अंबिकापुर में फैला पीलिया, चप्पल से बंधी मिली पानी की पाइप लाइन, हेल्थ डिपार्टमेंट ने लगाया कैंप
पीलिया से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके हैं नवागढ़, घुटरापारा और अग्रसेन वार्ड. लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 23, 2026 at 7:12 PM IST
सरगुजा: अक्सर पानी जनित बीमारियां खासकर पीलिया बारिश के मौसम में फैलता है. लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है, जब सर्दी का मौसम खत्म होने को है और गर्मी आने को है, तब ये खतरनाक बीमारी पीलिया फैला है. अंबिकापुर में पीलिया फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शहर के उस हिस्से में हेल्थ कैम्प लगाया है. वार्ड में डाक्टर सहित करीब 8 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लगातार कैम्प लगाकर लोगों का इलाज और स्क्रीनिंग कर रही है.
पीलिया का कहर, नगर निगम के दावों पर कितना भरोसा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं. संकरी गलियों में जाने और हालात को देखने के लिए सीएमएचओ स्कूटी पर निकले और स्थिति का जायजा लिया. नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद निगम अमले के साथ खड़े होकर पाइप लाइन चेक कराते नजर आए. उनका आरोप है की ये निगम प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है, कि पेयजल सप्लाई में गंदा पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं. इधर निगम प्रशासन का कहना हैं की सप्लाई का पानी साफ़ है, उसकी लगातार जांच की जाती है. संभव है पीलिया के कारण कुछ और हों या फिर कुछ क्षेत्रों में लीकेज पाइप लाइन से गंदा पानी घरो में जा रहा हो.
टूटी चप्पल से बंधी मिली पानी की पाइप लाइन
स्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत का ध्यान भी रख रहा है, लेकिन इस मामले में नगर निगम के अमले की नींद उड़ी हुई है, क्योंकी शहरी क्षेत्र में वाटर सप्लाई की सीधी जिम्मेदारी नगर निगम की है. लिहाजा जल प्रदाय की पूरी टीम क्षेत्र में पाइप लाइन को खोद कर चेक कर रही है. लीकेज कहां से है ये देखा जा रहा है. मजदूर ने जब पाइप लाइन देखने के लिए गड्ढा खोदा तो देखा कि पाइप लाइन के कनेक्शन में टूटी और सड़ी हुई चप्पल बांधी गई है. जिस पर लोगों ने आपत्ति जाहिर की. नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप भी मौके पर पहुंचे. लोगों की तरफ से शफी अहमद ने उनसे शिकायतें की और पानी कनेक्शन के लिए चप्पल का उपयोग करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की. आयुक्त ने क्षेत्र का भ्रमण किया और जल्द समाधान निकालने की बात कही.
अधिकारियों ने लिया हालात का जायजा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पी एस मार्को ने कहा, बस देखने आया हूं कि कहां क्या समस्या है जिसे जल्द दूर किया जाए. काफी ज्यादा लोग पीलिया से बीमार हुए हैं. करीब 40 प्लस मरीजों की संख्या है. मेडिकल कॉलेज से जो रिपोर्ट आया है, उसे चेक किया जा रहा है. 10 सैंपल भेजे थे उसमें दो में कंटमिनेशन पाया गया. अभी फिर सैंपलिंग किए हैं, दोबारा भेजने के लिए. यहां पर लोगों को समझाइश दे रहे हैं कि पानी उबाल के पिए. पानी अगर गंदा आ रहा है तो उसे इस्तेमाल में नहीं लाएं. बाहर का बना या बिक रहा फूड नहीं खाएं. स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी हुई है. स्क्रीनिंग और काउंसलिंग कर रहे हैं.
सीएमएचओ भी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर
स्थानीय लोगों ने भी कहा कि शहर में ज्यादातर नालियों से होकर ही पानी की पाइप लाइन गुजरी है. अगर कहीं भी पाइप में लीकेज होगी तो उसका पानी सीधे पीने के पानी में मिलेगा. ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि वो कितना खतरनाक साबित होगा. स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लोगों को बीमारी से बचाव के उपाए बता रही है. लेकिन लोगों का भी कहना है कि वो पानी तो उबाल कर पी सकते हैं लेकिन अगर बैक्टिरिया उसके बाद भी पानी में जिंदा रह गया तो क्या करेंगे.
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि हालात यहां पर पैनिक बन हुए हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि घुटरापारा में भी पीलिया के मरीज मिले हैं. नगर निगम आयुक्त का कहना है कि हम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. जो भी समाधान हो सकता है वो किया जा रहा है. लोगों का कहना है कि घुटरापारा के अलावा नवागढ़ और अग्रसेन वार्ड भी पीलिया से प्रभावित क्षेत्र हैं. नगर निगम का अमला लगातार इलाके में भ्रमण कर साफ सफाई का काम करा रहा है. जहां जरुरत है वहां पर क्लोरीन और ब्लीचिंग का भी छिड़काव किया जा रहा है.
नगर निगम आयुक्त ने दिया भरोसा
निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने कहा, अभी तो निरीक्षण में आए हुए हैं. हमारी जो टीम है वो पिछले तीन दिन से इस काम का निरीक्षण करके जो भी समस्या है उसका समाधान कर रही है. जहां जहां पानी के गंदा होने की शिकायत मिल रही है वहां वहां चेक किया जा रहा है. पानी की लगातार सैंपलिंग भी की जा रही है. डीएन कश्यप ने कहा कि पूरे शहर में ऐसे हालात नहीं हैं. फिर भी हम एहतियात बरत रहे हैं. निगम आयुक्त ने कहा कि हम डेली बेसिस पर पानी की सैंपलिंग कराते हैं. कुछ घरों में खराब पानी आया है ये बात सामने आई है. लगभग हम लोगों ने 50 सैंपल दिए हैं. उसको अगर ऑन एवरेज देखा जाए तो उसमें दो तीन चार लोगों के ही घरों में दूषित पानी मिला है.
अभी तक नहीं मिला फॉल्ट
बहरहाल अभी भी गंदे पानी की स्थिति को लेकर लोग डरे हुए हैं. नगर निगम जो भी दावे फॉल्ट को लेकर कर रहा है वो अभी स्पष्ट नहीं हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दोनों इसके लिए निगम को दोषी ठहरा रहे हैं.
हवाई सेवा की खुशखबरी, अंबिकापुर से दिल्ली की उड़ान, अलायंस एयर ने जारी किया शेड्यूल
डाक्टर नर्स नदारद थे, स्वीपर ने कराया प्रसव, नवजात की मौत, छत्तीसगढ़ में भगवान भरोसे अस्पताल
सरगुजा में SIR की प्रक्रिया पूरी, 3 हजार 818 वोटर बढ़े, 1174 नाम हटाए गए

