करनाल में जसविंदर हत्याकांड, पांच के खिलाफ मामला दर्ज, 2 आरोपी गिरफ्तार
करनाल के गांव कुचपुरा हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया है.

Published : July 7, 2026 at 8:06 PM IST
करनालः जिले के निसिंग क्षेत्र के गांव कुचपुरा में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के पिता ऋषिपाल और भाई सागर को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है. हालांकि हत्या का मुख्य आरोपी मुनीश अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है.
पुलिस की कार्रवाई तेज, फरार आरोपी की तलाश जारी: हत्या के मामले में जांच कर रही निसिंग थाना पुलिस ने बीती रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मुख्य आरोपी के पिता ऋषिपाल और भाई सागर को गिरफ्तार कर लिया. दोनों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने एक दिन का रिमांड हासिल किया. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए पूछताछ जारी है.
क्या बोले पुलिस अधिकारीः जांच अधिकारी अजय कुमार के अनुसार हत्या का मुख्य आरोपी मुनीश अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और पुलिस टीमें सक्रिय रूप से तलाश में जुटी हुई हैं.
बहन की पुकार सुनकर निकला था भाई, रास्ते में हुआ खूनी हमला: मृतक 28 वर्षीय जसविंदर रायसन गांव का रहने वाला था. परिवार के अनुसार उसकी बहन मंजू ने फोन कर बताया था कि "ससुराल में उसके साथ मारपीट की गई है और उसे तत्काल मदद की जरूरत है." बहन की आवाज में दर्द और डर सुनकर जसविंदर अपने भाइयों के साथ कुचपुरा गांव की ओर रवाना हो गया.
गांव के बाहर जसविंदर पर हुआ था हमलाः लेकिन गांव के बाहरी इलाके में पहुंचते ही कथित तौर पर मुनीश और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया. आरोप है कि इसी दौरान जसविंदर पर जानलेवा हमला किया गया. गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
एक साल पहले हुई थी शादी, दहेज प्रताड़ना के आरोप: परिजनों के मुताबिक मंजू की शादी करीब एक वर्ष पहले कुचपुरा निवासी मुनीश के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही उसे दहेज की मांग को लेकर परेशान किया जा रहा था. परिवार का आरोप है कि उसके साथ कई बार मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. परिजनों का कहना है कि "घटना वाले दिन भी मंजू को प्रताड़ित किया गया, जिसके बाद उसने अपने भाई को फोन कर मदद मांगी थी. परिवार इस पूरे घटनाक्रम को दहेज प्रताड़ना और सुनियोजित साजिश से जोड़कर देख रहा है.
20 लाख रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी के आरोप: मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मंजू के गहने छीन लिए गए थे और उसे कमरे में बंद रखा जाता था. इतना ही नहीं, उसकी गर्दन पर चाकू रखकर 20 लाख रुपये लाने का दबाव भी बनाया गया. परिवार का आरोप है कि लगातार बढ़ते अत्याचारों से परेशान होकर मंजू ने अपने भाई को मदद के लिए बुलाया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि बहन की रक्षा के लिए निकला भाई खुद मौत का शिकार हो जाएगा.
रोते हुए बहन ने सुनाई प्रताड़ना की कहानी: मृतक की बहन मंजू ने आरोप लगाया कि "ससुराल पक्ष के कई सदस्य उसके साथ मारपीट करते थे. उसने कहा कि "उसका ससुर और देवर अक्सर शराब पीकर गाली-गलौज करते थे और यह रोजमर्रा की बात बन चुकी थी. मंजू ने प्रशासन से इंसाफ की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है."
5 के खिलाफ मामला दर्ज, 2 आरोपी गिरफ्तारः फिलहाल पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है, जबकि मुख्य आरोपी मुनीश अब भी फरार है. पूरे इलाके में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस मुख्य आरोपी को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और जसविंदर को न्याय कब मिलता है.

