बिहार में आकर्षण का केंद्र बना जापानी मियाजाकी आम, देखने उमड़ रही लोगों की भीड़
बड़ी संख्या लोग में इस आम को देखने के लिए पहुंच रहे हैं. यह मियाजाकी आम जापान की दुर्लभ महंगी प्रजातियों में से एक है.

Published : June 11, 2026 at 6:44 PM IST
प.चंपारण: बिहार के प.चंपारण स्थित बगहा नगर की पूर्व सभापति जरीना खातून के आवास पर इन दिनों एक विशेष किस्म का विदेशी आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. बताया जा रहा है कि यह जापान की प्रसिद्ध प्रजाति मियाजाकी आम है. जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाती है.
बड़ी संख्या लोग में आम देखने पहुंच रहे: जरीना खातून के आवास में इन दिनों बड़ी संख्या लोग में इस दुर्लभ आम को देखने के लिए रोजाना उनके आवास पर पहुंच रहे हैं. वहीं पूर्व सभापति के प्रतिनिधि व अधिवक्ता फिरोज आलम ने बताया कि यह आम जापान की अत्यंत दुर्लभ और महंगी प्रजातियों में से एक है.
दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिनती: फिरोज आलम ने कहा कि इसकी विशेषता इसका आकर्षक लाल रंग बेहतरीन स्वाद और उच्च गुणवत्ता है.अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 2.50 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है, जिसके कारण यह दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है.
3 से साढ़े 3 लाख रुपये प्रति किलो कीमत: वहीं बगहा निवासी दिनेश अग्रवाल ने बताया कि विदेश यात्राओं के दौरान उन्होंने इस आम के बारे में जानकारी प्राप्त की थी. उन्होंने कहा कि कई देशों में इसकी कीमत 3 लाख से साढ़े 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक देखी गई है. यही कारण है कि जब लोगों को इसके बगहा में होने की जानकारी मिली तो इसे देखने की उत्सुकता बढ़ गई.
"कई बार विदेश यात्राओं के दौरान मियाजाकी आम के बारे में सुना था, जब जानकारी मिली की बगहा में भी ये आम है तो इसे देखने की उत्सुकता बढ़ गई. इसलिए यहां चले आए हैं." - दिनेश अग्रवाल, स्थानीय निवासी
तस्वीरें भी खिंचवा रहे लोग: स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार इतनी महंगी और दुर्लभ प्रजाति के आम को नजदीक से देखा है. आम की चर्चा पूरे नगर में हो रही है और लोग इसके बारे में जानने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं. कई लोग इसके साथ तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं.
जापान के मियाजाकी प्रांत में उगता है आम: जानकारों के अनुसार मियाजाकी आम जापान के मियाजाकी प्रांत में विशेष तकनीक और अनुकूल जलवायु में तैयार किया जाता है. इसका वजन, इसकी मिठास और गुणवत्ता इसे अन्य आमों से अलग बनाती है.
| मियाजाकी आम की खासियत |
| रंग गहरा लाल बैंगनी होता है, इसलिए इसे Eggs of the Sunभी कहा जाता है |
| अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है |
| इसे उच्च तापमान भरपूर धूप और विशेष देखभाल की जरूरत होती है |
| स्वाद बहुत मीठा और शर्करा की मात्रा सामान्य आमों से अधिक मानी जाती है |
| खेती के लिए आवश्यक परिस्थितियां |
| तापमान 24°C से 35°C |
| भरपूर धूप |
| अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी |
| मिट्टी का pH स्तर लगभग 5.5 से 7.5 |
| जलभराव बिल्कुल नहीं होना चाहिए |
खेती के प्रयोग और उत्पादन शुरू: अब भारत के कई राज्यों में भी मियाजाकी आम की खेती के प्रयोग और उत्पादन शुरू हो चुके हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक इसका ग्राफ्टेड कलमी पौधा सामान्यत 3 से 4 सालों में फल देना शुरू कर सकता है. अच्छी देखभाल पर फल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है.
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