हिमाचल में जल शक्ति विभाग का बड़ा अभियान, 140 करोड़ की 45 योजनाएं हुईं शुरू, लाखों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
जलशक्ति विभाग ने 140 करोड़ की 45 योजनाएं चालू की हैं. 140 करोड़ रुपये व्यय कर 45 योजनाओं को ृक्रियाशील बना दिया गया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 23, 2026 at 7:55 PM IST
शिमला: हिमाचल में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जल शक्ति विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. विभाग ने करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से 45 योजनाओं को क्रियाशील कर दिया है, जबकि बिजली आपूर्ति और उपकरणों से जुड़े कार्यों को पूरा कर 134 योजनाओं को भी संचालन के लिए तैयार किया गया है. जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर घर और हर खेत तक जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
विभाग की तेज़ कार्यप्रणाली और समयबद्ध क्रियान्वयन के चलते जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है. सोमवार देर शाम आयोजित पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि विभाग के सतत् प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में 66.52 करोड़ रुपये खर्च कर 134 योजनाओं में बिजली आपूर्ति और उपकरणों से संबंधित कार्य पूरे किए जा चुके हैं. इसके अलावा लगभग 140 करोड़ रुपये व्यय कर 45 योजनाओं को पूरी तरह क्रियाशील बना दिया गया है. इन योजनाओं के शुरू होने से प्रदेश की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा.
अगले 10 दिनों में शुरू होगी इतनी योजनाएं
जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि जिन 89 योजनाओं में बिजली आपूर्ति का कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें भी अगले 10 दिनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि विभाग जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित रणनीतियों को प्राथमिकता दे रहा है. वहीं, इस बैठक में विभाग की वित्तीय और प्रशासनिक उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से प्रस्तुत उपयोगिता प्रमाण पत्रों (यूसी) की संख्या में 201 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. राज्य में 119 करोड़ रुपये की 388 योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं. प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन के कारण प्रदेश में लंबित योजनाओं की प्रतिशतता 54.25 प्रतिशत तक घट गई है.
निष्क्रिय योजनाओं को लेकर ये निर्णय
डॉ. जैन ने कहा कि प्रदेश में वर्षों से निष्क्रिय पड़ी योजनाओं को पुनः शुरू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. इसके तहत अगले चार महीनों में 62 योजनाओं को क्रियाशील किया जाएगा. विभाग ने जून में 30, जुलाई में 13, अगस्त में 10 और सितंबर में 9 योजनाएं शुरू करने का लक्ष्य तय किया है. वहीं, लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए विभाग ने बिजली बोर्ड को 48.89 करोड़ रुपये जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि हर 15 दिन में पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, ताकि सभी योजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो सकें.

