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अंबिकापुर में पीलिया हुआ कंट्रोल, वाटर रिपोर्ट आई क्लीन , प्रशासन का दावा मौतों की वजह कुछ और

अंबिकापुर में पीलिया फैलने की बातों को विराम लगा है.पीलिया प्रभावित क्षेत्र के वाटर रिपोर्ट में पानी के साफ होने की पुष्टि हुई है.

Jaundice controlled in Ambikapur
अंबिकापुर में पीलिया हुआ कंट्रोल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 27, 2026 at 3:12 PM IST

5 Min Read
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देशदीपक गुप्ता,सरगुजा

सरगुजा : अंबिकापुर में पीलिया पर कंट्रोल हो चुका है.पिछले छह दिनों से चले आ रहे बवाल के बाद अब वाटर रिपोर्ट आने के बाद स्थिति नियंत्रण में है.सैंपल में पानी के स्वच्छ होने के बाद भी लोग पानी को लेकर डरे सहमे हैं. रेडक्रास के चेयरमैन और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदितेश्वर शरण सिंहदेव भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और लोगों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सबसे मिलकर समस्या के समाधान की बात कही, इधर नगर निगम ने पानी की रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए लोगों को यह सुनिश्चित किया है कि पानी बिलकुल साफ है.



रेडक्रॉस के चेयरमैन ने किया दौरा

पीलिया मामले में रेडक्रॉस के चेयरमैन और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदितेश्वर शरण सिंहदेव नमनाकला क्षेत्र में पहुंचे वहां वार्ड वासियों ने गंदे पानी की शिकायत की. इस दौरान उन्होंने कहा की ये गंभीर मसला है, ये आरोप लगाने का वक्त नहीं है, अगर समस्या है, कहीं कमी है तो उसे दूर करके समाधान के ओर बढ़ना चाहिए. नगर निगम में जल विभाग के सभापति जितेंद्र सोनी ने वाटर रिपोर्ट सार्वजानिक करते हुए शहर वासियों को आश्वस्त किया है कि पानी बिलकुल साफ है, पानी की वजह से पीलिया का फैलाव नहीं हुआ है.

Jaundice controlled in Ambikapur
अंबिकापुर में पीलिया हुआ कंट्रोल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
अंबिकापुर में पीलिया हुआ कंट्रोल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जिस क्षेत्र में पीलिया की बात आई वहां काफी गंदगी का आलम था, गली गली में लोगों के घरों में पोल्ट्री फार्म और मटन दुकानें संचालित थी, जब हम लोग वहां गए तो मोहल्ले वासियों ने शिकायत की, जिसके बाद निगम की टीम ने वहां सफाई अभियान चलाया और अवैध रूप से संचालित सभी पोल्ट्रीफार्म और मटन दुकानें भी बंद कराई गई हैं- आदितेश्वर शरण सिंहदेव, चेयरमैन रेडक्रॉस

water report came negative
मौतों की वजह पीलिया नहीं होने का दावा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

संदिग्ध घरों के चिन्हांकन के बाद परीक्षण


इस गंभीर विषय में प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट कि है, जिसमें नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने बताया कि मोमिनपुरा में 40-45 पीलिया के मरीज होने की सूचना के तत्काल बाद अंबिकापुर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग से जानकारी प्राप्त की गई. तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण संदिग्ध घरों का चिन्हांकन किया.

23 फरवरी और 24 फरवरी को कुल 35 पानी के सैंपल एकत्रित कर अंबिकापुर शासकीय मेडिकल कॉलेज में ई-कोलाई बैक्टीरिया की जांच के लिए भेजा गया. इसमें केवल एक सैंपल में बैक्टीरिया की मात्रा एक्सप्टेबल रेंज से ऊपर पायी गयी. शेष 34 निर्धारित रेंज के भीतर एवं सुरक्षित पायी गयी. निगम द्वारा प्रभावित इलाकों से सैंपल जांच के लिए पीएचई के एनएबीएल लैब सूरजपुर और राज्य स्तरीय लैब रायपुर में परीक्षण के लिए भेजा गया है, सूरजपुर की रिपोर्ट भी सामान्य है जबकि रायपुर की रिपोर्ट अभी अप्राप्त है- डीएन कश्यप, नगर निगम आयुक्त




स्वास्थ्य शिविर लगाकर लिए गए ब्लड सैंपल

आयुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 23 फरवरी को प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 47 संदिग्ध पुरूषों एवं महिलाओं के ब्लड सैंपल लेकर पीलिया की जांच की गई. जांच के बाद केवल एक व्यक्ति में पीलिया के लक्षण पाये गये. अगले दिन 24 फरवरी को भी प्रभावित क्षेत्रों से 32 ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं. खटिकपारा में 13 साल का लड़का और जनपदपारा में 40 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु वजह भी पीलिया नहीं थी. इस बारे में स्वास्थ्य विभाग से सम्पर्क किया गया, जिसमें ये जानकारी मिली कि इन दोनों की मृत्यु अन्य बीमारियों के कारण हुई है.


प्रशासन ने पीलिया फैलने की बात को नकारा

बहरहाल जिला प्रशासन, नगर निगम और जल विभाग एक सभापति सभी ने पीलिया के फैलाव की स्थिति को पूरी तरह नकार दिया है, अच्छी खबर ये है कि पानी के सभी सैंपल की रिपोर्ट सही आई है. शहर के लोग राहत की सांस ले सकते हैं, जिस लेकिन यहां पर स्वास्थ्य विभाग संदेह के दायरे में है, क्योंकि पहले 42 पीलिया मरीजों की बात की गई. फिर बताया गया सभी अब स्वस्थ हो चुके हैं. शिविर लगाकर जांच की गई तो 47 में सिर्फ एक पीलिया पीड़ित सामने आया.

इसके बाद दो मौतों पर भी स्वास्थ्य विभाग ने ही पीलिया बताया और बाद में डेथ रिव्यू करके यह बताया गया कि दोनों मौत की वजह पीलिया नहीं थी. आंकड़ों के खेल और सियासी बयानों के बीच फिलहाल इस मसले पर विराम लगता दिख रहा है, क्योंकि शहर में लोग सिर्फ इस बात से चिंतित थे कि इनके घर तक पहुंचने वाला पानी साफ है या नहीं. अब ये साफ हो चुका है कि लोगों को जो पानी मिल रहा है वो साफ है.


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