर भी की थी. उन्हें बताया गया, कि संगठन की संरचना में क्या-क्या हो रहा है. यह भी बताया गया कि कुछ लोग अपने लोगों को स्थापित कर रहे हैं, जबकि नीतिशवादी कार्यकर्ताओं-नेताओं को उपेक्षित और दरकिनार कर रहे हैं. इसके बाद भी जदयू में स्थिति जस की तस बनी रही, जो की चिंता का विषय थी.
चंदन यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि जदयू के एक नेता चंदन सिंह जैसे लोग हैं, जो मुख्यमंत्री के इर्द गिर्द रहते हैं. ऐसे और कई नेता हैं, जो नीतीशवादी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संगठन में दरकिनार कर रहे हैं. हमारी शिकायत के बावजूद इस पर कोई एक्शन नहीं हुआ, तो ऐसे में हमने निर्णय लिया की पार्टी में रहना ठीक नहीं है.
कई और नेता छोड़ेंगे पार्टी: उन्होंने आगे कहा कि हमें अपने नेता नीतीश कुमार से कोई शिकायत नहीं है. उनके इर्द-गिर्द जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उनके कारण पार्टी छोड़ रहा हूं. मेरे पार्टी छोड़ने से जदयू सचेत हो और नीतीशवादी कार्यकर्ताओं नेताओं को उनका हक मिले, इस स्थिति के लिए भी मैंने यह निर्णय लिया है. मेरे साथ कई और नेताओं ने पार्टी छोड़ी है. इसके बाद पटना में प्रेस वार्ता कर प्रदेश स्तर के कई नेता जदयू को छोड़ेंगे.
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