अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप, एक साथ मिले 42 मरीज, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला है कि पानी में इकोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 21, 2026 at 4:58 PM IST
सरगुजा: मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदा पानी पीने से कई लोगों की जान बीते दिनों गई थी. इंदौर की घटना से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ में भी पानी सप्लाई की जांच कई जिलों में शिकायत के बाद की गई. अलग अलग जिलों में नगर निगम की ओर से दावा किया गया कि पानी की स्प्लाई उनके यहां गुणवत्ता पूर्ण तरीके से हो रही है. इसी बीच अंबिकापुर के एक ही इलाके में एक साथ पीलिया के 42 मरीज मिले हैं. बीमार होने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा मरीज बच्चे हैं.
एक साथ 42 मरीज पीलिया के मिले
एक साथ 42 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच हुआ है. आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाके का दौरा किया. लोगों को बचाव के उपाए बताए और सावधान भी किया. नगर निगम के इंजीनियर भी वाटर सप्लाई लाइन की जांच में जुट गए हैं. पीड़ित परिवार वालों का कहना है कि सभी लोग गंदा पानी पीकर बीमार हुए हैं. लोगों की शिकायत के बाद पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए. गंभीर बात ये है की 10 में से 4 पानी के सैंपल में ईकोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है.
अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम
अंबिकापुर नगर निगम के द्वारा की जा रही पेयजल सप्लाई में दूषित पानी आ था, इसकी पुष्टि तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए वाटर सैंपल में हो चुकी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से रैंडमली सैंपल भी लिए जा रहे हैं. नगर निगम की जल विभाग की टीम भी सैंपल ले रही है. जिसकी जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी की पीलिया दूषित पानी से ही फैला है या फिर अन्य कारणों से. लेकिन फिलहाल शुरुआती जांच में पेयजल सप्लाई का पानी दूषित पाया गया है. अंबिकापुर के पानी में ईकोलाई बैक्टीरिया की मात्रा 100 से अधिक बताई जा रही है.
पानी के सैंपल में मिले ईकोलाइट बैक्टीरिया
एक साथ 42 पीलिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला अलर्ट पर है. विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता. लिहाजा पीड़ितों को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा जा रहा है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के लोग घर घर जाकर लोगों को पेयजल की शुद्धता के प्रति अवेयर कर रहे हैं.
बांक और घुंघुट्टा नदी से पानी की सप्लाई
दरअसल, अम्बिकापुर नगर निगम में पुराने समय से ही बांक नदी के पानी को फिल्टर कर फिल्टर प्लांट से शहर के ओवरहेड टैंक में भरा जाता था. वहां से फिर शहर में वाटर सप्लाई की जाती थी. कई सालों से अमृत मिशन योजना के तहत एक और बड़ी यूनिट कटकालो में लगाई गई, और घुंघुट्टा नदी के पानी को भी शहर तक लाया गया. अब अंबिकापुर शहर को बांक और घुंघुट्टा दो नदियों का पानी सप्लाई किया जाता है.
लोगों के घरों तक दूषित पेयजल तो पहुंच रहा है लेकिन स्पष्ट ये नहीं हो सका है की पूरी सप्लाई में ही गंदा पानी है या फिर क्षेत्र विशेष में ही पानी दूषित आ रहा है. सवाल यह भी है की दूषित पानी आने की वजह क्या हो सकती है. इस तरह के सवालों के जवाब निगम के इंजीनियर तलाश रहे हैं.
पीलिया के लक्षण
- पेशाब का पीला होना
- आंखें लाल हो जाना
- भूख न लगना
- कमजोरी महसूस करना
बचाव कैसे करें
- पानी को उबालकर पीएं
- खाना खाने से पहले हाथों को अच्छे से धोएं
- फिल्टर पानी पीएं
- अधपका खाना खाने से बचें
- घर में सप्लाई होने वाले पानी की नियमित जांच कराएं
क्या खाएं
- सुपाच्य भोजन खाएं
- खाने में फलों की मात्रा बढ़ाएं
- हल्का भोजन करें
- ज्यादा से ज्यादा आराम करें
- तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल जाएं
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