बिहार रेल हादसा, 67 घंटे बाद सिमुलतला-जसीडीह के बीच परिचालन शुरू
जमुई रेल हादसा के 67 घंटे बाद सिमुलतला-जसीडीह के बीच परिचालन शुरू हो गया है. शनिवार को हादसे के बाद से परिचालन बाधित था.

Published : December 31, 2025 at 7:55 AM IST
जमुई: बिहार के जमुई में ट्रेन हादसे के 67 घंटे के बाद डाउन लाइन पर रेल परिचालन शुरू कर दिया गया है. रेल अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंगलवार शाम 5 से 6 बजे के बीच डाउन लाइन से मालगाड़ी को चलाया गया है. कुछ समय बाद अप लाइन पर भी गाड़ी चलने की संभावना है.
शनिवार को हुआ हादसा: शनिवार रात 11 से 12 बजे के बीच सिमुलतला और जसीडीह के बीच टेलवा हॉल्ट रेलवे स्टेशन के बगल में बरूआ नदी पर बने रेलवे ब्रिज पर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. हादसा इतना भयानक था कि मालगाड़ी के कुछ डिब्बे पूल से नीचे नदी में जा गिरे. साथ ही लगभग आधा दर्जन बोगी पूल से नीचे नदी के तरफ लटक गई. अन्य बोगी अप और डाउन लाइन पर ब्रिज के उपर ही फंस गई. रेल लाइन की पटरियां भी उखड़ गई थी.
कोई हताहत नहीं: हालांकि राहत की बात रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. मालगाड़ी होने के कारण इसमें कोई यात्री सवार नहीं था, इससे बड़ा नुकसान टल गया. हालांकि घटना क्यों हुई, इसके बारे में अब तक खुलासा नहीं हो सका.
परिचालन ठप पड़ा था: घटना के बाद दर्जनों ट्रेनों के परिचालन को रद्द करना पड़ा. कई दर्जनों ट्रेन के रूट को डाईभर्ट करना पड़ा. पटना-हावडा मुख्य रेल मार्ग पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी.
तीन दिनों तक राहत कार्य: घटना के बाद रेलवे के बड़े अधिकारी जीएम, डीआरएम खुद कैंप किऐ हुऐ थे. सैंकड़ो रेलकर्मी इंजीनियर को लगाया गया था. ब्रिज पर लाइट की व्यवस्था की गई थी ताकि दिन रात काम किया जा सके. करीब तीन दिनों तक का समय बोगियों को हटाने में लग गया.

बुधवार से सुचारू रूप से परिचालन शुरू: जमुई स्टेशन मास्टर नीतीश कुमार के अनुसार पहली मालगाड़ी को शाम 5.50 में डाउन प्लेटफार्म पर चलाया गया है. जल्द ही अप लाइन पर भी ट्रेन को चलाकर पूरी तरह से जांच पड़ताल कर लिया जाएगा. बुधवार से सुचारू रूप से अप और डाउन दोनों लाइन पर ट्रेने चलाई जाएगी.
कोई हताहत नहीं: राहत की बात यह है कि इस भीषण हादसे में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है. मालगाड़ी होने के कारण इसमें कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान टल गया.
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