जांजगीर-चांपा में मरे हुए लोगों का फर्जी श्रमिक पंजीयन, राशि भी निकाली गई, जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने की शिकायत
जांजगीर-चाम्पा में आर्थिक मदद के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. श्रम विभाग के अधिकारियों और दलाल की मिलीभगत से फर्जी पंजीयन हो रहे.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 2, 2026 at 8:42 PM IST
जांजगीर-चांपा: जिले में श्रम विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. आरोप है कि सात माह पहले मृत हो चुकी महिला का फर्जी श्रमिक पंजीयन कर उसे योजना का लाभ दिलाया गया. इस मामले को जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने उजागर किया है. साथ ही कहा कि ऐसे कई केस हैं और लंबे समय से ये चला आ रहा है, इस पर कार्रवाई होनी चाहिए.
मृत महिला का कराया गया फर्जी पंजीयन
भारतीय जनता पार्टी समर्थित जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है. उनके अनुसार बिर्रा थाना क्षेत्र की रहने वाली सुमन बाई पटेल की मृत्यु 27 नवंबर 2024 को हो चुकी थी. इसके बावजूद 4 दिसंबर 2024 को श्रम विभाग में उसका श्रमिक पंजीयन कराया गया. 9 दिसंबर 2024 को पंजीयन स्वीकृत भी कर दिया गया. बाद में 2 जून 2025 को फिर से मृत्यु घोषित की गई और 17 जुलाई 2025 को एक लाख रुपये की सहायता राशि खाते में जमा कर दी गई.

एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी
आरोप है कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर मृत महिला के नाम पर एक लाख रुपये जारी किए गए. जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे मामले में श्रम विभाग के इंस्पेक्टर से लेकर जिला श्रम अधिकारी तक की भूमिका संदिग्ध है और दलालों की मिलीभगत से शासन की योजना का दुरुपयोग किया गया है.
यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. फर्जी हितग्राहियों से राशि वसूलने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की कार्रवाई होनी चाहिए- गगन जयपुरिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष
जांच और कार्रवाई की मांग
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कलेक्टर को दस्तावेज सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शासन को लगातार आर्थिक नुकसान होता रहेगा.

