रोहिणी नक्षत्र के संयोग से इस बार खास है जन्माष्टमी पर्व, हर जगह कान्हा की गूंज, भक्ति का माहौल
मंदिरों की सजावट, झांकियां और भजन-कीर्तन होंगे. रात 12 बजे का जन्मोत्सव होगा खास.

Published : September 3, 2026 at 12:41 PM IST
बीकानेर: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव 'जन्माष्टमी' को लेकर धार्मिक उत्साह का माहौल बनने लगा है. भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था. इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर शुक्रवार को है. शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों सहित विभिन्न मंदिरों और घरों में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं. साफ-सफाई और सजावट के साथ भगवान की आकर्षक झांकियां सजाने की तैयारी है. बाजारों में कान्हा की पोशाक, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, झूले और पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए आवाजाही बढ़ने लगी है.
पंचांगकर्ता पंडित राजेंद्र किराडू ने बताया कि श्रद्धालु दिनभर व्रत-उपवास रखकर पूजा-अर्चना करेंगे. शाम होते ही मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे. विशेष रूप से बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया जाएगा, नए वस्त्र, मुकुट और आभूषण पहनाकर आकर्षक झूलों में विराजमान किया जाएगा.

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रात 12 बजे होगा कृष्ण जन्मोत्सव: जन्म के समय रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना होगी. शंख और घंटियों की गूंज के बीच जन्मोत्सव मनाया जाएगा. आरती के बाद प्रसाद वितरित होगा. कई मंदिरों में पंचामृत से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार होगा. मान्यता अनुसार भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था. हर वर्ष श्रद्धा और उल्लास से यह पर्व मनाया जाता है. विशेष रूप से बाल स्वरूप की पूजा होती है. किराडू ने बताया कि श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में हुआ था, ऐसे में अष्टमी के साथ रोहिणी नक्षत्र के संयोग को विशेष माना जा रहा है. श्रद्धालु विशेष पूजा, व्रत और भक्ति से आशीर्वाद की कामना करेंगे.

बाजारों में बढ़ी खरीदारी: जन्माष्टमी नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है. दुकानों पर लड्डू गोपाल के लिए रंग-बिरंगी पोशाकें, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, झूले और सजावटी सामान है. छोटे बच्चों के लिए राधा-कृष्ण वेशभूषा की खरीदारी हो रही है. घर-घर में लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर झांकी सजाई जाएगी, कई परिवारों में रात 12 बजे जन्मोत्सव के बाद प्रसाद बंटेगा.
मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन : विभिन्न कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन की तैयारियां हैं. भजन-कीर्तन, कृष्ण लीला, झांकियों और विशेष श्रृंगार से जन्मोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा, देर रात तक भीड़ रहने की संभावना है. बच्चों और युवाओं में भी उत्साह है. कई स्थानों पर राधा-कृष्ण वेशभूषा में बच्चों को सजाकर कार्यक्रम होंगे. श्रद्धालु माखन-मिश्री, पंचामृत, फल और मिष्ठान का भोग लगाकर पूजा करेंगे. कुल मिलाकर बीकानेर में भक्ति और उत्साह का माहौल है. मंदिरों की सजावट, झांकियां और भजन-कीर्तन होंगे. रात 12 बजे का जन्मोत्सव पर्व को खास बनाएगा.

